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धान की फसल दिखा बीमा क्लेम देने से किया इंकार, किसानों में रोष
Updated Mon, 16 Jul 2018 11:29 PM IST
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किसानों ने फसल का मुआवजा देने की मांग को लेकर सौंपा ज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
फतेहाबाद। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का मुआवजा दिए जाने की मांग को लेकर गांव जाण्डली कलां के किसान उपायुक्त से मिलने फतेहाबाद पहुंचे। किसानों ने बैंक व बीमा कंपनियों पर मिलीभगत के आरोप लगाते हुए मुआवजा दिए जाने की मांग की। उपायुक्त की गैरहाजिरी में किसानों ने डीआरओ से मिलकर उन्हें उपायुक्त के नाम ज्ञापन सौंपा। डीआरओ ने किसानों को आश्वासन दिया कि एक सप्ताह में किसानों को उनका हक दिलवा दिया जाएगा। उपायुक्त से मिलने आए गांव जाण्डली कलां निवासी राजेंद्र खन्ना बोगड़िया, जीत सिंह भैरो, रजनीश जांगड़ा, जोगिंद्र सिंह, पप्पू नंबरदार, सुरेंद्र सिंह, पाल सिंह, कोकीराम, शमशेर सिंह, पासाराम, सीटू के जिला उपप्रधान रमेश जाण्डली, राजेश कुमार, नफे सिंह, सुरेंद्र कुमार, धूप सिंह, राममेहर, देवीलाल, सतवीर, महावीर, दलबीर, दीपचंद, कलीराम, जयबीर, अजीत आदि ने कहा कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना वर्ष 2017 खरीफ फसल का मुआवजा न मिलने से किसानों को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि गांव जाण्डली कलां में पानी का भारी अभाव है और यहां के किसान कपास, ग्वार, बाजरा, गेहूं, सरसों की फसल उगाते हैं लेकिन बैंक और बीमा कंपनियों ने मिलीभगत करके खरीफ 2017 की फसल धान की फसल दिखाकर सैकड़ों किसानों को बीमा राशि देने से मना कर रही है जबकि गांव के किसान पानी की कमी के चलते धान की फसल नहीं लगाते। मुआवजा दिए जाने की मांग को लेकर किसान पिछले 2 माह से बैंक के चक्कर काट-काटकर परेशान हो चुके हैं। ज्ञापन में किसानों ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत खरीफ 2017 का उचित मुआवजा देने और दोषी अधिकारियों व कंपनियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है ताकि किसानों को न्याय मिल सके।
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अमर उजाला ब्यूरो
फतेहाबाद। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का मुआवजा दिए जाने की मांग को लेकर गांव जाण्डली कलां के किसान उपायुक्त से मिलने फतेहाबाद पहुंचे। किसानों ने बैंक व बीमा कंपनियों पर मिलीभगत के आरोप लगाते हुए मुआवजा दिए जाने की मांग की। उपायुक्त की गैरहाजिरी में किसानों ने डीआरओ से मिलकर उन्हें उपायुक्त के नाम ज्ञापन सौंपा। डीआरओ ने किसानों को आश्वासन दिया कि एक सप्ताह में किसानों को उनका हक दिलवा दिया जाएगा। उपायुक्त से मिलने आए गांव जाण्डली कलां निवासी राजेंद्र खन्ना बोगड़िया, जीत सिंह भैरो, रजनीश जांगड़ा, जोगिंद्र सिंह, पप्पू नंबरदार, सुरेंद्र सिंह, पाल सिंह, कोकीराम, शमशेर सिंह, पासाराम, सीटू के जिला उपप्रधान रमेश जाण्डली, राजेश कुमार, नफे सिंह, सुरेंद्र कुमार, धूप सिंह, राममेहर, देवीलाल, सतवीर, महावीर, दलबीर, दीपचंद, कलीराम, जयबीर, अजीत आदि ने कहा कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना वर्ष 2017 खरीफ फसल का मुआवजा न मिलने से किसानों को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि गांव जाण्डली कलां में पानी का भारी अभाव है और यहां के किसान कपास, ग्वार, बाजरा, गेहूं, सरसों की फसल उगाते हैं लेकिन बैंक और बीमा कंपनियों ने मिलीभगत करके खरीफ 2017 की फसल धान की फसल दिखाकर सैकड़ों किसानों को बीमा राशि देने से मना कर रही है जबकि गांव के किसान पानी की कमी के चलते धान की फसल नहीं लगाते। मुआवजा दिए जाने की मांग को लेकर किसान पिछले 2 माह से बैंक के चक्कर काट-काटकर परेशान हो चुके हैं। ज्ञापन में किसानों ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत खरीफ 2017 का उचित मुआवजा देने और दोषी अधिकारियों व कंपनियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है ताकि किसानों को न्याय मिल सके।