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बाढ़ सुरक्षा के लिए बने बांधों को जेसीबी से तोड़ा, डीसी से मिले लोग

Mon, 24 Jun 2019 11:33 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Mon, 24 Jun 2019 11:33 PM IST
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बाढ़ सुरक्षा के लिए बने बांधों को जेसीबी से तोड़ा, डीसी से मिले लोग
फतेहाबाद। शहर के चिल्ली क्षेत्र के साथ लगते मोहल्ला डेरेवाला, मोहल्ला रामदासिया और मोहल्ला इन्दपुरा में रहने वाले लोगों द्वारा बाढ़ से सुरक्षा को लेकर घरों के पीछे बनाए गए बांध को जेसीबी लगाकर तोड़ने के विरोध में दर्जनों लोग जिला उपायुक्त से मिले। लोगों ने बांध तोड़ने वाले हिसार निवासी सुधीर जांगड़ा के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग की। इस समस्या को गंभीरता से लेेते हुए उपायुक्त धीरेन्द्र खड़गटा ने नगर परिषद अधिकारियों को तलब किया और उनसे जानकारी ली। उन्होंने सुधीर जांगड़ा को इस कार्य को तुरंत रोकने तथा नगर परिषद अधिकारियों को मौके का मुआयना कर जमीन की पैमाइश कर तुरंत रिपोर्ट देने के आदेश दिए हैं।
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उपायुक्त से मिलने वालों में इन मोहल्लों में रहने वाले किशन चंद, सुरेंद्र मेहता, सुरेश कुमार, रमेश, पूर्व पार्षद चंद्र मेहता, पार्षद प्रतिनिधि डबली ग्रोवर, विजय शर्मा, देसराज, ललित कुमार, सोनू, राहुल शर्मा, पवन कुमार, कैलाश, गौरव गुप्ता, पालाराम, रामकुमार, बहादर चंद व नागरिक अधिकार मंच के संयोजक मोहन लाल नारंग, हरनाम सिंह, देवीलाल एडवोकेट, कमलेश एडवोकेट आदि शामिल थे। इन लोगों ने उपायुक्त को बताया कि उनके मकान चिल्ली क्षेत्र से सटे हुए हैं। वर्ष 1962, 1992 व 1995 में फतेहाबाद में जब बाढ़ आई थी तो मकानों की सुरक्षा के लिए सरकार द्वारा मकानों के पीछे बांध बनवाए गए थे।
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उन्होंने बताया कि गत 21 जून को हिसार निवासी सुधीर जांगड़ा ने निजी तौर पर जेसीबी लगाकर इन बांधों को हटवा दिया, जिसका लोगों ने विरोध भी किया। सुधीर जांगड़ा का कहना था कि यह कृषि भूमि उसकी है जबकि उसके पास कोई कागजात नहीं है और न ही पैमाइश है। लोगों ने बताया कि वास्तविकता में यह दशकों से चिल्ली डोब का क्षेत्र रहा है और मकानों के पीछे 70-80 फुट चौड़ी गली है। इस पूरे डोब क्षेत्र में किसी प्रकार की काश्त नहीं होती। पहले ही उक्त कॉलोनी के मकानों के पीछे सीवरेज का गंदा पानी खुले में जा रहा है जिसको लेकर प्रशासन को पहले ही शिकायत दर्ज करवाई जा चुकी है।
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बांध तोड़ने मकानों के पीछे बनी खाई
लोगों ने बताया कि व्यक्ति द्वारा गैर कानूनी तरीके से सरकार द्वारा बनाए गए बांधों को तोड़ने से मकानों के पीछे खाई बन गई है जिस कारण उनके मकानों के गिरने का भी खतरा बढ़ गया है। इन लोगों ने बताया कि जब उक्त सुधीर जांगड़ा की कार्यवाही का विरोध किया तो उनसे मोहल्ले वालों को ही धमकाना शुरू कर दिया।
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