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Fatehabad News: नगर पालिका प्रधान व उपप्रधान पर 14 पार्षदों को नहीं है विश्वास
Tue, 04 Mar 2025 11:27 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Tue, 04 Mar 2025 11:27 PM IST
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फतेहाबाद में उपायुक्त से मिलने जाते नगर पालिका के 14 पार्षद व उनके प्रतिनिधि
रतिया। नगर पालिका की राजनीति में मंगलवार को बड़ा उलटफेर सामने आया। नगर पालिका के 17 में से 14 पार्षदों ने कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुईं चेयरपर्सन प्रीति खन्ना व भाजपा समर्थित वाइस चेयरमैन जोगिंदर नंदा के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश करने के लिए उपायुक्त को मिलने फतेहाबाद पहुंच गए।
हालांकि उपायुक्त की गैर मौजूदगी में पार्षद एडीसी अनुराग ढालिया से मिले और अपने शपथ पत्र देकर जल्द से जल्द अविश्वास प्रस्ताव की तारीख देने की मांग की। एडीसी अनुराग ढालिया ने सभी 14 पार्षदों से बातचीत कर उन्हें आश्वासन दिया कि वह उपायुक्त को पूरे दस्तावेज सौंप देंगे और जो भी आगामी आदेश दिए जाएंगे। उसके तहत मामले में आगामी कार्रवाई करेंगे। अविश्वास प्रस्ताव पेश करने पहुंचे पार्षदों में गुरप्रीत गोपी, विजय गर्ग, अजमेर सिंह, गौरव शर्मा, अजय गुप्ता, सतपाल सिंह, रेखा रानी, वीरपाल कौर, नीरू बाला, पिंकी, गुरविंदर सिंह, धीरज कुमार, सुमन रानी, हैप्पी सहित 14 पार्षद शामिल थे।
पार्षदों ने कहा कि नगर पालिका अध्यक्ष व उपाध्यक्ष अपनी जिम्मेदारियां का निर्वहन करने में असमर्थ हैं और वह नगर पालिका में अपना विश्वास खो चुकी हैं इसलिए हम सभी पार्षद दोनों के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाना चाहते हैं।
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पार्षद बोले-ढाई साल से नहीं हो रहे काम
पार्षद विजय गर्ग ने आरोप लगाया कि ढाई साल पूर्व पार्षदों को अपने-अपने वार्ड में विकास कार्य करवाने को लेकर वार्ड वासियों ने पार्षद बनाया था लेकिन अध्यक्ष व उपाध्यक्ष की मनमर्जी के चलते पिछले ढाई साल में वह अपने वार्ड में विकास कार्य करवाने में असमर्थ रहे हैं। जिसके चलते सभी पार्षद दोनों के खिलाफ जिम्मेवारी का निर्वहन न करने के चलते अविश्वास प्रस्ताव लाने को मजबूर हुए हैं। पार्षद विजय गर्ग ने कहा कि अध्यक्ष व उपाध्यक्ष के कारण ही नगर पालिका के अधिकारी खस्ता हालत कॉलोनी में कार्य करने के बजाय निजी बिल्डरों को फायदा पहुंचा रहे हैं। जो काॅलोनियां निजी बिल्डरों द्वारा काटी गई थी उनमें गैरकानूनी तरीके से मिट्टी डालकर सड़कें बना रहे थे और अवैध कॉलोनी को फायदा पहुंचाया जा रहा था जिस कारण शहरवासियों में भी अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के प्रति भारी रोष है। विजय गर्ग ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर प्रशासन ने दबाव में जल्द ही अविश्वास प्रस्ताव की तारीख नहीं दी तो वह पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय का रुख करने के लिए मजबूर हो जाएंगे।
विपक्षी पार्षद रच रहे हैं षड्यंत्र
14 पार्षदों द्वारा नगर पालिका अध्यक्ष व उपाध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाए जाने की चर्चाओं के बीच अध्यक्ष प्रतिनिधि महेश खन्ना व उपाध्यक्ष जोगिंदर नंदा ने कहा कि कुछ विपक्षी पार्षद नगर पालिका का माहौल खराब करने पर तुले हैं। क्योंकि वह नहीं चाहते कि क्षेत्र में विकास हो और सत्ताधारी पार्टी के खिलाफ माहौल बनाकर विपक्षी नेताओं की शह पर भाजपा को बदनाम करना चाहते हैं। उपाध्यक्ष जोगिंदर नंदा ने कहा कि पिछले करीब तीन वर्षों में उक्त पार्षदों ने बजट बैठक को भी लटकाने का काम किया तथा जहां भी विकास कार्यों को लेकर टेंडर निकाले गए वहां पर भी अड़ंगा लगाने का प्रयास किया। अध्यक्ष प्रतिनिधि महेश खन्ना ने कहा कि वे भाजपा की विकास की नीतियों व मुख्यमंत्री के काम करने के तरीके से प्रभावित होकर भाजपा में शामिल हुए हैं लेकिन उन पार्षदों को मेरे भाजपा में शामिल होने पर ही समस्या पैदा हुई है। हम रतिया क्षेत्र का विकास करवाएंगे चाहे उसके लिए कोई भी कुर्बानी देनी पड़े। उन्होंने दावा किया कि उनके पास बहुमत है और अगर उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया गया तो पहली बैठक में ही खारिज हो जाएगा।
28 फरवरी को भाजपा में शामिल हुई थीं चेयरपर्सन
नगर पालिका की चेयरपर्सन प्रीति खन्ना कांग्रेस समर्थक थीं और अभी 28 फरवरी को ही जाखल में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की मौजूदगी में कांग्रेस पार्टी छोड़कर भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुई थीं। हालांकि 22 जून 2022 को हुए नगर पालिका के चुनाव के दौरान प्रीति खन्ना ने रतिया नगर पालिका का चुनाव कांग्रेस के समर्थन से लड़ा था और वर्तमान विधायक जरनैल सिंह द्वारा प्रीति खन्ना को जिताने के लिए प्रचार अभियान चलाया गया था। जिसके बाद विधानसभा चुनाव में प्रीति खन्ना व उनके पति महेश खन्ना ने कांग्रेस पार्टी के उम्मीदवार जरनैल सिंह का समर्थन कर उन्हें जितवाने में सहयोग किया था। लेकिन भाजपा की सरकार बन जाने के बाद पिछले काफी समय से प्रीति खन्ना व महेश खन्ना विधायक जरनैल सिंह के साथ दिखाई नहीं दे रहे थे। पिछले कुछ दिनों से क्षेत्र में नगर पालिका अध्यक्ष व उपाध्यक्ष के खिलाफ पार्षदों द्वारा अविश्वास प्रस्ताव लाए जाने की चर्चाएं चल रही थी। इन चर्चाओं के चलते ही अध्यक्ष प्रीति खन्ना भाजपा में शामिल होने की योजना बनाई है। हालांकि यह भी चर्चा है कि इससे पहले 16 पार्षद अविश्वास प्रस्ताव लाना चाहते थे लेकिन प्रीति खन्ना द्वारा भाजपा में शामिल होने के बाद मंगलवार को फतेहाबाद में 14 ही पार्षद पहुंचे। वहीं उपाध्यक्ष जोगिंदर नंदा भाजपा समर्थित हैं और वह भाजपा के कार्यकारी मंडल अध्यक्ष भी रहे हैं।
भाजपा समर्थित पार्षद भी कर रहे बगावत
अध्यक्ष व उपाध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव किस योजना के पीछे क्षेत्र में अनेकों चर्चाएं हैं। जिन 14 पार्षदों ने बगावत की है उनमें कुछ भाजपा समर्थित पार्षद भी है। जिसके चलते यह भी चर्चा है कि इस अविश्वास प्रस्ताव के पीछे जहां विपक्ष मुख्य सीट पर बैठा है वही सत्ता पक्ष के लोगो द्वारा भी इस गाड़ी को धक्का दिया जा रहा है। इसलिए अब देखना होगा कि अब सत्ता पक्ष के अध्यक्ष व उपाध्यक्ष के खिलाफ पार्षदों की बगावत क्या रंग लाती है क्योंकि इससे पूर्व पंचायत समिति अध्यक्ष केवल मेहता के खिलाफ भी पंचायत समिति सदस्यों ने अविश्वास प्रस्ताव लाया था लेकिन उसमें पंचायत समिति सदस्य कामयाब नहीं हुए थे। पंचायत समिति अध्यक्ष के खिलाफ भी जहां पहले 16 सदस्यों ने अविश्वास प्रस्ताव का पत्र उपायुक्त को सौंपा था लेकिन अविश्वास प्रस्ताव के दौरान उनकी संख्या 10 रह गई थी। जिसके चलते पंचायत समिति अध्यक्ष के खिलाफ प्रस्ताव खारिज हो गया था। मंगलवार को नगर पालिका अध्यक्ष व उपाध्यक्ष के खिलाफ 14 एकजुट हुए हैं तथा यह देखना होगा कि यह पार्षद कितने समय तक एकजुट रह सकते हैं।
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हालांकि उपायुक्त की गैर मौजूदगी में पार्षद एडीसी अनुराग ढालिया से मिले और अपने शपथ पत्र देकर जल्द से जल्द अविश्वास प्रस्ताव की तारीख देने की मांग की। एडीसी अनुराग ढालिया ने सभी 14 पार्षदों से बातचीत कर उन्हें आश्वासन दिया कि वह उपायुक्त को पूरे दस्तावेज सौंप देंगे और जो भी आगामी आदेश दिए जाएंगे। उसके तहत मामले में आगामी कार्रवाई करेंगे। अविश्वास प्रस्ताव पेश करने पहुंचे पार्षदों में गुरप्रीत गोपी, विजय गर्ग, अजमेर सिंह, गौरव शर्मा, अजय गुप्ता, सतपाल सिंह, रेखा रानी, वीरपाल कौर, नीरू बाला, पिंकी, गुरविंदर सिंह, धीरज कुमार, सुमन रानी, हैप्पी सहित 14 पार्षद शामिल थे।
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पार्षदों ने कहा कि नगर पालिका अध्यक्ष व उपाध्यक्ष अपनी जिम्मेदारियां का निर्वहन करने में असमर्थ हैं और वह नगर पालिका में अपना विश्वास खो चुकी हैं इसलिए हम सभी पार्षद दोनों के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाना चाहते हैं।
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पार्षद बोले-ढाई साल से नहीं हो रहे काम
पार्षद विजय गर्ग ने आरोप लगाया कि ढाई साल पूर्व पार्षदों को अपने-अपने वार्ड में विकास कार्य करवाने को लेकर वार्ड वासियों ने पार्षद बनाया था लेकिन अध्यक्ष व उपाध्यक्ष की मनमर्जी के चलते पिछले ढाई साल में वह अपने वार्ड में विकास कार्य करवाने में असमर्थ रहे हैं। जिसके चलते सभी पार्षद दोनों के खिलाफ जिम्मेवारी का निर्वहन न करने के चलते अविश्वास प्रस्ताव लाने को मजबूर हुए हैं। पार्षद विजय गर्ग ने कहा कि अध्यक्ष व उपाध्यक्ष के कारण ही नगर पालिका के अधिकारी खस्ता हालत कॉलोनी में कार्य करने के बजाय निजी बिल्डरों को फायदा पहुंचा रहे हैं। जो काॅलोनियां निजी बिल्डरों द्वारा काटी गई थी उनमें गैरकानूनी तरीके से मिट्टी डालकर सड़कें बना रहे थे और अवैध कॉलोनी को फायदा पहुंचाया जा रहा था जिस कारण शहरवासियों में भी अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के प्रति भारी रोष है। विजय गर्ग ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर प्रशासन ने दबाव में जल्द ही अविश्वास प्रस्ताव की तारीख नहीं दी तो वह पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय का रुख करने के लिए मजबूर हो जाएंगे।
विपक्षी पार्षद रच रहे हैं षड्यंत्र
14 पार्षदों द्वारा नगर पालिका अध्यक्ष व उपाध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाए जाने की चर्चाओं के बीच अध्यक्ष प्रतिनिधि महेश खन्ना व उपाध्यक्ष जोगिंदर नंदा ने कहा कि कुछ विपक्षी पार्षद नगर पालिका का माहौल खराब करने पर तुले हैं। क्योंकि वह नहीं चाहते कि क्षेत्र में विकास हो और सत्ताधारी पार्टी के खिलाफ माहौल बनाकर विपक्षी नेताओं की शह पर भाजपा को बदनाम करना चाहते हैं। उपाध्यक्ष जोगिंदर नंदा ने कहा कि पिछले करीब तीन वर्षों में उक्त पार्षदों ने बजट बैठक को भी लटकाने का काम किया तथा जहां भी विकास कार्यों को लेकर टेंडर निकाले गए वहां पर भी अड़ंगा लगाने का प्रयास किया। अध्यक्ष प्रतिनिधि महेश खन्ना ने कहा कि वे भाजपा की विकास की नीतियों व मुख्यमंत्री के काम करने के तरीके से प्रभावित होकर भाजपा में शामिल हुए हैं लेकिन उन पार्षदों को मेरे भाजपा में शामिल होने पर ही समस्या पैदा हुई है। हम रतिया क्षेत्र का विकास करवाएंगे चाहे उसके लिए कोई भी कुर्बानी देनी पड़े। उन्होंने दावा किया कि उनके पास बहुमत है और अगर उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया गया तो पहली बैठक में ही खारिज हो जाएगा।
28 फरवरी को भाजपा में शामिल हुई थीं चेयरपर्सन
नगर पालिका की चेयरपर्सन प्रीति खन्ना कांग्रेस समर्थक थीं और अभी 28 फरवरी को ही जाखल में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की मौजूदगी में कांग्रेस पार्टी छोड़कर भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुई थीं। हालांकि 22 जून 2022 को हुए नगर पालिका के चुनाव के दौरान प्रीति खन्ना ने रतिया नगर पालिका का चुनाव कांग्रेस के समर्थन से लड़ा था और वर्तमान विधायक जरनैल सिंह द्वारा प्रीति खन्ना को जिताने के लिए प्रचार अभियान चलाया गया था। जिसके बाद विधानसभा चुनाव में प्रीति खन्ना व उनके पति महेश खन्ना ने कांग्रेस पार्टी के उम्मीदवार जरनैल सिंह का समर्थन कर उन्हें जितवाने में सहयोग किया था। लेकिन भाजपा की सरकार बन जाने के बाद पिछले काफी समय से प्रीति खन्ना व महेश खन्ना विधायक जरनैल सिंह के साथ दिखाई नहीं दे रहे थे। पिछले कुछ दिनों से क्षेत्र में नगर पालिका अध्यक्ष व उपाध्यक्ष के खिलाफ पार्षदों द्वारा अविश्वास प्रस्ताव लाए जाने की चर्चाएं चल रही थी। इन चर्चाओं के चलते ही अध्यक्ष प्रीति खन्ना भाजपा में शामिल होने की योजना बनाई है। हालांकि यह भी चर्चा है कि इससे पहले 16 पार्षद अविश्वास प्रस्ताव लाना चाहते थे लेकिन प्रीति खन्ना द्वारा भाजपा में शामिल होने के बाद मंगलवार को फतेहाबाद में 14 ही पार्षद पहुंचे। वहीं उपाध्यक्ष जोगिंदर नंदा भाजपा समर्थित हैं और वह भाजपा के कार्यकारी मंडल अध्यक्ष भी रहे हैं।
भाजपा समर्थित पार्षद भी कर रहे बगावत
अध्यक्ष व उपाध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव किस योजना के पीछे क्षेत्र में अनेकों चर्चाएं हैं। जिन 14 पार्षदों ने बगावत की है उनमें कुछ भाजपा समर्थित पार्षद भी है। जिसके चलते यह भी चर्चा है कि इस अविश्वास प्रस्ताव के पीछे जहां विपक्ष मुख्य सीट पर बैठा है वही सत्ता पक्ष के लोगो द्वारा भी इस गाड़ी को धक्का दिया जा रहा है। इसलिए अब देखना होगा कि अब सत्ता पक्ष के अध्यक्ष व उपाध्यक्ष के खिलाफ पार्षदों की बगावत क्या रंग लाती है क्योंकि इससे पूर्व पंचायत समिति अध्यक्ष केवल मेहता के खिलाफ भी पंचायत समिति सदस्यों ने अविश्वास प्रस्ताव लाया था लेकिन उसमें पंचायत समिति सदस्य कामयाब नहीं हुए थे। पंचायत समिति अध्यक्ष के खिलाफ भी जहां पहले 16 सदस्यों ने अविश्वास प्रस्ताव का पत्र उपायुक्त को सौंपा था लेकिन अविश्वास प्रस्ताव के दौरान उनकी संख्या 10 रह गई थी। जिसके चलते पंचायत समिति अध्यक्ष के खिलाफ प्रस्ताव खारिज हो गया था। मंगलवार को नगर पालिका अध्यक्ष व उपाध्यक्ष के खिलाफ 14 एकजुट हुए हैं तथा यह देखना होगा कि यह पार्षद कितने समय तक एकजुट रह सकते हैं।