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Fatehabad News: 56 बैटरियां फूलीं, कंपनी का बदलने से इन्कार, 6 दिन से काम बंद
Mon, 16 Jun 2025 11:32 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Mon, 16 Jun 2025 11:32 PM IST
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फतेहाबाद के नागरिक अस्पताल में पर्ची कटवाने के लिए लगी भीड़संवाद
फतेहाबाद। नागरिक अस्पताल में ई-उपचार सर्वर 6 दिन बाद भी शुरू नहीं हो पाया है। कारण कंपनी ने 56 फूली बैटरियां बदलने से इन्कार कर दिया है। जिस कारण यह अब पूरी तरह से बंद हो गया है। सोमवार को भी ई-उपचार सर्वर पूरी तरह से बंद रहा। कर्मचारियों को मैनुअल ओपीडी पर्ची काटनी पड़ी।
पर्ची काटने के लिए कर्मचारियों को मशक्कत करनी पड़ रही है। उन्हें रजिस्टर में रिकॉर्ड दर्ज करना पड़ रहा है। सोमवार को करीब 950 मरीजों की ओपीडी दर्ज हुई। ई-उपचार सर्वर पर लगी खराब हुईं बैटरियां हटाने का काम शुरू किया गया। सर्वर पर लगी 56 बैटरियां खराब हुई हैं। अधिकारियों की माने तो ये बैटरियां तीन माह पहले ही लगाई गई थी और अब ये फूल गई हैं। वहीं कंपनी ने भी इन फूली हुईं बैटरियों को बदलने से इन्कार कर दिया है।
बता दें कि स्वास्थ्य विभाग ने लोक निर्माण विभाग के माध्यम से बैटरियां लगवाई थी। बताया जा रहा है कि करीब तीन लाख रुपये इन बैटरियों पर खर्च हुए थे। अब नई बैटरियों को लेकर संशय बना हुआ है। वजह ये है कि अस्पताल प्रशासन सीधा बिजली सप्लाई पर ई उपचार सर्वर को नहीं चलाना चाहता है, यूपीएस के जरिए चलाने के लिए बैटरियों की जरूरत है।
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मरीजों का रिकॉर्ड नहीं हो पा रहा दर्ज
स्वास्थ्य विभाग ने मरीजों की सुविधा के लिए ई उपचार सर्वर शुरू किया। पोर्टल पर मरीज के पंजीकरण से लेकर टेस्ट, सैंपल रिपोर्ट, डॉक्टर का परामर्श और दवाइयों का रिकॉर्ड भी दर्ज होता है। लेकिन हालात ये है कि मरीज का रिकॉर्ड दर्ज ऑनलाइन दर्ज नहीं हो पा रहा है। डॉक्टरों को भी एक्स-रे संबंधित रिपोर्ट मोबाइल फोन पर देखनी पड़ रही है।
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ई-उपचार सर्वर को जांचने के इंजीनियर आए थे। जांच में सामने आया है कि यूपीएस में दिक्कत है। इसकी वजह से बैटरियों में दिक्कत आई है। बैटरियों को बदलने के लिए लोक निर्माण विभाग के साथ पत्राचार किया गया है।
- डॉ. बुधराम, एसएमओ, नागरिक अस्पताल, फतेहाबाद।
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पर्ची काटने के लिए कर्मचारियों को मशक्कत करनी पड़ रही है। उन्हें रजिस्टर में रिकॉर्ड दर्ज करना पड़ रहा है। सोमवार को करीब 950 मरीजों की ओपीडी दर्ज हुई। ई-उपचार सर्वर पर लगी खराब हुईं बैटरियां हटाने का काम शुरू किया गया। सर्वर पर लगी 56 बैटरियां खराब हुई हैं। अधिकारियों की माने तो ये बैटरियां तीन माह पहले ही लगाई गई थी और अब ये फूल गई हैं। वहीं कंपनी ने भी इन फूली हुईं बैटरियों को बदलने से इन्कार कर दिया है।
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बता दें कि स्वास्थ्य विभाग ने लोक निर्माण विभाग के माध्यम से बैटरियां लगवाई थी। बताया जा रहा है कि करीब तीन लाख रुपये इन बैटरियों पर खर्च हुए थे। अब नई बैटरियों को लेकर संशय बना हुआ है। वजह ये है कि अस्पताल प्रशासन सीधा बिजली सप्लाई पर ई उपचार सर्वर को नहीं चलाना चाहता है, यूपीएस के जरिए चलाने के लिए बैटरियों की जरूरत है।
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मरीजों का रिकॉर्ड नहीं हो पा रहा दर्ज
स्वास्थ्य विभाग ने मरीजों की सुविधा के लिए ई उपचार सर्वर शुरू किया। पोर्टल पर मरीज के पंजीकरण से लेकर टेस्ट, सैंपल रिपोर्ट, डॉक्टर का परामर्श और दवाइयों का रिकॉर्ड भी दर्ज होता है। लेकिन हालात ये है कि मरीज का रिकॉर्ड दर्ज ऑनलाइन दर्ज नहीं हो पा रहा है। डॉक्टरों को भी एक्स-रे संबंधित रिपोर्ट मोबाइल फोन पर देखनी पड़ रही है।
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ई-उपचार सर्वर को जांचने के इंजीनियर आए थे। जांच में सामने आया है कि यूपीएस में दिक्कत है। इसकी वजह से बैटरियों में दिक्कत आई है। बैटरियों को बदलने के लिए लोक निर्माण विभाग के साथ पत्राचार किया गया है।
- डॉ. बुधराम, एसएमओ, नागरिक अस्पताल, फतेहाबाद।