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Fatehabad News: लिपिकीय वर्ग की हड़ताल से साढ़े 400 आरसी व डीएल लंबित, 200 रजिस्ट्रियां अटकीं
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फतेहाबाद। वेतन बढ़ाने की मांग को लेकर वीरवार को भी जिलेभर के 530 लिपिकीय वर्ग के कर्मचारी हड़ताल पर रहे। लिपिकीय वर्ग के कर्मचारियों के हड़ताल पर रहने के कारण लोगों को अपने काम करवाने के लिए भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। 450 डीएल व आरसी तथा 200 रजिस्ट्री से लेकर नगर परिषद या नगर पालिकाओं में होने वाले काम प्रभावित हो रहे हैं।
फतेहाबाद में लिपिकीय वर्ग के लोग वेतन बढ़ोतरी को लेकर पिछले दो दिनों से अनिश्चितकालिन हड़ताल पर चल रहे हैं। स्टाफ के हड़ताल पर जाने के कारण आम आदमी के लिए होने वाले काम भी प्रभावित हो रहे हैं। लिपिकीय वर्ग की हड़ताल के कारण आम जन काफी परेशान हैं और उनके काम न होने के कारण वह बार-बार सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं। सरकारी कार्यालयों में पहुंची हुई आमजन से जुड़ी शिकायतें व सरकारी काम कीं फाइलें आगे नहीं बढ़ पा रही हैं।
फतेहाबाद जिले के सरकारी कार्यालयों में करीब 530 लिपिक कार्यरत हैं और सभी अपनी मांगों को लेकर हड़ताल पर चल रहे हैं। लिपिकीय वर्ग ने अपना वेतनमान 19 हजार 900 से बढ़ाकर 35 हजार 400 रुपये किए जाने की मांग उठाई हुई है। लिपिकीय वर्ग ने दिनभर लघु सचिवालय के समक्ष धरना देकर प्रदर्शन किया। लिपिकीय द्वारा हड़ताल किए जाने के कारण विभागों, विश्वविद्यालयों, निगम व बोर्डों सहित अन्य कार्यालयों में कर्मचारियों की सीटें खाली मिलीं।
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हालांकि, कई कार्यालयों में सीधे तौर पर पब्लिक डीलिंग लिपिकीय के साथ न होने के चलते वहां पर लोगों को किसी तरह की परेशानी नहीं उठानी पड़ी। रिकॉर्ड रखने, मुख्यालय से आने वालीं फाइलों, मेल व अधिकारियों के ऑर्डर जारी करने संबंधित काम प्रभावित रहे।
नगर परिषद में प्रॉपर्टी आईडी की फाइलें नहीं हुईं जमा, त्रुटियां दूर करने का काम भी रुका
नगर परिषद के सभी क्लर्क हड़ताल पर होने के कारण यहां भी दो दिनों से काम प्रभावित है। नगर परिषद में प्रॉपर्टी आईडी में त्रुटियां दूर करवाने के लिए हर रोज 50 से 60 लोग शिकायत लेकर पहुंचते हैं। वीरवार को लगातार को हड़ताल के चलते प्रॉपर्टी आईडी की फाइलें भी अटक कर रह गई हैं। प्रॉपर्टी आईडी में आई त्रुटियों को पास करने के लिए कर्मचारियों के पास ही लॉगइन व पासवर्ड जारी किया जाता है, लेकिन कर्मचारी नहीं दे रहे हैं। नगर परिषद में प्रतिदिन एक लाख रुपये का गृहकर जमा होता है, जो प्रभावित हुआ है। इसके अलावा शादी प्रमाण पत्र बनवाने, डोमिसाइल बनवाने का काम भी प्रभावित रहा। इसके अलावा लघु सचिवालय में 150 वाहन आरसी व 300 के करीब ड्राइविंग लाइसेंस अटके हुए हैं। नई आरसी व डीएल के लिए आवेदन नहीं लिए जा रहे। तहसील कार्यालय में 200 के करीब रजिस्ट्रियां अटक गईं हैं। जिससे सरकार को राजस्व का नुकसान हो रहा है।
मांग पूर न होने तक जारी रहेगी हड़ताल
क्लेरिकल एसोसिएशन वेलफेयर सोसायटी के जिला कोऑर्डिनेटर चितरंजन भादू व प्रधान संदीप पूनिया ने बताया कि एसोसिएशन की सिर्फ एक ही मांग है कि लिपिकों के कार्य व योग्यता के आधार पर न्यूनतम वेतन 19900 से बढ़ाकर 35400 रुपये किया जाए। एसोसिएशन के पिछले तीन वर्ष से चल रहे धरने व प्रदर्शन के बावजूद सरकार उनकी मांग को नजरंदाज कर रही है। एसोसिएशन प्रदेश के सभी सांसदों, विधायकों व अन्य सरकारी प्रतिनिधियों को ज्ञापन दे चुकी है, लेकिन सरकार बातचीत तक नहीं कर रही। उन्होंने कहा कि जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होती तक तक वे अनिश्चिकालीन हड़ताल पर रहेंगे।
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फतेहाबाद में लिपिकीय वर्ग के लोग वेतन बढ़ोतरी को लेकर पिछले दो दिनों से अनिश्चितकालिन हड़ताल पर चल रहे हैं। स्टाफ के हड़ताल पर जाने के कारण आम आदमी के लिए होने वाले काम भी प्रभावित हो रहे हैं। लिपिकीय वर्ग की हड़ताल के कारण आम जन काफी परेशान हैं और उनके काम न होने के कारण वह बार-बार सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं। सरकारी कार्यालयों में पहुंची हुई आमजन से जुड़ी शिकायतें व सरकारी काम कीं फाइलें आगे नहीं बढ़ पा रही हैं।
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फतेहाबाद जिले के सरकारी कार्यालयों में करीब 530 लिपिक कार्यरत हैं और सभी अपनी मांगों को लेकर हड़ताल पर चल रहे हैं। लिपिकीय वर्ग ने अपना वेतनमान 19 हजार 900 से बढ़ाकर 35 हजार 400 रुपये किए जाने की मांग उठाई हुई है। लिपिकीय वर्ग ने दिनभर लघु सचिवालय के समक्ष धरना देकर प्रदर्शन किया। लिपिकीय द्वारा हड़ताल किए जाने के कारण विभागों, विश्वविद्यालयों, निगम व बोर्डों सहित अन्य कार्यालयों में कर्मचारियों की सीटें खाली मिलीं।
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हालांकि, कई कार्यालयों में सीधे तौर पर पब्लिक डीलिंग लिपिकीय के साथ न होने के चलते वहां पर लोगों को किसी तरह की परेशानी नहीं उठानी पड़ी। रिकॉर्ड रखने, मुख्यालय से आने वालीं फाइलों, मेल व अधिकारियों के ऑर्डर जारी करने संबंधित काम प्रभावित रहे।
नगर परिषद में प्रॉपर्टी आईडी की फाइलें नहीं हुईं जमा, त्रुटियां दूर करने का काम भी रुका
नगर परिषद के सभी क्लर्क हड़ताल पर होने के कारण यहां भी दो दिनों से काम प्रभावित है। नगर परिषद में प्रॉपर्टी आईडी में त्रुटियां दूर करवाने के लिए हर रोज 50 से 60 लोग शिकायत लेकर पहुंचते हैं। वीरवार को लगातार को हड़ताल के चलते प्रॉपर्टी आईडी की फाइलें भी अटक कर रह गई हैं। प्रॉपर्टी आईडी में आई त्रुटियों को पास करने के लिए कर्मचारियों के पास ही लॉगइन व पासवर्ड जारी किया जाता है, लेकिन कर्मचारी नहीं दे रहे हैं। नगर परिषद में प्रतिदिन एक लाख रुपये का गृहकर जमा होता है, जो प्रभावित हुआ है। इसके अलावा शादी प्रमाण पत्र बनवाने, डोमिसाइल बनवाने का काम भी प्रभावित रहा। इसके अलावा लघु सचिवालय में 150 वाहन आरसी व 300 के करीब ड्राइविंग लाइसेंस अटके हुए हैं। नई आरसी व डीएल के लिए आवेदन नहीं लिए जा रहे। तहसील कार्यालय में 200 के करीब रजिस्ट्रियां अटक गईं हैं। जिससे सरकार को राजस्व का नुकसान हो रहा है।
मांग पूर न होने तक जारी रहेगी हड़ताल
क्लेरिकल एसोसिएशन वेलफेयर सोसायटी के जिला कोऑर्डिनेटर चितरंजन भादू व प्रधान संदीप पूनिया ने बताया कि एसोसिएशन की सिर्फ एक ही मांग है कि लिपिकों के कार्य व योग्यता के आधार पर न्यूनतम वेतन 19900 से बढ़ाकर 35400 रुपये किया जाए। एसोसिएशन के पिछले तीन वर्ष से चल रहे धरने व प्रदर्शन के बावजूद सरकार उनकी मांग को नजरंदाज कर रही है। एसोसिएशन प्रदेश के सभी सांसदों, विधायकों व अन्य सरकारी प्रतिनिधियों को ज्ञापन दे चुकी है, लेकिन सरकार बातचीत तक नहीं कर रही। उन्होंने कहा कि जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होती तक तक वे अनिश्चिकालीन हड़ताल पर रहेंगे।