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फर्जी शैक्षणिक योग्यता मामला : रूपावाली के सरपंच को मिली राहत
Updated Sat, 07 Apr 2018 12:24 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
भूना। फर्जी शैक्षणिक योग्यता के मद्देनजर पद्च्युत किए गए गांव रूपावाली के सरपंच ने हरियाणा विकास एवं पंचायत विभाग चंडीगढ़ की शरण ली है। विभाग के मुख्य सचिव ने हरियाणा पंचायती राज एक्ट की धारा 1994 के भाग 51(5) के तहत स्टे प्रदान किया है। जिसके बाद सरपंच कुलदीप सिंह को राहत मिली है।
बता दें कि गांव रूपावाली के सरपंच कुलदीप सिंह पुत्र नछत्तर सिंह ने पंजाब स्कूल एजुकेशन बोर्ड के अंतर्गत मार्च 1998 में दसवीं की परीक्षा उत्तीर्ण की थी। जिसका नाम बेरोजगार कार्यालय टोहाना में भी दर्ज था। इसी प्रमाण पत्र के आधार पर कुलदीप ने गंाव में सरपंच पद का चुनाव भी लड़ा और जीत के बाद सरपंच पद पर तैनात हो गया। किंतु जिला उपायुक्त की जांच टीम ने उक्त प्रमाण पत्र में फर्जीवाड़े की आशंका को लेकर रूपावाली के सरपंच को पद से हटा दिया था। जिसके बाद कुलदीप सिंह ने सरकार के हरियाणा विकास एवं पंचायत विभाग चंडीगढ़ के मुख्य सचिव के समक्ष पेश होकर अपने मूल प्रमाण पत्र प्रस्तुत किए थे। 30 मार्च को मुख्य सचिव ने सरपंच कुलदीप सिंह को राहत देते हुए स्टे जारी किया। जिसकी प्रति जिला उपायुक्त फतेहाबाद व खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी जाखल को प्रेषित की गई है।
खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी नरेंद्र सिंह जाखल ने बताया कि उनके पास रूपावाली के सरपंच के स्टे के बारे में कोई लिखित पत्र नहीं आया है, किंतु रूपावाली के सरपंच कुलदीप सिंह ने हरियाणा विकास एवं पंचायत विभाग का पत्र सौंपा है, वह वास्तविक है, जिसमें विभाग ने उन्हें स्टे प्रदान किया है।
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भूना। फर्जी शैक्षणिक योग्यता के मद्देनजर पद्च्युत किए गए गांव रूपावाली के सरपंच ने हरियाणा विकास एवं पंचायत विभाग चंडीगढ़ की शरण ली है। विभाग के मुख्य सचिव ने हरियाणा पंचायती राज एक्ट की धारा 1994 के भाग 51(5) के तहत स्टे प्रदान किया है। जिसके बाद सरपंच कुलदीप सिंह को राहत मिली है।
बता दें कि गांव रूपावाली के सरपंच कुलदीप सिंह पुत्र नछत्तर सिंह ने पंजाब स्कूल एजुकेशन बोर्ड के अंतर्गत मार्च 1998 में दसवीं की परीक्षा उत्तीर्ण की थी। जिसका नाम बेरोजगार कार्यालय टोहाना में भी दर्ज था। इसी प्रमाण पत्र के आधार पर कुलदीप ने गंाव में सरपंच पद का चुनाव भी लड़ा और जीत के बाद सरपंच पद पर तैनात हो गया। किंतु जिला उपायुक्त की जांच टीम ने उक्त प्रमाण पत्र में फर्जीवाड़े की आशंका को लेकर रूपावाली के सरपंच को पद से हटा दिया था। जिसके बाद कुलदीप सिंह ने सरकार के हरियाणा विकास एवं पंचायत विभाग चंडीगढ़ के मुख्य सचिव के समक्ष पेश होकर अपने मूल प्रमाण पत्र प्रस्तुत किए थे। 30 मार्च को मुख्य सचिव ने सरपंच कुलदीप सिंह को राहत देते हुए स्टे जारी किया। जिसकी प्रति जिला उपायुक्त फतेहाबाद व खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी जाखल को प्रेषित की गई है।
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खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी नरेंद्र सिंह जाखल ने बताया कि उनके पास रूपावाली के सरपंच के स्टे के बारे में कोई लिखित पत्र नहीं आया है, किंतु रूपावाली के सरपंच कुलदीप सिंह ने हरियाणा विकास एवं पंचायत विभाग का पत्र सौंपा है, वह वास्तविक है, जिसमें विभाग ने उन्हें स्टे प्रदान किया है।
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