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फीका रहा इनेलो का जलयुद्ध, आंदोलन के लिए महज ढाई-तीन सौ कार्यकर्ता ही जुटा सका मुख्य विपक्षी दल
Updated Tue, 11 Jul 2017 01:23 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
फतेहाबाद/रतिया।
एसवाईएल के निर्माण की मांग को लेकर रतिया के गांव ब्राह्मणवाला में पंजाब बॉर्डर सील करने का इनेलो का ‘जलयुद्ध’ फीका रहा। रास्ता जाम करने के लिए महज ढाई-तीन सौ कार्यकर्ता ही वहां पहुंचे। इनेलो नेता एवं पार्टी पदाधिकारी भी कार्यकर्ताओं की कम हाजिरी से परेशान दिखे, वहीं सुरक्षा के लिहाज से तैनात पुलिसकर्मियों ने राहत महसूस की। इनेलो नेताओं ने जिस सड़क को जाम किया था, वहां दिनभर में एक भी चार पहिया वाहन नहीं आया। दरअसल, प्रशासन ने दोनों ओर के वाहनों को साथ लगते गांवों में नया रूट बनाकर डायवर्ट कर दिया था। पंजाब बॉर्डर पर पंजाब की बसों से उतारी गई सवारियों को जरूर पैदल चलकर गांव ब्राह्मणवाला तक पहुुंचना पड़ा। इस दौरान इनेलो कार्यकर्ताओं ने पंजाब से आ रहे लोगों को फूल देकर और हाथ जोड़कर पंजाब सरकार से एसवाईएल का पानी उपलब्ध कराने को कहने की अपील की। वहीं, पंजाब नंबर के कई दोपहिया वाहन जाम के लिए लगाई गई ट्राली के बगल से निकलने में कामयाब रहे।
दो-दो विधायकों के बावजूद कामचलाऊ रहा बॉर्डर सील करने का शो
इनेलो हाईकमान की ओर से पार्टी के किसान प्रकोष्ठ के प्रदेशाध्यक्ष पूर्व विधायक निशान सिंह एवं रतिया के विधायक रविंद्र बलियाला व फतेहाबाद के विधायक बलवान सिंह दौलतपुरिया को इस कार्यक्रम की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। इसके बावजूद पार्टी अपने गढ़ समझे जाने वाले रतिया के गांव ब्राह्मणवाला में भीड़ जुटाने में असफल रही। भाषण के दौरान पार्टी पदाधिकारी बार-बार सड़क पर खड़े कार्यकर्ताओं से धरनास्थल पर आकर बैठने की अपील करते रहे। नेता प्रतिपक्ष के भाषण के दौरान महज ढाई-तीन सौ के करीब कार्यकर्ता पंडाल में रह गए थे। हालांकि, नेता प्रतिपक्ष अभय चौटाला ने कम हाजिरी को लेकर कुछ टिप्पणी नहीं की, लेकिन जिस अंदाज में उन्होंने अपना भाषण महज पौने छह मिनट में खत्म किया, उससे अंदाजा लगाना सहज है थी कि अभय चौटाला कम हाजिरी से संतुष्ट नहीं थे।
सुरक्षा के रहे पुख्ता प्रबंध, चौकी के बाहर डटे रहे एसडीएम-डीएसपी
इनेलो की ओर से एलान किया गया था कि आंदोलन शांतिपूर्ण रहेगा। इस कारण प्रशासन की ओर से बाहर से सुरक्षाबल नहीं बुलाए गए थे। जिला पुलिस की तीन टुकड़ियां धरनास्थल के आसपास तैनात की गई थीं। डीएसपी रविंद्र तोमर व एसडीएम सतबीर जांगू सोमवार को धरनास्थल से पहले ब्राह्मणवाला चौकी के पास डटे रहे। विभिन्न गांवों के पास पांच नाके लगाए गए थे। इन नाकों पर तैनात पुलिसकर्मी प्रत्येक गाड़ी की चेकिंग करने के बाद ही आगे जाने की परमिशन दे रहे थे।
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बसों और वाहनों के रूट गांवों के रास्ते किए गए डायवर्ट
बॉर्डर सील के मद्देनजर पुलिस प्रशासन ने विभिन्न गांवों के रास्ते एक वैकल्पिक रास्ता तैयार कर रखा था। रतिया से बुढ़लाढा जाने वाले वाहनों को रतनगढ़, बलियाला व पिलछियां रूट से निकाला गया जबकि पंजाब के वाहन रियोंदकलां, भुंदड़वास होते हुए रतिया आए। इस दौरान पंजाब की कुछ निजी बसों ने जरूर अपनी सवारियां इनेलो के धरनास्थल से एक किलोमीटर पहले पंजाब बॉर्डर पर उतार दी। सवारियों को पैदल ब्राह्मणवाला गांव तक जाना पड़ा। प्रशासन की ओर से नायब तहसीलदार सुरेंद्र मेहता को ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किया गया था।
हैलीकॉप्टर को देखने उमड़े लोग
विधानसभा में विपक्ष के नेता अभय चौटाला सोमवार दोपहर को हैलीकॉप्टर की मदद से गांव ब्राह्मणवाला पहुंचे। गांव की अनाजमंडी में बने हैलीपैड पर उनका हैलीकॉप्टर उतरा। अभय चौटाला लगभग आधे घंटे तक गांव में रहे। इनेलो कार्यकर्ताओं को उन्होंने करीब छह मिनट संबोधित किया और सभी नेताओं से मिलकर ठीक 20 मिनट बाद वापस हैलीपेड पहुंच गए। वहां हैलीकॉप्टर तैयार ना होने के कारण अभय चौटाला को दस मिनट इंतजार करना पड़ा। इस दौरान नेता प्रतिपक्ष ने हैलीपेड पर पहुंचे लोगों से मुलाकात की और उनका हाल चाल पूछा।
फीका रहा इनेलो का ‘जलयुद्ध’, महज छह मिनट का भाषण दे चले गए अभय
आंदोलन के लिए महज ढाई-तीन सौ कार्यकर्ता जुटा सका मुख्य विपक्षी दल
दो-दो विधायक, एक पूर्व विधायक के बावजूद ब्राह्मणवाला में कामचलाऊ रहा पंजाब बॉर्डर सील करने का शो
सुरक्षा के पुख्ता रहे प्रबंध, सारा दिन ब्राह्मणवाला चौकी के पास डटे रहे डीएसपी-एसडीएम, लोगों को हुई परेशानी
इनेलो के धरने पर नहीं पहुंचा कोई वाहन, प्रशासन ने पहले ही गांवों से डायवर्ट कर दिया था रूट
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फतेहाबाद/रतिया।
एसवाईएल के निर्माण की मांग को लेकर रतिया के गांव ब्राह्मणवाला में पंजाब बॉर्डर सील करने का इनेलो का ‘जलयुद्ध’ फीका रहा। रास्ता जाम करने के लिए महज ढाई-तीन सौ कार्यकर्ता ही वहां पहुंचे। इनेलो नेता एवं पार्टी पदाधिकारी भी कार्यकर्ताओं की कम हाजिरी से परेशान दिखे, वहीं सुरक्षा के लिहाज से तैनात पुलिसकर्मियों ने राहत महसूस की। इनेलो नेताओं ने जिस सड़क को जाम किया था, वहां दिनभर में एक भी चार पहिया वाहन नहीं आया। दरअसल, प्रशासन ने दोनों ओर के वाहनों को साथ लगते गांवों में नया रूट बनाकर डायवर्ट कर दिया था। पंजाब बॉर्डर पर पंजाब की बसों से उतारी गई सवारियों को जरूर पैदल चलकर गांव ब्राह्मणवाला तक पहुुंचना पड़ा। इस दौरान इनेलो कार्यकर्ताओं ने पंजाब से आ रहे लोगों को फूल देकर और हाथ जोड़कर पंजाब सरकार से एसवाईएल का पानी उपलब्ध कराने को कहने की अपील की। वहीं, पंजाब नंबर के कई दोपहिया वाहन जाम के लिए लगाई गई ट्राली के बगल से निकलने में कामयाब रहे।
दो-दो विधायकों के बावजूद कामचलाऊ रहा बॉर्डर सील करने का शो
इनेलो हाईकमान की ओर से पार्टी के किसान प्रकोष्ठ के प्रदेशाध्यक्ष पूर्व विधायक निशान सिंह एवं रतिया के विधायक रविंद्र बलियाला व फतेहाबाद के विधायक बलवान सिंह दौलतपुरिया को इस कार्यक्रम की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। इसके बावजूद पार्टी अपने गढ़ समझे जाने वाले रतिया के गांव ब्राह्मणवाला में भीड़ जुटाने में असफल रही। भाषण के दौरान पार्टी पदाधिकारी बार-बार सड़क पर खड़े कार्यकर्ताओं से धरनास्थल पर आकर बैठने की अपील करते रहे। नेता प्रतिपक्ष के भाषण के दौरान महज ढाई-तीन सौ के करीब कार्यकर्ता पंडाल में रह गए थे। हालांकि, नेता प्रतिपक्ष अभय चौटाला ने कम हाजिरी को लेकर कुछ टिप्पणी नहीं की, लेकिन जिस अंदाज में उन्होंने अपना भाषण महज पौने छह मिनट में खत्म किया, उससे अंदाजा लगाना सहज है थी कि अभय चौटाला कम हाजिरी से संतुष्ट नहीं थे।
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सुरक्षा के रहे पुख्ता प्रबंध, चौकी के बाहर डटे रहे एसडीएम-डीएसपी
इनेलो की ओर से एलान किया गया था कि आंदोलन शांतिपूर्ण रहेगा। इस कारण प्रशासन की ओर से बाहर से सुरक्षाबल नहीं बुलाए गए थे। जिला पुलिस की तीन टुकड़ियां धरनास्थल के आसपास तैनात की गई थीं। डीएसपी रविंद्र तोमर व एसडीएम सतबीर जांगू सोमवार को धरनास्थल से पहले ब्राह्मणवाला चौकी के पास डटे रहे। विभिन्न गांवों के पास पांच नाके लगाए गए थे। इन नाकों पर तैनात पुलिसकर्मी प्रत्येक गाड़ी की चेकिंग करने के बाद ही आगे जाने की परमिशन दे रहे थे।
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बसों और वाहनों के रूट गांवों के रास्ते किए गए डायवर्ट
बॉर्डर सील के मद्देनजर पुलिस प्रशासन ने विभिन्न गांवों के रास्ते एक वैकल्पिक रास्ता तैयार कर रखा था। रतिया से बुढ़लाढा जाने वाले वाहनों को रतनगढ़, बलियाला व पिलछियां रूट से निकाला गया जबकि पंजाब के वाहन रियोंदकलां, भुंदड़वास होते हुए रतिया आए। इस दौरान पंजाब की कुछ निजी बसों ने जरूर अपनी सवारियां इनेलो के धरनास्थल से एक किलोमीटर पहले पंजाब बॉर्डर पर उतार दी। सवारियों को पैदल ब्राह्मणवाला गांव तक जाना पड़ा। प्रशासन की ओर से नायब तहसीलदार सुरेंद्र मेहता को ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किया गया था।
हैलीकॉप्टर को देखने उमड़े लोग
विधानसभा में विपक्ष के नेता अभय चौटाला सोमवार दोपहर को हैलीकॉप्टर की मदद से गांव ब्राह्मणवाला पहुंचे। गांव की अनाजमंडी में बने हैलीपैड पर उनका हैलीकॉप्टर उतरा। अभय चौटाला लगभग आधे घंटे तक गांव में रहे। इनेलो कार्यकर्ताओं को उन्होंने करीब छह मिनट संबोधित किया और सभी नेताओं से मिलकर ठीक 20 मिनट बाद वापस हैलीपेड पहुंच गए। वहां हैलीकॉप्टर तैयार ना होने के कारण अभय चौटाला को दस मिनट इंतजार करना पड़ा। इस दौरान नेता प्रतिपक्ष ने हैलीपेड पर पहुंचे लोगों से मुलाकात की और उनका हाल चाल पूछा।
फीका रहा इनेलो का ‘जलयुद्ध’, महज छह मिनट का भाषण दे चले गए अभय
आंदोलन के लिए महज ढाई-तीन सौ कार्यकर्ता जुटा सका मुख्य विपक्षी दल
दो-दो विधायक, एक पूर्व विधायक के बावजूद ब्राह्मणवाला में कामचलाऊ रहा पंजाब बॉर्डर सील करने का शो
सुरक्षा के पुख्ता रहे प्रबंध, सारा दिन ब्राह्मणवाला चौकी के पास डटे रहे डीएसपी-एसडीएम, लोगों को हुई परेशानी
इनेलो के धरने पर नहीं पहुंचा कोई वाहन, प्रशासन ने पहले ही गांवों से डायवर्ट कर दिया था रूट