फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Fatehabad News ›   पराली न जलाने वाली पांच पंचायतों को किया सम्मानित

पराली न जलाने वाली पांच पंचायतों को किया सम्मानित

Mon, 11 Dec 2017 10:42 PM IST
Updated Mon, 11 Dec 2017 10:42 PM IST
विज्ञापन
पराली न जलाने वाली पांच पंचायतों को किया सम्मानित
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन

फतेहाबाद
सरकार ने फसल बीमा योजना शुरू करके खेती को जोखिम फ्री कर दिया है अब जहर मुक्त करने के लिए प्रयास कर रही है। इसके लिए हम सभी को मिलकर प्रयास करना होगा। यह बात गांव काजल हेड़ी के राजकीय उच्च विद्यालय के प्रांगण में किसानों को संबोधित करते हुए किसान आयोग के अध्यक्ष डा. रमेश यादव ने की। वे पराली न जलाने वाली पांच पंचायतों के सम्मान समारोह में मुख्यातिथि के रूप में पहुंचे थे।
किसान करें मार्केटिंग
यादव ने कहा कि मोदी व मनोहर सरकार किसानों की आय दोगुनी करने के लिए पिछले तीन सालों में कई योजनाएं बनाई। अब किसानों को चाहिए कि वे समूह बनाकर खेती करे। खुद ही उनकी मार्केटिंग करे। इसके लिए सरकार सहयोग कर रही है। जैविक खेती की तरफ किसानों को बढ़ाना होगा। पेस्टीसाइड से जमीन की उपजाऊ क्षमता कम हो गई है। इसलिए जरूरी है कि किसान गऊ आधारित खेती करें। उन्होंने कहा कि फसल बीमा योजना से किसानों को फायदा हुआ है। सॉयल हेल्थ कार्ड सरकार की महत्वपूर्ण योजना है। इससे प्रत्येक जमीन की जांच हो रही है। किसानों को जमी के स्वास्थ्य बरकार रखने के लिए जैविक खेती करनी ही होगी।
विज्ञापन

इस दौरान धान के अवशेष न जलाने वाली काजल हेड़ी, कुम्हारियां, चिंदड़, खाराखेड़ी व भोड़ा होसनांक की पंचायत को सम्मानित किया गया। एडीओ रोबिन रोबर्ट ने बताया कि इन पांच गांवों में एक हजार से अधिक एकड़ में धान की खेती की गई, लेकिन किसी भी किसान ने धान के अवशेष नहीं जलाया। सभी पांचों पंचायतों ने कृषि विभाग के साथ मिलकर किसानों को जागरूक करते हुए पर्यावरण संरक्षण में अपना अतुल्य योगदान दिया। उन्होंने कहा कि काजल हेड़ी में 500 एकड़ में धान की खेती की गई, लेकिन सरपंच भूप सिंह फौजी व ग्रामीणों के सहयोग करने के कारण किसी ने भी अवशेष नहीं जलाए। इस मौके पर डा. बलवान सिंह, भीम सिंह, डा. कृष्णा देवी, डा. योगिता, हेडमास्टर सोमनाथ, बलराज गौरा, लालचंद गोदारा, पूर्व सरपंच हवासिंह, विष्णु डारा, सतपाल भादू, जयप्रकाश, विनोद, रमेश ईशरवाल, नरेश, वकील, रमेश कालीराणा, मनोज थालोड़, डा. भजन सिंह, भालसिंह सिहाग व सुरेश शर्मा मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन

किसानों ने रखी मजदूरों व जंगली सूअरों की समस्या
किसान आयोग के अध्यक्ष डा. रमेश यादव के सामने किसानों ने मजदूरों की समस्या रखी। उन्होंने बताया कि मनरेगा को विस्तृत रूप देकर इसे खेती कार्यों से जोड़ा जाए। वहीं गांव काजल हेड़ी, कुम्हारियां व गोरखपुर में सूअर गेहूं, सरसों व गन्ना की फसल खराब कर देते है। जो किसान पहले मक्खी, मुंगफली व सब्जी की खेती करते थे वो सूअरों के कारण सब्जियों की खेती करना छोड़ गए। उन्होंने मांग कि सूअरों की समस्या का जल्द से जल्द समाधान करवाया जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed