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कामर्स प्रवक्ताओं का प्रतिनिधि मंडल बिना बोर्ड चेयरमैन से

Wed, 11 Apr 2018 12:56 AM IST
Updated Wed, 11 Apr 2018 12:56 AM IST
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कामर्स प्रवक्ताओं का प्रतिनिधि मंडल बिना बोर्ड चेयरमैन से
अमर उजाला ब्यूरो
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टोहाना।
हरियाणा के कामर्स प्रवक्ताओं का सात सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल मंगलवार को हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड भिवानी के चेयरमैन जगबीर मलिक से मिला। इस दौरान उन्होंने कामर्स संकाय के उत्थान हेतु बातचीत की तथा कामर्स संकाय के बच्चों की समस्याओं से अवगत करवाया।

प्रतिनिधिमंडल में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय ललोदा से सुनील बंसल, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय टोहाना से कृष्ण कुमार, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय अमानी से मनोज कुमार, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बवानीखेड़ा से बजरंग लाल शर्मा, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय तावड़ू से गौरी शंकर, जाट वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय हिसार से राकेश मोर, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय झज्जर से गोविंद गुप्ता शामिल थे। बंसल ने बताया कि बोर्ड चेयरमैन का रवैया पूर्णतया सकारात्मक रहा, उन्होंने तुरंत शैक्षणिक शाखा के सहायक निदेशक राजेश कुमार को बुलाकर आवश्यक निर्देश जारी किए और आश्वासन दिया कि आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने के बाद जायज सुझावों को लागू कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस दौरान उन्होंने जो सुझाव दिए उनके बिंदु ये रहे। सुझाव में प्रश्न पत्रों का पैटर्न एक समान किया जाए और कम से कम 20 प्रतिशत प्रश्न बहुविकल्पीय हों। उन्होंने कहा कि जो बच्चे किसी भी पाठ्यक्रम को पूरी गहराई से पढ़ेंगे। वहीं बच्चे छोटे व बहुविकल्पीय प्रश्नों के उत्तर दे सकता है। इस कारण ये प्रश्न पूछे जाने अनिवार्य हैं। दूसरी मांग अनुसार कोड प्रणाली को समाप्त किया जाए, क्योंकि यदि कोड प्रणाली अच्छी है तो सभी विषयों में लागू होनी चाहिए थी यदि कोड प्रणाली को समाप्त करना सम्भव नहीं है तो कोड को सभी विषयों में लागू किया जाए और सभी कोड के प्रश्न पत्र एक ही स्तर के होने चाहिएं ताकि किसी भी कोड के छात्र के साथ धोखा ना हो। इसके लिए न्यूमेरिकल प्रश्नों में केवल आंकड़ों को बदलना चाहिए न कि पूरा प्रश्न ही बदल दिया जाए। तीसरी मांग में लेखांकन व अर्थशास्त्र विषय में गणना की जटिलताओं को ध्यान में रखते हुए साधारण कैल्कूलेटर के प्रयोग की अनुमति दी जाए, कामर्स सिलेबस सीबीएसई की तुलना में काफी अधिक है, इसे कम करके सीबीएसई के सामान किया जाए। 5वीं मांग के अनुसार लेखांकन के जो न्यूमेरिकल काफी बड़े हैं, या तो उनके अंक बढ़ाए जाएं या उन्हें सिलेबस से हटाया जाए।
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