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नगर परिषद की दुकानों के 20 साल पुराने 22 किरायेदार बनेंगे मालिक
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नगर परिषद कार्यालय।
- फोटो : Fatehabad
फतेहाबाद। नगर परिषद के 20 साल पुराने 22 किरायेदार जल्द अब दुकानों के मालिक बनने जा रहे हैं। नगर परिषद ने इन्हें मालिकाना हक देने के लिए रजिस्ट्री करवाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। 30 नवंबर तक प्रक्रिया पूरी करने के बाद 22 किरायेदार दुकानों के मालिक बन जाएंगे। इन्हें कलेक्टर रेट के हिसाब से राशि भरनी होगी। नगर परिषद ने पहले चरण में 7 आवेदन और दूसरे चरण में 15 आवेदनों को अनुमति दी है। नगर परिषद शर्तें पूरी न करने के चलते 34 आवेदनों को रद्द कर चुका है।
जानकारी के अनुसार नगर परिषद ने जिन 34 आवेदनों को रद्द किया है उसके पीछे भी खुद जिम्मेदार हैं। मलकीयत नगर परिषद के नाम होने की प्रक्रिया पूरी न होने के चलते अधिकतर आवेदनों को रद्द किया गया है। नगर परिषद की शहर में करीब 250 दुकानें हैं जो कि किराए पर दी गई हैं और इनसे राजस्व मिलता है। बता दें कि प्रदेश सरकार ने पिछले दिनों घोषणा की थी कि नगर परिषद या नगर पालिका की दुकानों में जो 20 साल से किरायेदार है, उन्हें मालिकाना हक दिया जाएगा। योजना के तहत फतेहाबाद नगर परिषद में 56 आवेदन आए। नगर परिषद ने आवेदनों को जिला नगर आयुक्त कार्यालय के पास भेजा। सर्वे और जांच के बाद पहले चरण में सात दुकानदारों को मालिकाना हक देने की अनुमति मिली और अब दूसरे चरण में 15 दुकानदारों को मालिकाना हक देने की मंजूरी दी गई है।
मलकीयत नहीं नप के नाम, दुकानों का ले रहे किराया
नगर परिषद की दुकानों के कई किरायेदार ऐसे हैं जिन्हें 20 साल हो गए हैं। लेकिन जब उन्होंने मालिकाना हक के लिए आवेदन किया तो मलकीयत नप के नाम नहीं मिली। इसके चलते अधिकतर आवेदनों को इसलिए रद्द कर दिया गया है। अहम बात यह भी है कि नगर परिषद ने उस जगह पर दुकानें बना रखी है और किराए पर देकर किराया भी लिया जा रहा है।
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नगर परिषद की यहां है दुकानें
मार्केट दुकानें
पालिका बाजार 30
ऑटो मार्केट 100
बीघड़ रोड 4
जवाहर चौक 3
भीमां बस्ती 3
थाना रोड 19
लालबत्ती चौक से फव्वारा चौक तक 22
देवीलाल मार्केट 17
हिसार-सिरसा रोड (नप कार्यालय के नीचे) 17
पालिका बाजार की जगह सिविल अस्पताल से हुई नगर परिषद के नाम
नगर परिषद की पालिका बाजार में करीब 30 दुकानें है और यहां पर 90 फीसदी दुकानें मोबाइल की है। पालिका बाजार की जगह सिविल अस्पताल फतेहाबाद के नाम थी। अधिकारियों की माने तो नगर परिषद के नाम हो चुकी है और इसका पत्र भी जारी हो चुका है। लेकिन अभी तक रिकॉर्ड ऑनलाइन दर्ज नहीं हुआ है। रिकॉर्ड आने के बाद पालिका बाजार की दुकानें भी 20 साल से किरायेदार के नाम हो सकेंगी।
कोट
नगर परिषद 22 दुकानों के किरायेदारों को मालिकाना हक देने जा रहा है। रजिस्ट्री की प्रक्रिया शुरू हो गई है। नगर परिषद के पास 56 आवेदन आए थे, इसमें से 22 आवेदनों को मंजूरी मिल गई है।
-ऋषिकेश चौधरी, ईओ नगर परिषद
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जानकारी के अनुसार नगर परिषद ने जिन 34 आवेदनों को रद्द किया है उसके पीछे भी खुद जिम्मेदार हैं। मलकीयत नगर परिषद के नाम होने की प्रक्रिया पूरी न होने के चलते अधिकतर आवेदनों को रद्द किया गया है। नगर परिषद की शहर में करीब 250 दुकानें हैं जो कि किराए पर दी गई हैं और इनसे राजस्व मिलता है। बता दें कि प्रदेश सरकार ने पिछले दिनों घोषणा की थी कि नगर परिषद या नगर पालिका की दुकानों में जो 20 साल से किरायेदार है, उन्हें मालिकाना हक दिया जाएगा। योजना के तहत फतेहाबाद नगर परिषद में 56 आवेदन आए। नगर परिषद ने आवेदनों को जिला नगर आयुक्त कार्यालय के पास भेजा। सर्वे और जांच के बाद पहले चरण में सात दुकानदारों को मालिकाना हक देने की अनुमति मिली और अब दूसरे चरण में 15 दुकानदारों को मालिकाना हक देने की मंजूरी दी गई है।
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मलकीयत नहीं नप के नाम, दुकानों का ले रहे किराया
नगर परिषद की दुकानों के कई किरायेदार ऐसे हैं जिन्हें 20 साल हो गए हैं। लेकिन जब उन्होंने मालिकाना हक के लिए आवेदन किया तो मलकीयत नप के नाम नहीं मिली। इसके चलते अधिकतर आवेदनों को इसलिए रद्द कर दिया गया है। अहम बात यह भी है कि नगर परिषद ने उस जगह पर दुकानें बना रखी है और किराए पर देकर किराया भी लिया जा रहा है।
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नगर परिषद की यहां है दुकानें
मार्केट दुकानें
पालिका बाजार 30
ऑटो मार्केट 100
बीघड़ रोड 4
जवाहर चौक 3
भीमां बस्ती 3
थाना रोड 19
लालबत्ती चौक से फव्वारा चौक तक 22
देवीलाल मार्केट 17
हिसार-सिरसा रोड (नप कार्यालय के नीचे) 17
पालिका बाजार की जगह सिविल अस्पताल से हुई नगर परिषद के नाम
नगर परिषद की पालिका बाजार में करीब 30 दुकानें है और यहां पर 90 फीसदी दुकानें मोबाइल की है। पालिका बाजार की जगह सिविल अस्पताल फतेहाबाद के नाम थी। अधिकारियों की माने तो नगर परिषद के नाम हो चुकी है और इसका पत्र भी जारी हो चुका है। लेकिन अभी तक रिकॉर्ड ऑनलाइन दर्ज नहीं हुआ है। रिकॉर्ड आने के बाद पालिका बाजार की दुकानें भी 20 साल से किरायेदार के नाम हो सकेंगी।
कोट
नगर परिषद 22 दुकानों के किरायेदारों को मालिकाना हक देने जा रहा है। रजिस्ट्री की प्रक्रिया शुरू हो गई है। नगर परिषद के पास 56 आवेदन आए थे, इसमें से 22 आवेदनों को मंजूरी मिल गई है।
-ऋषिकेश चौधरी, ईओ नगर परिषद