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ग्राम पंचायत पारता की अनूठी पहल, नशे को गांव में नहीं घुसने देंगे का लिया संकल्प
Updated Fri, 14 Sep 2018 12:53 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
फतेहाबाद। ग्राम पंचायत पारता ने नशाखोरी के खिलाफ एक अनूठी पहल करते हुए सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया है कि गांव में नशीली दवाओं, चिट्टा व स्मैक जैसे जानलेवा नशीले पदार्थों की बिक्री किसी भी सूरत में नहीं होने दी जाएगी। इस संबंध में ग्राम पंचायत ने गांव तथा आसपास के लगभग आधा दर्जन मेडिकल स्टोर संचालकों को भी कड़ी चेतावनी जारी कर दी है कि यदि वे बिना किसी डॉक्टर की पर्ची के सीधे नशीले इंजेक्शन, कैप्सूल, गोलियां आदि की बिक्री करते पाए गए तो ग्राम पंचायत बिना किसी का इंतजार किए अपने स्तर पर ठोस कार्यवाही अमल में लाएगी।
हरियाणा सरकार के निर्देशानुसार सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग की ओर से गांव में आयोजित सांध्यकालीन प्रवास कार्यक्रम में सरपंच पवन महला ने यह बात कही। इस अवसर पर ग्राम पंचायत सदस्य राजकुमार, मनतारी, रघुवीर, उषा रानी व बंसीलाल सहित गांव के मौजिज लोगों ने भरोसा दिलाया कि नशे को लेकर जिला में चलाए जा रहे सघन अभियान में वे पूरी तरह से प्रशासन का सहयोग करेंगे। इस अवसर पर जिला सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी सुरेंद्र सिंह ने बिश्नोई बहुल पारता गांव के लोगों को जोधपुर के समीप खेजड़ी घटना की याद दिलाते हुए बताया कि किस प्रकार से समाज के सैकड़ों लोगों ने पेड़ों को बचाने के लिए अपने प्राणों की आहुति दी थी। उन्होंने कहा कि हम सभी को इस घटना का स्मरण रखते हुए यह संकल्प लेना चाहिए कि इस बार खेतों में न तो स्वयं पराली जलाएंगे और ना ही किसी अन्य को पराली जलाने देंगे। खेतों में पराली जलाने से अनगिनत वृक्ष जल जाते हैं और साथ ही आग के फैलने से बेजुबान जीव भी जिंदा जल जाते हैं। इसलिए जाने-अनजाने ग्रामवासी पाप के भागीदार ना बने और पराली प्रबंधन को लेकर हरियाणा सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं का लाभ उठाएं। उन्होंने कहा कि गांव में किसी भी सूरत में नशे को ना घुसने दें और यदि कोई समाज विरोधी व्यक्ति ऐसी चेष्टा करता है तो उसकी सूचना अविलंब पुलिस और प्रशासन को दे।
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फतेहाबाद। ग्राम पंचायत पारता ने नशाखोरी के खिलाफ एक अनूठी पहल करते हुए सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया है कि गांव में नशीली दवाओं, चिट्टा व स्मैक जैसे जानलेवा नशीले पदार्थों की बिक्री किसी भी सूरत में नहीं होने दी जाएगी। इस संबंध में ग्राम पंचायत ने गांव तथा आसपास के लगभग आधा दर्जन मेडिकल स्टोर संचालकों को भी कड़ी चेतावनी जारी कर दी है कि यदि वे बिना किसी डॉक्टर की पर्ची के सीधे नशीले इंजेक्शन, कैप्सूल, गोलियां आदि की बिक्री करते पाए गए तो ग्राम पंचायत बिना किसी का इंतजार किए अपने स्तर पर ठोस कार्यवाही अमल में लाएगी।
हरियाणा सरकार के निर्देशानुसार सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग की ओर से गांव में आयोजित सांध्यकालीन प्रवास कार्यक्रम में सरपंच पवन महला ने यह बात कही। इस अवसर पर ग्राम पंचायत सदस्य राजकुमार, मनतारी, रघुवीर, उषा रानी व बंसीलाल सहित गांव के मौजिज लोगों ने भरोसा दिलाया कि नशे को लेकर जिला में चलाए जा रहे सघन अभियान में वे पूरी तरह से प्रशासन का सहयोग करेंगे। इस अवसर पर जिला सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी सुरेंद्र सिंह ने बिश्नोई बहुल पारता गांव के लोगों को जोधपुर के समीप खेजड़ी घटना की याद दिलाते हुए बताया कि किस प्रकार से समाज के सैकड़ों लोगों ने पेड़ों को बचाने के लिए अपने प्राणों की आहुति दी थी। उन्होंने कहा कि हम सभी को इस घटना का स्मरण रखते हुए यह संकल्प लेना चाहिए कि इस बार खेतों में न तो स्वयं पराली जलाएंगे और ना ही किसी अन्य को पराली जलाने देंगे। खेतों में पराली जलाने से अनगिनत वृक्ष जल जाते हैं और साथ ही आग के फैलने से बेजुबान जीव भी जिंदा जल जाते हैं। इसलिए जाने-अनजाने ग्रामवासी पाप के भागीदार ना बने और पराली प्रबंधन को लेकर हरियाणा सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं का लाभ उठाएं। उन्होंने कहा कि गांव में किसी भी सूरत में नशे को ना घुसने दें और यदि कोई समाज विरोधी व्यक्ति ऐसी चेष्टा करता है तो उसकी सूचना अविलंब पुलिस और प्रशासन को दे।
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