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जिले में 31 खरीद केंद्र, कहीं भी शेड नहीं, बारिश में भीग जाता है अनाज

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 09 Oct 2021 12:00 AM IST
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31 procurement centers in the district, no shed anywhere, grain gets wet in rain
गांव भिरडाना का खरीद केंद्र। संवाद - फोटो : Fatehabad
फतेहाबाद। किसानों के लिए फसल खराब होने का जोखिम खेत से लेकर अनाज मंडी तक बना रहता है। किसानों की चिंता यही नहीं कि पकी हुई फसल बारिश में बर्बाद न हो जाए। फसल कटाई के बाद अनाज मंडी में भी बारिश का मौसम डराता रहता है। इसकी वजह ये है कि मंडियों व खरीद केंद्रों में आज भी शेड की व्यापक व्यवस्था नहीं है। हल्की बारिश आने पर किसानों को अनाज भीगने का भय सताता रहता है। यदि खरीद से पहले अनाज भीगता है तो परेशानी किसानों को ही उठाना पड़ती है। ऐसा करीब हर सीजन में होता, जब अनाज मंडियों में पड़ा होता है और ऊपर से बारिश हो जाती है। उस स्थिति में तिरपाल तक की व्यवस्था नहीं हो पाती। फिलहाल जिले में 7 अनाज मंडियां व 31 खरीद केंद्र हैं। यहां तक कि फतेहाबाद व टोहाना में अतिरिक्त अनाज मंडियां भी बन चुकी हैं। मगर अनाज मुख्य मंडियों में रखा जाता है, जहां पहले से आढ़तियों की दुकानें बनी हुई हैं। यहां शेड पुराने लगे हुए हैं, जो कम पड़ रहे हैं। इसके अलावा खरीद केंद्र खाली मैदान से ज्यादा कुछ नहीं हैं।
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किसानों के लिए छांव तक नहीं
खरीद केंद्रों में अनाज रखने के लिए शेड तो दूर, किसानों के बैठने तक की जगह नहीं। अनाज खरीद केंद्र में लाने के बाद किसान आराम फरमाने के लिए जगह ढूंढते रहते हैं। उन्हें छांव के लिए भटकना पड़ता है। न पीने लायक पानी मिलता और न ही शौचालय की व्यवस्था हो पाती। यह समस्या हर छह माह बाद सीजन में परेशान करती है।
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जिले में अनाज मंडियां व खरीद केंद्र
अनाज मंडियां - फतेहाबाद, रतिया, भट्टूकलां, जाखल, टोहाना, धारसूल व भूना।
खरीद केंद्र- महमदगी, म्योंद, नांगला, नन्हेड़ी, रहनवाली, शेखूपुर सोतर, सनियाना, शक्करपुरा, ठरवा, ढांड, कमाना, गांव अहरवां, अकांवाली, अलीकां, अयाल्की, बबनपुर, बहबलपुर, बाड़ा, बोड़ा, ब्राहमणवाला, बुवान, चंदड़कलां, चांदपुरा, ढाणी बबनपुर, धारसूल, दिगोह, हसंगा, हिंदालवाला, करंडी, लांबा, लधुवास, भूंदड़वास व लाली शामिल हैं।
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ऐसे हैं खरीद केंद्रों के हालात
चार प्रमुख खरीद केंद्रों का जायजा लिया गया। अहरवां, हासंगा, दिगोह व भिरडाना खरीद केंद्रों की स्थिति देखी गई। यहां कहीं भी शेड की व्यवस्था नहीं है। हालांकि अनाज रखने के लिए नीचे पक्का फर्श बना हुआ है। मगर ऊपर से बारिश से बचाव के लिए कोई प्रबंध नहीं है। दिगोह खरीद केंद्र में तीन चार कमरे बने हुए हैं, लेकिन उनकी हालत जर्जर है। वहां सफाई व्यवस्था भी नहीं है। इसके अलावा कहीं पर ऐसी कोई व्यवस्था नहीं है कि किसान छांव में बैठकर आराम कर सकें।

सरकार व्यवस्था सुधार रही है
फतेहाबाद में अब दो मंडियां बन चुकी हैं ताकि ज्यादा भीड़ न बढ़े। किसानों की सुविधा के लिए शेड्यूल सिस्टम बनाया गया है ताकि उन्हें इंतजार न करना पड़े। खरीद केंद्रों पर सुविधाओं का अभाव है। धीरे-धीर व्यवस्था में सुधार किया जा रहा है। सीजन में शौचालय व पेयजल की व्यवस्था की जाती है। व्यापारियों को निर्देश हैं कि वे तिरपाल का प्रबंध करके रखें।
-संजीव सचदेवा, सचिव मार्केट कमेटी, फतेहाबाद
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