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Fatehabad News: टीबी मुक्त हुईं 35 पंचायतों और लिंगानुपात में श्रेष्ठ गांवों को सम्मान का इंतजार
Thu, 20 Jun 2024 12:10 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Thu, 20 Jun 2024 12:10 AM IST
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फतेहाबाद। स्वास्थ्य विभाग से जुड़ी सरकार की दो बड़ी योजनाओं को विभागीय अधिकारी पूरी नहीं करवा सके हैं। प्रस्तावित तिथि के तीन माह बाद भी टीबी मुक्त घोषित हुईं 35 ग्राम पंचायतों को सम्मानित नहीं किया गया है। न ही लिंगानुपात में श्रेष्ठ गांव चुने गए जांडली खुर्द की तीन बेटियों को सम्मान मिला है। सम्मान की फाइल अधिकारियों की मेजों पर घूम रही है। टीबी मुक्त पंचायतों और श्रेष्ठ गांवों को विश्व क्षय रोग दिवस पर 24 मार्च को सम्मानित किया जाना था लेकिन आचार संहिता लगने के कारण इस पर रोक लगा दी गई थी।
स्वास्थ्य विभाग ने चयनित लोगों को सम्मानित करने के लिए कोई योजना नहीं बनाई है। अधिकारियों का कहना है कि इसके लिए प्रशासन से समय लेकर सम्मानित किया जाएगा। टीबी मुक्त पंचायत को प्रमाणपत्र के साथ महात्मा गांधी एक प्रतिमा प्रदान की जानी है। टीबी मुक्त पंचायत बने रहने पर पहले वर्ष कांस्य, लगातार दो वर्षों तक यह दर्जा रहने पर रजत और तीन वर्षों तक यह दर्जा बने रहने पर स्वर्ण रंग की मूर्ति प्रदान की जाएगी।
जिले की कुल 259 में से 35 पंचायतें घोषित हुईं हैं टीबी मुक्त
टीबी को जड़ से खत्म करने के लिए स्वास्थ्य विभाग इस बार ग्राम पंचायतों का सहारा ले रहा है। जिले की 259 ग्राम पंचायतों में से सत्यापन के बाद 35 पंचायतों टीबी मुक्त घोषित हुईं हैं। विभाग ने ऐसे गांवों को टीबी मुक्त घोषित किया है। जहां पर एक हजार आबादी पर टीबी के 30 नमूनों की जांच की गई। सीबी नेट जांच 60 फीसदी रही है। इन गांवों में उपचार दर 85 फीसदी होनी चाहिए। निक्षय पोषण योजना 100 फीसदी होनी चाहिए।
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ये पंचायतें घोषित हुईं हैं टीबी मुक्त
मल्हड़, नखाटिया, मानकपुर, लठेरा, रोजांवाली, निक्कूआना, भानीखेड़ा, सलेमपुरी, ब्राह्मणवाला प्लॉट, नथूवान, कानाखेड़ा, दिगोह, भूंदड़ा, सिंथला, भानीखेड़ा, रहनखेड़ी, भोड़ियाखेड़ा, बिढईखेड़ा, ठरवी, उदयपुर, पूर्ण माजरा, रेनवाली, चुहड़पुर, नथूवाल, सिंबलवाला, मुंदलिया, जापतेवाला, कमालवाला, ढाणी चानन, करनौली, हरिपुरा, अकांवाली, सूलीखेड़ा, गदली, बनावाली।
जिले में पिछले वर्ष मिले टीबी मरीजों की स्थिति
जिले में हुई टीबी की जांच - 17,084
जांच में मिले टीबी संक्रमित - 2,083
जिले में टीबी मरीजों का उपचार शुरू -2,438
संक्रमित पुरुष - 1,275 मरीज
संक्रमित महिलाएं - 808 मरीज
0 से 14 साल के संक्रमित बच्चे - 60 मरीज
श्रेष्ठ गांवों की बेटियों को भी सम्मान का इंतजार
जिले में गांव जांडली खुर्द का लिंगानुपात सबसे ज्यादा 1,484 रहा है। इस गांव की जनसंख्या 5,530 है। यहां पर पिछले साल 31 लड़के और 46 लड़कियों ने जन्म लिया है। इसलिए स्वास्थ्य विभाग ने श्रेष्ठ गांव के अवॉर्ड के लिए इसका चयन किया है। स्वास्थ्य विभाग को मेरिट के आधार पर कक्षा दसवीं में पिछले साल सबसे ज्यादा अंक प्राप्त करने वाली तीन छात्राओं को मेरिट आधार पर डेढ़ लाख रुपये देकर सम्मानित करना है। इसकी फाइल भी तीन माह से एडीसी-डीसी कार्यालय की मेजों पर घूम रही है।
कोट
टीबी मुक्त ग्राम पंचायतों और लिंगानुपात में श्रेष्ठ गांवों को सम्मानित किया जाना है। इसके लिए उच्चाधिकारियों से समय लिया जाएगा। पहले आचार संहिता लगने के कारण सम्मानित नहीं कर पाए थे।
- डॉ. महेंद्र, सिविल सर्जन, फतेहाबाद।
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स्वास्थ्य विभाग ने चयनित लोगों को सम्मानित करने के लिए कोई योजना नहीं बनाई है। अधिकारियों का कहना है कि इसके लिए प्रशासन से समय लेकर सम्मानित किया जाएगा। टीबी मुक्त पंचायत को प्रमाणपत्र के साथ महात्मा गांधी एक प्रतिमा प्रदान की जानी है। टीबी मुक्त पंचायत बने रहने पर पहले वर्ष कांस्य, लगातार दो वर्षों तक यह दर्जा रहने पर रजत और तीन वर्षों तक यह दर्जा बने रहने पर स्वर्ण रंग की मूर्ति प्रदान की जाएगी।
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जिले की कुल 259 में से 35 पंचायतें घोषित हुईं हैं टीबी मुक्त
टीबी को जड़ से खत्म करने के लिए स्वास्थ्य विभाग इस बार ग्राम पंचायतों का सहारा ले रहा है। जिले की 259 ग्राम पंचायतों में से सत्यापन के बाद 35 पंचायतों टीबी मुक्त घोषित हुईं हैं। विभाग ने ऐसे गांवों को टीबी मुक्त घोषित किया है। जहां पर एक हजार आबादी पर टीबी के 30 नमूनों की जांच की गई। सीबी नेट जांच 60 फीसदी रही है। इन गांवों में उपचार दर 85 फीसदी होनी चाहिए। निक्षय पोषण योजना 100 फीसदी होनी चाहिए।
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ये पंचायतें घोषित हुईं हैं टीबी मुक्त
मल्हड़, नखाटिया, मानकपुर, लठेरा, रोजांवाली, निक्कूआना, भानीखेड़ा, सलेमपुरी, ब्राह्मणवाला प्लॉट, नथूवान, कानाखेड़ा, दिगोह, भूंदड़ा, सिंथला, भानीखेड़ा, रहनखेड़ी, भोड़ियाखेड़ा, बिढईखेड़ा, ठरवी, उदयपुर, पूर्ण माजरा, रेनवाली, चुहड़पुर, नथूवाल, सिंबलवाला, मुंदलिया, जापतेवाला, कमालवाला, ढाणी चानन, करनौली, हरिपुरा, अकांवाली, सूलीखेड़ा, गदली, बनावाली।
जिले में पिछले वर्ष मिले टीबी मरीजों की स्थिति
जिले में हुई टीबी की जांच - 17,084
जांच में मिले टीबी संक्रमित - 2,083
जिले में टीबी मरीजों का उपचार शुरू -2,438
संक्रमित पुरुष - 1,275 मरीज
संक्रमित महिलाएं - 808 मरीज
0 से 14 साल के संक्रमित बच्चे - 60 मरीज
श्रेष्ठ गांवों की बेटियों को भी सम्मान का इंतजार
जिले में गांव जांडली खुर्द का लिंगानुपात सबसे ज्यादा 1,484 रहा है। इस गांव की जनसंख्या 5,530 है। यहां पर पिछले साल 31 लड़के और 46 लड़कियों ने जन्म लिया है। इसलिए स्वास्थ्य विभाग ने श्रेष्ठ गांव के अवॉर्ड के लिए इसका चयन किया है। स्वास्थ्य विभाग को मेरिट के आधार पर कक्षा दसवीं में पिछले साल सबसे ज्यादा अंक प्राप्त करने वाली तीन छात्राओं को मेरिट आधार पर डेढ़ लाख रुपये देकर सम्मानित करना है। इसकी फाइल भी तीन माह से एडीसी-डीसी कार्यालय की मेजों पर घूम रही है।
कोट
टीबी मुक्त ग्राम पंचायतों और लिंगानुपात में श्रेष्ठ गांवों को सम्मानित किया जाना है। इसके लिए उच्चाधिकारियों से समय लिया जाएगा। पहले आचार संहिता लगने के कारण सम्मानित नहीं कर पाए थे।
- डॉ. महेंद्र, सिविल सर्जन, फतेहाबाद।