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वन कर्मचारियों व मजदूरों ने शुरू किया अनिश्चितकालीन धरना
Updated Sat, 27 Oct 2018 01:01 AM IST
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वन कर्मियों और मजदूरों का अनिश्चितकालीन धरना शुरू
अमर उजाला ब्यूरो
फतेहाबाद। प्रदेश सरकार की पर्यावरण विरोधी नीतियों, निजीकरण, ठेका प्रणाली, ऑनलाइन ट्रांसफर के खिलाफ वन कर्मचारी-मजदूर संघर्ष समिति हरियाणा के आह्वान पर वन कर्मचारियों और वन मजदूरों ने वन मंडल अधिकारी कार्यालय के समक्ष अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया। धरने की अध्यक्षता वन कर्मचारी संघ के जिला कार्यकारी प्रधान जयप्रकाश व वन विभाग मजदूर यूनियन के जिला प्रधान बलबीर सिंह ने संयुक्त रूप से की।
वन कर्मचारी संघ के राज्य महासचिव विनीत कुमार व वन विभाग मजदूर यूनियन के प्रदेश महासचिव राजकुमार निराणियां ने बताया कि वनमंत्री, अतिरिक्त मुख्य सचिव व प्रधान मुख्य वन संरक्षक से संघ के प्रतिनिधिमंडल की काफी बार बातचीत हो चुकी है लेकिन समझौते के बाद भी कोई पत्र जारी नहीं किया जा रहा है। इसको लेकर संयुक्त संघर्ष समिति के आह्वान पर सरकार की निजीकरण की नीतियों, उत्पादन शाखा का हरियाणा वन विकास निगम में समायोजन, सामुदायिक वानिकी परियोजना का टेरिटोरियल में समायोजन के आदेश तुरंत प्रभाव से रद्द किया जाए। निजीकरण की नीतियों, बीट व ब्लॉक फ्रीज करने से पूरे प्रदेश के लगभग 650 के करीब पद समाप्त हो चुके हैं। मस्ट्रोल प्रणाली लागू करने व खाली पदों पर भर्ती करने, ईपीएफ, ईएसआई इत्यादि मांगों को लेकर प्रदेश का वन कर्मचारी व वन मजदूर आंदोलन कर रहा है। वन कर्मचारी संघ के जिला प्रधान जयवीर सांई, जिला कोषाध्यक्ष हरद्वारी लाल व सर्व कर्मचारी संघ के पूर्व जिला प्रधान बेगराज ने बताया कि अगर सरकार व प्रशासन कर्मचारियों व मजदूरों की समस्याओं का जल्द समाधान नहीं करता तो कर्मचारी व मजदूर आंदोलन से किसी भी सूरत में पीछे नहीं हटेेंगे।
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अमर उजाला ब्यूरो
फतेहाबाद। प्रदेश सरकार की पर्यावरण विरोधी नीतियों, निजीकरण, ठेका प्रणाली, ऑनलाइन ट्रांसफर के खिलाफ वन कर्मचारी-मजदूर संघर्ष समिति हरियाणा के आह्वान पर वन कर्मचारियों और वन मजदूरों ने वन मंडल अधिकारी कार्यालय के समक्ष अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया। धरने की अध्यक्षता वन कर्मचारी संघ के जिला कार्यकारी प्रधान जयप्रकाश व वन विभाग मजदूर यूनियन के जिला प्रधान बलबीर सिंह ने संयुक्त रूप से की।
वन कर्मचारी संघ के राज्य महासचिव विनीत कुमार व वन विभाग मजदूर यूनियन के प्रदेश महासचिव राजकुमार निराणियां ने बताया कि वनमंत्री, अतिरिक्त मुख्य सचिव व प्रधान मुख्य वन संरक्षक से संघ के प्रतिनिधिमंडल की काफी बार बातचीत हो चुकी है लेकिन समझौते के बाद भी कोई पत्र जारी नहीं किया जा रहा है। इसको लेकर संयुक्त संघर्ष समिति के आह्वान पर सरकार की निजीकरण की नीतियों, उत्पादन शाखा का हरियाणा वन विकास निगम में समायोजन, सामुदायिक वानिकी परियोजना का टेरिटोरियल में समायोजन के आदेश तुरंत प्रभाव से रद्द किया जाए। निजीकरण की नीतियों, बीट व ब्लॉक फ्रीज करने से पूरे प्रदेश के लगभग 650 के करीब पद समाप्त हो चुके हैं। मस्ट्रोल प्रणाली लागू करने व खाली पदों पर भर्ती करने, ईपीएफ, ईएसआई इत्यादि मांगों को लेकर प्रदेश का वन कर्मचारी व वन मजदूर आंदोलन कर रहा है। वन कर्मचारी संघ के जिला प्रधान जयवीर सांई, जिला कोषाध्यक्ष हरद्वारी लाल व सर्व कर्मचारी संघ के पूर्व जिला प्रधान बेगराज ने बताया कि अगर सरकार व प्रशासन कर्मचारियों व मजदूरों की समस्याओं का जल्द समाधान नहीं करता तो कर्मचारी व मजदूर आंदोलन से किसी भी सूरत में पीछे नहीं हटेेंगे।
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