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Fatehabad News: 300 एकड़ नरमा व 80 एकड़ बाजरे की फसल बर्बाद होने के कगार पर
Fri, 29 Aug 2025 11:50 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Fri, 29 Aug 2025 11:50 PM IST
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गांव भीमेवाला में खेतों में हुआ जलभरावसंवाद
समैन। गांव भीमेवाला में भारी बारिश के चलते सेम की समस्या फिर से गहरा गई है। इसके कारण करीब 300 एकड़ नरमा और 80 एकड़ बाजरे की फसल पूरी तरह से खराब होने के कगार पर पहुंच गई है। किसानों के खेतों में आसपास के गांवों का पानी जमा होने से हालात और गंभीर हो गए हैं। विशेषकर वे खेत, जो गांव बिठमड़ा की सीमा से लगते हैं, सबसे ज्यादा जलभराव से प्रभावित हैं।
शुक्रवार को किसानों के प्रतिनिधिमंडल ने टोहाना प्रशासन से मुलाकात कर इस गंभीर स्थिति से अवगत करवाया। किसानों का कहना है कि वे अपने खेतों से पानी निकालने में पूरी तरह असमर्थ हो चुके हैं। गांव के किसान रामफल सिंह, प्रदीप नैन, अमित कुमार, सतीश, प्रसिद्धपाल, सुखबीर, मुनीश, हनुमान, जगदीश और नसीब ने बताया कि बारिश के कारण उनके खेतों में जलभराव से सेम की समस्या दोबारा खड़ी हो गई है। जमीन का पानी ऊपर आने से फसलें खराब होने लगी हैं।
उन्होंने कहा कि गांव की करीब 1400 एकड़ खेती योग्य जमीन में से 300 एकड़ नरमा और 80 एकड़ बाजरे की फसल खड़ी है, जो अब पूरी तरह से बर्बाद होने के खतरे में है। किसानों ने बताया कि दो साल बाद उन्होंने नरमा और बाजरे की खेती शुरू की थी, लेकिन अब यह भी चौपट होती नजर आ रही है। उन्होंने प्रशासन से खेतों में जमा पानी को निकालने और खराब हुई फसलों का उचित मुआवजा देने की मांग की है।
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पांच वर्षों से लगातार सेम की समस्या
गांव भीमेवाला के किसान वर्ष 2020 से लगातार सेम की समस्या से जूझ रहे हैं। इस समस्या के कारण वर्ष 2020, 2021 और 2023 में गेहूं की फसल तक नहीं हो पाई। किसानों की परेशानी को देखते हुए प्रशासन ने वर्ष 2023 में 10 करोड़ 65 लाख रुपये की लागत से एक लंबी पाइपलाइन डालने की योजना बनाई थी, जिससे खेतों का पानी गाजूवाला के पास भाखड़ा की फतेहाबाद ब्रांच में छोड़ा जाना था। लेकिन पाइपलाइन बिछाने का कार्य अभी तक अधूरा है। इसी कारण किसानों की समस्या जस की तस बनी हुई है।
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गांव भीमेवाला से गाजूवाला तक बिछाई जाने वाली पाइपलाइन का कार्य अंतिम चरण में है। फिलहाल पाइपलाइन से पानी निकासी अस्थायी रूप से शुरू कर दी गई है। पाइपलाइन के अंतिम छोर पर नहर के पास बड़ी मोटर रखी जानी है, जिसका काम भी जल्द ही पूरा कर लिया जाएगा।
- राजीव, जेई सिंचाई विभाग टोहाना।
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शुक्रवार को किसानों के प्रतिनिधिमंडल ने टोहाना प्रशासन से मुलाकात कर इस गंभीर स्थिति से अवगत करवाया। किसानों का कहना है कि वे अपने खेतों से पानी निकालने में पूरी तरह असमर्थ हो चुके हैं। गांव के किसान रामफल सिंह, प्रदीप नैन, अमित कुमार, सतीश, प्रसिद्धपाल, सुखबीर, मुनीश, हनुमान, जगदीश और नसीब ने बताया कि बारिश के कारण उनके खेतों में जलभराव से सेम की समस्या दोबारा खड़ी हो गई है। जमीन का पानी ऊपर आने से फसलें खराब होने लगी हैं।
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उन्होंने कहा कि गांव की करीब 1400 एकड़ खेती योग्य जमीन में से 300 एकड़ नरमा और 80 एकड़ बाजरे की फसल खड़ी है, जो अब पूरी तरह से बर्बाद होने के खतरे में है। किसानों ने बताया कि दो साल बाद उन्होंने नरमा और बाजरे की खेती शुरू की थी, लेकिन अब यह भी चौपट होती नजर आ रही है। उन्होंने प्रशासन से खेतों में जमा पानी को निकालने और खराब हुई फसलों का उचित मुआवजा देने की मांग की है।
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पांच वर्षों से लगातार सेम की समस्या
गांव भीमेवाला के किसान वर्ष 2020 से लगातार सेम की समस्या से जूझ रहे हैं। इस समस्या के कारण वर्ष 2020, 2021 और 2023 में गेहूं की फसल तक नहीं हो पाई। किसानों की परेशानी को देखते हुए प्रशासन ने वर्ष 2023 में 10 करोड़ 65 लाख रुपये की लागत से एक लंबी पाइपलाइन डालने की योजना बनाई थी, जिससे खेतों का पानी गाजूवाला के पास भाखड़ा की फतेहाबाद ब्रांच में छोड़ा जाना था। लेकिन पाइपलाइन बिछाने का कार्य अभी तक अधूरा है। इसी कारण किसानों की समस्या जस की तस बनी हुई है।
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गांव भीमेवाला से गाजूवाला तक बिछाई जाने वाली पाइपलाइन का कार्य अंतिम चरण में है। फिलहाल पाइपलाइन से पानी निकासी अस्थायी रूप से शुरू कर दी गई है। पाइपलाइन के अंतिम छोर पर नहर के पास बड़ी मोटर रखी जानी है, जिसका काम भी जल्द ही पूरा कर लिया जाएगा।
- राजीव, जेई सिंचाई विभाग टोहाना।