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गुरुद्वारा दुख निवारण कमेटी ने पूर्व विधायक निशान सिंह पर फतवा जारी करने से किया इंकार
Updated Sat, 01 Sep 2018 12:52 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
फतेहाबाद। पूर्व विधायक निशान सिंह द्वारा डेरा सच्चा सौदा के संगतघर में जाकर खुद को सरदार की बजाए डेरा प्रेमी कहलवाने वाले बयान के विवाद में नया मोड़ आ गया है। इस मामले में गुरुद्वारा दुख निवारण साहिब कमेटी ने पूर्व विधायक के खिलाफ दिए गए फतवे से अपना पल्ला झाड़ लिया है। शुक्रवार को जारी लिखित बयान में गुरुद्वारा दुख निवारण कमेटी ने साफ तौर पर कहा है कि किसी के खिलाफ फतवा देने का हक सिर्फ अकाल तख्त कमेटी को है और उनकी ओर से इस संदर्भ में कोई निर्देश नहीं दिया गया है। गुरुद्वारा दुख निवारण कमेटी द्वारा जारी बयान पर प्रधान भाग सिंह, सचिव मनमोहन सिंह, कोषाध्यक्ष भूपेंद्र सिंह, दारासिंह के हस्ताक्षर और मोहर लगी हुई है।
वहीं दूसरी ओर इस बारे में 2 सितंबर को स्थानीय अनाजमंडी में एक ओपन मीटिंग बुलाई गई है जिसमें क्षेत्र की सिख संगत को बुलाया गया है ताकि वो पूर्व विधायक निशान सिंह के मामले पर अपनी राय दे सके। हालांकि इस बैठक को किसी कमेटी का समर्थन नहीं बताया गया है लेकिन अगर इस बैठक में सिख समाज की अच्छी खासी भीड़ उमड़ती है तो निश्चित तौर पर पूर्व विधायक निशान सिंह को उनके सामने अपनी स्थिति स्पष्ट करनी पड़ सकती है। हालांकि बीते दिन जारी वीडियो में पूर्व विधायक ने अपने बयान को लेकर स्पष्टीकरण तो दिया है लेकिन अभी तक उन्होंने इस बारे में कोई माफी नहीं मांगी है। उनका तर्क है कि वो राजनीतिक व्यक्ति हैं और उन्हें विभिन्न धर्मों के समागमों में जाना पड़ता है और संबंधित शब्द कहने पड़ते हैं। अब देखना दिलचस्प होगा कि क्या दो सितंबर को अनाजमंडी में होने वाली बैठक में पूर्व विधायक निशान सिंह शिरकत करते हैं या नहीं और इस बैठक का निर्णय क्या निकलेगा।
गौरतलब है कि टोहाना के पूर्व विधायक व इनेलो किसान प्रकोष्ठ के प्रदेशाध्यक्ष निशान सिंह उस समय विवादों के घेरे में आ गए थे जब बीती 15 अगस्त को डेरा सच्चा सौदा प्रमुख के जन्मदिन पर स्थानीय डेरा संगतघर में आयोजित कार्यक्रम में पूर्व विधायक ने खुद को सरदार निशान सिंह की बजाए प्रेमी निशान सिंह कहे जाने की बात कही थी। इस बात पर काफी हंगामा हुआ था और विरोधियों ने उन्हें इस मुद्दे पर घेरने का प्रयास किया। इसके चलते बीते दिन ही पूर्व विधायक निशान सिंह ने एक वीडियो जारी कर अपना स्पष्टीकरण भी दिया था। अब गुरुद्वारा दुख निवारण कमेटी द्वारा उनके पक्ष में बयान जारी करने से उन्हें खासी राहत मिली है।
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फतेहाबाद। पूर्व विधायक निशान सिंह द्वारा डेरा सच्चा सौदा के संगतघर में जाकर खुद को सरदार की बजाए डेरा प्रेमी कहलवाने वाले बयान के विवाद में नया मोड़ आ गया है। इस मामले में गुरुद्वारा दुख निवारण साहिब कमेटी ने पूर्व विधायक के खिलाफ दिए गए फतवे से अपना पल्ला झाड़ लिया है। शुक्रवार को जारी लिखित बयान में गुरुद्वारा दुख निवारण कमेटी ने साफ तौर पर कहा है कि किसी के खिलाफ फतवा देने का हक सिर्फ अकाल तख्त कमेटी को है और उनकी ओर से इस संदर्भ में कोई निर्देश नहीं दिया गया है। गुरुद्वारा दुख निवारण कमेटी द्वारा जारी बयान पर प्रधान भाग सिंह, सचिव मनमोहन सिंह, कोषाध्यक्ष भूपेंद्र सिंह, दारासिंह के हस्ताक्षर और मोहर लगी हुई है।
वहीं दूसरी ओर इस बारे में 2 सितंबर को स्थानीय अनाजमंडी में एक ओपन मीटिंग बुलाई गई है जिसमें क्षेत्र की सिख संगत को बुलाया गया है ताकि वो पूर्व विधायक निशान सिंह के मामले पर अपनी राय दे सके। हालांकि इस बैठक को किसी कमेटी का समर्थन नहीं बताया गया है लेकिन अगर इस बैठक में सिख समाज की अच्छी खासी भीड़ उमड़ती है तो निश्चित तौर पर पूर्व विधायक निशान सिंह को उनके सामने अपनी स्थिति स्पष्ट करनी पड़ सकती है। हालांकि बीते दिन जारी वीडियो में पूर्व विधायक ने अपने बयान को लेकर स्पष्टीकरण तो दिया है लेकिन अभी तक उन्होंने इस बारे में कोई माफी नहीं मांगी है। उनका तर्क है कि वो राजनीतिक व्यक्ति हैं और उन्हें विभिन्न धर्मों के समागमों में जाना पड़ता है और संबंधित शब्द कहने पड़ते हैं। अब देखना दिलचस्प होगा कि क्या दो सितंबर को अनाजमंडी में होने वाली बैठक में पूर्व विधायक निशान सिंह शिरकत करते हैं या नहीं और इस बैठक का निर्णय क्या निकलेगा।
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गौरतलब है कि टोहाना के पूर्व विधायक व इनेलो किसान प्रकोष्ठ के प्रदेशाध्यक्ष निशान सिंह उस समय विवादों के घेरे में आ गए थे जब बीती 15 अगस्त को डेरा सच्चा सौदा प्रमुख के जन्मदिन पर स्थानीय डेरा संगतघर में आयोजित कार्यक्रम में पूर्व विधायक ने खुद को सरदार निशान सिंह की बजाए प्रेमी निशान सिंह कहे जाने की बात कही थी। इस बात पर काफी हंगामा हुआ था और विरोधियों ने उन्हें इस मुद्दे पर घेरने का प्रयास किया। इसके चलते बीते दिन ही पूर्व विधायक निशान सिंह ने एक वीडियो जारी कर अपना स्पष्टीकरण भी दिया था। अब गुरुद्वारा दुख निवारण कमेटी द्वारा उनके पक्ष में बयान जारी करने से उन्हें खासी राहत मिली है।
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