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हड़ताली एनएचएम कर्मचारियों का आंदोलन जारी, बर्खास्तगी पर संशय बरकरार
Updated Sun, 10 Dec 2017 11:22 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
फतेहाबाद । पिछले पांच दिन से अपनी मांगों को लेकर हड़ताल पर बैठे एनएचएम कर्मचारियों का धरना रविवार भी जारी रहा। हालांकि किसी एनएचएम कर्मचारी ने रविवार को अपनी डयूटी ज्वाइन नहीं की जिसके चलते उनकी बर्खास्तगी पर संशय बना रहा। दरअसल रविवार को एनएचएम कर्मचारी एसोसिएशन एवं प्रदेश सरकार के नुमांइदों के बाद बीच बातचीत का दौर जारी था जिसके चलते रविवार को सरकार की ओर से किसी कर्मचारी के बर्खास्तगी आदेश जारी नहीं हुए। अब माना जा रहा है कि सोमवार तक इस हड़ताल को समाप्त करवाया जा सकता है। हालांकि ऐसा ना होने की सूरत में हड़ताली कर्मचारियों की बर्खास्तगी का विकल्प भी सरकार ने खुला रखा है।
रविवार को सरकारी अस्पताल के बाहर धरने पर बैठे एनएचएम कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। इस मौके पर एनएचएम के कर्मचारियों ने सरकार को चेतावनी दी कि अगर उनकी मांगें ना मानी गई तो वे काम पर नहीं लौटेंगे। इस बीच स्वास्थ्य विभाग द्वारा एनएचएम कर्मचारियों को बर्खास्तगी के नोटिस वाली जो लिस्ट जारी की है उसमें एनएचएम कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष कौशल शर्मा, राज्य कार्यकारिणी सदस्य पुष्कर दहिया सहित कई अन्य पदाधिकारियों के नाम भी शामिल हैं। राज्य कार्यकारिणी सदस्य पुष्कर दहिया ने इस बारे में पूछे जाने पर कहा कि सरकार उन्हें दबाना चाहती है लेकिन वो लोग दबेंगे नहीं क्योंकि उनकी हिम्मत के सहारे प्रदेश के हजारों एनएचएम कर्मचारी अपने रोजगार को दांव पर लगा चुके हैं। दहिया ने कहा कि सरकार उनकी मांगें तुरंत माने क्योंकि यही कर्मचारी वास्तव में स्वास्थ्य विभाग की रीढ हैं और सबसे अधिक काम भी करते हैं।
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फतेहाबाद । पिछले पांच दिन से अपनी मांगों को लेकर हड़ताल पर बैठे एनएचएम कर्मचारियों का धरना रविवार भी जारी रहा। हालांकि किसी एनएचएम कर्मचारी ने रविवार को अपनी डयूटी ज्वाइन नहीं की जिसके चलते उनकी बर्खास्तगी पर संशय बना रहा। दरअसल रविवार को एनएचएम कर्मचारी एसोसिएशन एवं प्रदेश सरकार के नुमांइदों के बाद बीच बातचीत का दौर जारी था जिसके चलते रविवार को सरकार की ओर से किसी कर्मचारी के बर्खास्तगी आदेश जारी नहीं हुए। अब माना जा रहा है कि सोमवार तक इस हड़ताल को समाप्त करवाया जा सकता है। हालांकि ऐसा ना होने की सूरत में हड़ताली कर्मचारियों की बर्खास्तगी का विकल्प भी सरकार ने खुला रखा है।
रविवार को सरकारी अस्पताल के बाहर धरने पर बैठे एनएचएम कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। इस मौके पर एनएचएम के कर्मचारियों ने सरकार को चेतावनी दी कि अगर उनकी मांगें ना मानी गई तो वे काम पर नहीं लौटेंगे। इस बीच स्वास्थ्य विभाग द्वारा एनएचएम कर्मचारियों को बर्खास्तगी के नोटिस वाली जो लिस्ट जारी की है उसमें एनएचएम कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष कौशल शर्मा, राज्य कार्यकारिणी सदस्य पुष्कर दहिया सहित कई अन्य पदाधिकारियों के नाम भी शामिल हैं। राज्य कार्यकारिणी सदस्य पुष्कर दहिया ने इस बारे में पूछे जाने पर कहा कि सरकार उन्हें दबाना चाहती है लेकिन वो लोग दबेंगे नहीं क्योंकि उनकी हिम्मत के सहारे प्रदेश के हजारों एनएचएम कर्मचारी अपने रोजगार को दांव पर लगा चुके हैं। दहिया ने कहा कि सरकार उनकी मांगें तुरंत माने क्योंकि यही कर्मचारी वास्तव में स्वास्थ्य विभाग की रीढ हैं और सबसे अधिक काम भी करते हैं।
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