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Fatehabad News: धान की सीधी बिजाई पर प्रति एकड़ मिलेंगे `4500 प्रोत्साहन

Fri, 15 May 2026 10:46 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद Updated Fri, 15 May 2026 10:46 PM IST
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4500 per acre incentive for direct sowing of paddy
गांव ढाणी भोजराज में में की गई धान की सीधी बिजाई। फाइल फोटो
फतेहाबाद। जिले में शुक्रवार से धान की सीधी बिजाई करने के निर्देश जारी किए हैं। जल संरक्षण की दिशा में कृषि एवं कल्याण विभाग जिले के जल्द ही सीधी बिजाई का लक्ष्य निर्धारित करेगा। धान की सीधी बिजाई 15 जून तक जारी रहेगी। इसके बाद धान की रोपाई का काम शुरू होगा। इसके लिए किसानों को प्रति एकड़ 4500 रुपये का प्रोत्साहन दिया जाएगा।
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जिला फतेहाबाद में प्रतिवर्ष करीब साढ़े पांच लाख एकड़ भूमि पर धान की फसल लगाई जाती है। प्रदेश में जलस्तर लगातार गिर रहा है। इसका असर जिले के रतिया, टोहाना और फतेहाबाद के क्षेत्र में हो रहा है। इन खंडों में भूजल 200 फीट से नीचे पहुंच गया है। गिरते भूजल स्तर को बचाने के लिए प्रदेश सरकार की मेरा पानी-मेरी विरासत योजना लागू की है।
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सीधी बिजाई से प्रति एकड़ लगभग 20 से 25 फीसदी तक पानी की बचत होती है और धान की पौध की नर्सरी तैयार करने की रोपाई का खर्च बचता है। धान की रोपाई प्रति एकड़ 5000 रुपये की लागत आती है सीधी बिजाई करने पर इसकी बचत होती है। कृषि विभाग के अनुसार जो किसान पारंपरिक कद्दू विधि को छोड़कर सीधी बिजाई का विकल्प चुनेंगे। उन्हें ही इस योजना सरकार की ओर से प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी।
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पिछले साल लक्ष्य रहा अधूरा

जिले में इस बार धान की सीधी बिजाई का करने का लक्ष्य अभी तक निर्धारित नहीं किया गया है। पिछले वर्ष जिले में 75000 एकड़ में धान की सीधी बिजाई का लक्ष्य रखा गया था लेकिन धरातल पर केवल 15,000 एकड़ में ही सीधी बिजाई हो सकी थी।



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पिछले साल की राशि का इंतजार



किसान ओमप्रकाश, हर्षदीप और सुरजीत सिंह ने बताया कि उन्होंने पिछले साल कृषि विभाग के आह्वान पर धान की सीधी बिजाई की थी लेकिन उन्हें अभी तक प्रोत्साहन राशि नहीं मिली है। समय पर भुगतान न होने के कारण किसानों का इस योजना से मोहभंग हो गया है। सीधी बिजाई से पानी की बचत तो होती है, लेकिन अगर सरकार वादे के मुताबिक समय पर प्रोत्साहन राशि नहीं देगी, तो किसान पुराने तरीके पर लौटने को मजबूर होंगे।


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:: किसानों से अपील की है कि वे धान की रोपाई करने के बजाय धान की सीधी बिजाई करने पर ध्यान दें। जो किसान सीधी बिजाई कर रहे हैं वे पोर्टल पर अपना पंजीकरण कराएं। गिरते भूजल को बचाने में सरकार का सहयोग करें।

- डॉ. राजपाल, तकनीकी सहायक, कृषि एवं कल्याण विभाग, फतेहाबाद।
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