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Fatehabad News: शिविर में 550 गर्भवती की जांच, 120 हाई रिस्क चिह्नित की गईं
Fri, 10 Apr 2026 10:55 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Fri, 10 Apr 2026 10:55 PM IST
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फतेहाबाद के नागरिक अस्पताल में शिविर में रजिस्ट्रेशन करवाती हुई गर्भवती संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
फतेहाबाद। जिले में प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत नागरिक अस्पताल और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में स्वास्थ्य शिविर लगाए गए। इन शिविरों में करीब 550 गर्भवती महिलाओं की जांच कर 120 हाई रिस्क प्रेगनेंसी की पहचान की गई।
उप सिविल सर्जन डॉ. भरत सहारण ने बताया कि शिविरों में गर्भवती जांच के लिए पहुंचीं। महिला रोग विशेषज्ञ की टीम ने महिलाओं का ब्लड प्रेशर, हीमोग्लोबिन, शुगर सहित अन्य जरूरी जांच कीं। इस दौरान जिन महिलाओं में किसी प्रकार की जटिलता या जोखिम के संकेत मिले उन्हें हाई रिस्क श्रेणी में चिन्हित कर आगे की विशेष निगरानी और उपचार के लिए निर्देशित किया गया।
शिविर के दौरान चिकित्सकों ने गर्भवती महिलाओं को संतुलित आहार लेने, नियमित स्वास्थ्य जांच करवाने और डॉक्टर की सलाह के अनुसार दवाइयों का सेवन करने के प्रति जागरूक किया। इसके अलावा सुरक्षित प्रसव, टीकाकरण और नवजात शिशु की देखभाल से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी भी साझा की गई।
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सिविल सर्जन डॉ. बुधराम ने बताया कि प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत हर माह की 9, 10, 23 और माह के अंतिम दिन ऐसे शिविर आयोजित किए जाते हैं। इनका उद्देश्य गर्भावस्था के दौरान संभावित जटिलताओं की समय रहते पहचान कर मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाना है। गर्भवती से अपील की है कि वे इन शिविरों का अधिक से अधिक लाभ उठाएं और समय-समय पर अपनी जांच कराकर स्वस्थ मातृत्व की दिशा में कदम बढ़ाएं।
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फतेहाबाद। जिले में प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत नागरिक अस्पताल और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में स्वास्थ्य शिविर लगाए गए। इन शिविरों में करीब 550 गर्भवती महिलाओं की जांच कर 120 हाई रिस्क प्रेगनेंसी की पहचान की गई।
उप सिविल सर्जन डॉ. भरत सहारण ने बताया कि शिविरों में गर्भवती जांच के लिए पहुंचीं। महिला रोग विशेषज्ञ की टीम ने महिलाओं का ब्लड प्रेशर, हीमोग्लोबिन, शुगर सहित अन्य जरूरी जांच कीं। इस दौरान जिन महिलाओं में किसी प्रकार की जटिलता या जोखिम के संकेत मिले उन्हें हाई रिस्क श्रेणी में चिन्हित कर आगे की विशेष निगरानी और उपचार के लिए निर्देशित किया गया।
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शिविर के दौरान चिकित्सकों ने गर्भवती महिलाओं को संतुलित आहार लेने, नियमित स्वास्थ्य जांच करवाने और डॉक्टर की सलाह के अनुसार दवाइयों का सेवन करने के प्रति जागरूक किया। इसके अलावा सुरक्षित प्रसव, टीकाकरण और नवजात शिशु की देखभाल से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी भी साझा की गई।
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सिविल सर्जन डॉ. बुधराम ने बताया कि प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत हर माह की 9, 10, 23 और माह के अंतिम दिन ऐसे शिविर आयोजित किए जाते हैं। इनका उद्देश्य गर्भावस्था के दौरान संभावित जटिलताओं की समय रहते पहचान कर मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाना है। गर्भवती से अपील की है कि वे इन शिविरों का अधिक से अधिक लाभ उठाएं और समय-समय पर अपनी जांच कराकर स्वस्थ मातृत्व की दिशा में कदम बढ़ाएं।