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Fatehabad News: जिले के 40 मेडिकल स्टोरों की जांच, 28 में मिलीं खामियां
Mon, 12 Oct 2026 10:23 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Mon, 12 Oct 2026 10:23 PM IST
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फतेहाबाद में मेडिकल स्टोर की जांच करते हुए अधिकारी स्त्रोत पुलिस विभाग
फतेहाबाद। प्रतिबंधित और नियंत्रित दवाइयों की अवैध बिक्री की शिकायतों पर पुलिस और औषधि नियंत्रण विभाग की संयुक्त टीम ने जिले में विशेष जांच अभियान चलाया। इस दौरान टोहाना, भूना, कुलां, रतिया, भट्टू कलां और फतेहाबाद शहर में 40 मेडिकल स्टोरों की जांच की गई।
इनमें से 28 स्टोरों पर ड्रग एक्ट के तहत खामियां मिलीं। हालांकि किसी भी मेडिकल स्टोर पर नशीली दवाइयां नहीं मिलीं। जिला ड्रग कंट्रोलर दिनेश राणा ने बताया कि जांच के दौरान कई मेडिकल स्टोरों पर दवाइयों की खरीद-बिक्री का रिकॉर्ड नहीं मिला। कुछ स्टोरों पर स्टॉक का रखरखाव भी निर्धारित नियमों के अनुसार नहीं पाया गया।
अधिकारियों ने संबंधित संचालकों को कमियां दूर करने और औषधि नियंत्रण विभाग के नियमों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। पुलिस प्रवक्ता विनोद कुमार ने बताया कि एक मेडिकल स्टोर पर बिना रिकॉर्ड दोहरे उपयोग वाली दवा की 10 गोलियां मिलीं।
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इसके अलावा 11 मेडिकल स्टोरों पर पंजीकृत फार्मासिस्ट अनुपस्थित मिले। अभियान में प्रदेश के 10 जिलों से आए ड्रग कंट्रोल ऑफिसरों ने भी भाग लिया। इनमें करनाल, जींद, झज्जर, सिरसा, नारनौल, कुरुक्षेत्र, हिसार और भिवानी सहित अन्य जिलों के अधिकारी शामिल रहे।
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रिकॉर्ड और स्टॉक की हुई जांच
पुलिस अधीक्षक निकिता खट्टर का कहना है कि इस अभियान का उद्देश्य नशीली और नियंत्रित दवाइयों की अवैध बिक्री पर अंकुश लगाना था। संयुक्त टीमों ने मेडिकल स्टोरों पर दवाइयों के बिल, स्टॉक रजिस्टर और खरीद-बिक्री से जुड़े दस्तावेजों की जांच की। संचालकों को निर्देश दिए गए कि सभी दवाइयों का रिकॉर्ड नियमानुसार रखें और जिन दवाइयों की बिक्री के लिए चिकित्सकीय पर्चा जरूरी है उन्हें बिना वैध पर्चे के न बेचें। युवाओं को नशे से बचाने और अवैध कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस व औषधि नियंत्रण विभाग के संयुक्त जांच अभियान आगे भी जारी रहेंगे।
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इनमें से 28 स्टोरों पर ड्रग एक्ट के तहत खामियां मिलीं। हालांकि किसी भी मेडिकल स्टोर पर नशीली दवाइयां नहीं मिलीं। जिला ड्रग कंट्रोलर दिनेश राणा ने बताया कि जांच के दौरान कई मेडिकल स्टोरों पर दवाइयों की खरीद-बिक्री का रिकॉर्ड नहीं मिला। कुछ स्टोरों पर स्टॉक का रखरखाव भी निर्धारित नियमों के अनुसार नहीं पाया गया।
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अधिकारियों ने संबंधित संचालकों को कमियां दूर करने और औषधि नियंत्रण विभाग के नियमों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। पुलिस प्रवक्ता विनोद कुमार ने बताया कि एक मेडिकल स्टोर पर बिना रिकॉर्ड दोहरे उपयोग वाली दवा की 10 गोलियां मिलीं।
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इसके अलावा 11 मेडिकल स्टोरों पर पंजीकृत फार्मासिस्ट अनुपस्थित मिले। अभियान में प्रदेश के 10 जिलों से आए ड्रग कंट्रोल ऑफिसरों ने भी भाग लिया। इनमें करनाल, जींद, झज्जर, सिरसा, नारनौल, कुरुक्षेत्र, हिसार और भिवानी सहित अन्य जिलों के अधिकारी शामिल रहे।
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रिकॉर्ड और स्टॉक की हुई जांच
पुलिस अधीक्षक निकिता खट्टर का कहना है कि इस अभियान का उद्देश्य नशीली और नियंत्रित दवाइयों की अवैध बिक्री पर अंकुश लगाना था। संयुक्त टीमों ने मेडिकल स्टोरों पर दवाइयों के बिल, स्टॉक रजिस्टर और खरीद-बिक्री से जुड़े दस्तावेजों की जांच की। संचालकों को निर्देश दिए गए कि सभी दवाइयों का रिकॉर्ड नियमानुसार रखें और जिन दवाइयों की बिक्री के लिए चिकित्सकीय पर्चा जरूरी है उन्हें बिना वैध पर्चे के न बेचें। युवाओं को नशे से बचाने और अवैध कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस व औषधि नियंत्रण विभाग के संयुक्त जांच अभियान आगे भी जारी रहेंगे।