फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Fatehabad News ›   27,649 cases settled at National Lok Adalat; settlement amount of

Fatehabad News: राष्ट्रीय लोक अदालत में 27,649 मामलों का निपटारा, 2.31 करोड़ की राशि पास

Sat, 12 Sep 2026 11:04 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद Updated Sat, 12 Sep 2026 11:04 PM IST
विज्ञापन
27,649 cases settled at National Lok Adalat; settlement amount of
फतेहाबाद। जिला मुख्यालय पर आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में मामलों की सुनवाई करते हुए न्यायाधीश।
फतेहाबाद। जिला एवं उपमंडल स्तर पर शनिवार को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में 41,519 मामलों में से 27,649 का निपटारा किया गया। इस दौरान जुर्माने और अवार्ड के रूप में दो करोड़ 31 लाख 37 हजार 127 रुपये की राशि पास की गई।
विज्ञापन

अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश अमित गर्ग सहित अन्य न्यायाधीशों ने लंबित और प्री-लिटिगेशन मामलों की सुनवाई की। मामलों का निपटारा आपसी सहमति और समझौते के आधार पर किया गया। प्री-लिटिगेशन के 36,597 मामलों में से 26,136 मामलों का निपटारा हुआ। इनमें 89 लाख 19 हजार 534 रुपये की राशि जुर्माने और अवार्ड के रूप में पास की गई।
विज्ञापन

न्यायालयों में लंबित 4,922 मामलों में से 1,513 मामलों का निपटारा किया गया। इनमें एक करोड़ 42 लाख 17 हजार 593 रुपये की राशि जुर्माने और अवार्ड के रूप में पास की गई। जिला स्तर पर अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश अमित गर्ग, प्रधान न्यायाधीश पारिवारिक न्यायालय शिखा, न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी जैस्मिन बावा और न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी जोगिंदर जांगड़ा की अदालतों में सुनवाई हुई।
विज्ञापन
विज्ञापन

उपमंडल रतिया में उपमंडल न्यायिक दंडाधिकारी सलोनी गुप्ता और टोहाना में न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी मुकेश कुमार की अदालत में मामलों की सुनवाई की गई। लोक अदालत में एनआई एक्ट, धन वसूली, वैवाहिक विवाद, भरण-पोषण, भूमि अधिग्रहण और दुर्घटना मुआवजा से जुड़े मामलों की सुनवाई हुई।

इसके अलावा बिजली-पानी के बिल, श्रम एवं रोजगार, राजस्व और सेवाओं से जुड़े मामले भी निपटाए गए। समझौते योग्य आपराधिक मामलों सहित अन्य सिविल और आपराधिक मामलों पर भी सुनवाई हुई। अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी डॉ. गायत्री ने बताया कि लोक अदालत का उद्देश्य लोगों को सरल, सुलभ और शीघ्र न्याय दिलाना है। इससे अनावश्यक मुकदमेबाजी से भी राहत मिलती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed