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जिले के 1400 आढ़ती रहे हड़ताल पर, मंडियों में नहीं हो सकी गेहूं की खरीद
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गेहूं खरीद कार्य नहीं होने के कारण खाली नजर आती फतेहाबाद अनाज मंडी।
- फोटो : Fatehabad
अनाज मंडियों में गेहूं की आवक शुरू होने के साथ ही आढ़तियों ने हड़ताल का एलान कर दिया है। प्रदेश सरकार के साथ वार्ता सिरे नहीं चढ़ने से वीरवार को जिले के 1400 आढ़ती हड़ताल पर रहे। इस कारण जिले की सात प्रमुख मंडियों सहित अन्य खरीद केंद्रों पर भी गेहूं खरीद का काम नहीं हो सका। आढ़तियों ने स्पष्ट कह दिया है कि वे न तो गेहूं की तुलाई करेंगे और न ही झराई का काम करेंगे। उनकी मांग है कि किसानों को फसलों का भुगतान आढ़तियों की मार्फत होना चाहिए। हालांकि, अभी तक मंडियों में बड़े पैमाने पर गेहूं की फसल नहीं आई है। इसलिए फिलहाल किसानों को कोई ज्यादा दिक्कत नहीं हुई है।
उधर, आढ़तियों की हड़ताल के मद्देनजर प्रशासन ने भी विकल्प सोच लिया है। यदि आढ़ती नहीं मानें तो एफपीओ यानी किसान उत्पादक संगठन आढ़तियों की भूमिका निभाएंगे। एफपीओ के माध्यम से गेहूं खरीदा जाएगा। फसल खरीदने के लिए किसान उत्पादक संगठनों को अस्थायी कच्चा आढ़ती का लाइसेंस दिया जाएगा। उद्यान और कृषि विभाग से सहायता प्राप्त एफपीओ लाइसेंस लेकर फसल खरीद कर सकेंगे। मार्केट कमेटी अधिकारियों का दावा है कि किसानों का अनाज हर हाल में खरीदा जाएगा। किसानों को किसी तरह की परेशानी नहीं आने दी जाएगी। फतेहाबाद की अनाजमंडी में कुल 250 फर्म हैं, जो गेहूं की खरीद करती हैं। फिलहाल सभी हड़ताल में शामिल हैं।
जिले में 30 एफपीओ तैयार
जिले में अब तक कुल 30 एफपीओ बन चुके हैं, जिसमें बागवानी, कृषि, पशुपालन व डेयरी व एक मछली पालन विभागों के एफपीओ शामिल हैं। कृषि विभाग द्वारा एक ब्लॉक, एक फसल, एक एफपीओ स्कीम के तहत एफपीओ बनाए गए हैं। प्रत्येक समूह में लगभग 300 किसान हैं।
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व्यापार मंडल ने बैठक कर बनाई रणनीति
अनाजमंडी व्यापार मंडल की बैठक प्रधान जगदीश भादू की अध्यक्षता में व्यापार मंडल कार्यालय में आयोजित हुई। बैठक में निर्णय लिया गया कि आज से अनाजमंडी में गेहूं की तुलाई व झराई नहीं होगी। केवल ट्रालियों से गेहूं को उतारा जा सकेगा। व्यापार मंडल की मुख्य मांग है कि गेहूं का भुगतान आढ़तियों के माध्यम से ही किसान की इच्छानुसार किया जाए। सरकार की ई पोर्टल प्रणाली भी सही से नहीं चल रही है। सरकार इसमें भी सुधार करे। इस मौके पर लेबर यूनियन व तोला यूनियन के पदाधिकारी भी मौजूद रहे। वे भी व्यापार मंडल के समर्थन में हैं। बैठक में कृष्ण सचदेवा, बागराम, सुभाष खुराना, ज्ञानचंद उतरेजा, विजय कक्कड़, भगवानदास गोयल, चंचल बतरा सहित कई व्यापारी मौजूद रहे।
फसल अवशेष जलाने पर लगाया प्रतिबंध
जिलाधीश डॉ. नरहरि सिंह बांगड़ ने दंड प्रक्रिया नियमावली 1973 की धारा 144 द्वारा प्रदत्त शक्तियों के अंतर्गत आदेश पारित करके जिला में तुरंत प्रभाव से रबी फसल की कटाई के बाद बचे अवशेषों को जलाने पर पूर्णतया प्रतिबंध लगा दिया गया है। ये आदेश आगामी 31 मई 2021 तक प्रभावी होंगे। उन्होंने कहा गया है कि अवशेष जलाने से उत्पन्न धुआं आसमान में चारों ओर फैल जाता है, जो आमजन के स्वास्थ्य के लिए घातक है। आगजनी होने पर मानव जीवन तथा संपत्ति को हानि की संभावना रहती है। यदि कोई अवशेष जलाते पाया गया तो उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।
जिले में प्रमुख मंडियों में आढ़तियों की संख्या
फतेहाबाद - 250
टोहाना - 325
रतिया - 300
भूना - 260
भट्टू - 120
जाखल - 100
धारसूल - 45
कोट
जब तक आढ़तियों की मांग नहीं मानी जाती, तब तक मंडी में गेहूं की खरीद को लेकर हड़ताल रहेगी। हम खरीद प्रक्रिया में हिस्सा नहीं लेंगे। सरकार हर काम में मनमानी कर रही है।
-जगदीश भादू, प्रधान, व्यापार मंडल फतेहाबाद।
कोट
हमारा प्रयास तो यही है कि व्यापारी हड़ताल काम पर लगें। हमें उम्मीद है कि व्यापारी जल्द मान जाएंगे। अन्यथा गेहूं की खरीद एफपीओ के माध्यम से करवाई जाएगी। किसानों को परेशानी नहीं आने दी जाएगी।
-संजीव सचदेवा, सचिव, मार्केट कमेटी।
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उधर, आढ़तियों की हड़ताल के मद्देनजर प्रशासन ने भी विकल्प सोच लिया है। यदि आढ़ती नहीं मानें तो एफपीओ यानी किसान उत्पादक संगठन आढ़तियों की भूमिका निभाएंगे। एफपीओ के माध्यम से गेहूं खरीदा जाएगा। फसल खरीदने के लिए किसान उत्पादक संगठनों को अस्थायी कच्चा आढ़ती का लाइसेंस दिया जाएगा। उद्यान और कृषि विभाग से सहायता प्राप्त एफपीओ लाइसेंस लेकर फसल खरीद कर सकेंगे। मार्केट कमेटी अधिकारियों का दावा है कि किसानों का अनाज हर हाल में खरीदा जाएगा। किसानों को किसी तरह की परेशानी नहीं आने दी जाएगी। फतेहाबाद की अनाजमंडी में कुल 250 फर्म हैं, जो गेहूं की खरीद करती हैं। फिलहाल सभी हड़ताल में शामिल हैं।
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जिले में 30 एफपीओ तैयार
जिले में अब तक कुल 30 एफपीओ बन चुके हैं, जिसमें बागवानी, कृषि, पशुपालन व डेयरी व एक मछली पालन विभागों के एफपीओ शामिल हैं। कृषि विभाग द्वारा एक ब्लॉक, एक फसल, एक एफपीओ स्कीम के तहत एफपीओ बनाए गए हैं। प्रत्येक समूह में लगभग 300 किसान हैं।
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व्यापार मंडल ने बैठक कर बनाई रणनीति
अनाजमंडी व्यापार मंडल की बैठक प्रधान जगदीश भादू की अध्यक्षता में व्यापार मंडल कार्यालय में आयोजित हुई। बैठक में निर्णय लिया गया कि आज से अनाजमंडी में गेहूं की तुलाई व झराई नहीं होगी। केवल ट्रालियों से गेहूं को उतारा जा सकेगा। व्यापार मंडल की मुख्य मांग है कि गेहूं का भुगतान आढ़तियों के माध्यम से ही किसान की इच्छानुसार किया जाए। सरकार की ई पोर्टल प्रणाली भी सही से नहीं चल रही है। सरकार इसमें भी सुधार करे। इस मौके पर लेबर यूनियन व तोला यूनियन के पदाधिकारी भी मौजूद रहे। वे भी व्यापार मंडल के समर्थन में हैं। बैठक में कृष्ण सचदेवा, बागराम, सुभाष खुराना, ज्ञानचंद उतरेजा, विजय कक्कड़, भगवानदास गोयल, चंचल बतरा सहित कई व्यापारी मौजूद रहे।
फसल अवशेष जलाने पर लगाया प्रतिबंध
जिलाधीश डॉ. नरहरि सिंह बांगड़ ने दंड प्रक्रिया नियमावली 1973 की धारा 144 द्वारा प्रदत्त शक्तियों के अंतर्गत आदेश पारित करके जिला में तुरंत प्रभाव से रबी फसल की कटाई के बाद बचे अवशेषों को जलाने पर पूर्णतया प्रतिबंध लगा दिया गया है। ये आदेश आगामी 31 मई 2021 तक प्रभावी होंगे। उन्होंने कहा गया है कि अवशेष जलाने से उत्पन्न धुआं आसमान में चारों ओर फैल जाता है, जो आमजन के स्वास्थ्य के लिए घातक है। आगजनी होने पर मानव जीवन तथा संपत्ति को हानि की संभावना रहती है। यदि कोई अवशेष जलाते पाया गया तो उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।
जिले में प्रमुख मंडियों में आढ़तियों की संख्या
फतेहाबाद - 250
टोहाना - 325
रतिया - 300
भूना - 260
भट्टू - 120
जाखल - 100
धारसूल - 45
कोट
जब तक आढ़तियों की मांग नहीं मानी जाती, तब तक मंडी में गेहूं की खरीद को लेकर हड़ताल रहेगी। हम खरीद प्रक्रिया में हिस्सा नहीं लेंगे। सरकार हर काम में मनमानी कर रही है।
-जगदीश भादू, प्रधान, व्यापार मंडल फतेहाबाद।
कोट
हमारा प्रयास तो यही है कि व्यापारी हड़ताल काम पर लगें। हमें उम्मीद है कि व्यापारी जल्द मान जाएंगे। अन्यथा गेहूं की खरीद एफपीओ के माध्यम से करवाई जाएगी। किसानों को परेशानी नहीं आने दी जाएगी।
-संजीव सचदेवा, सचिव, मार्केट कमेटी।

रतिया में गेहूं खरीद नहीं होने पर मंडी में चारपाई डालकर लेटा किसान।- फोटो : Fatehabad