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15 दिनों से बंद रहने बाद शुरू हुई सरसों खरीद, पहले दिन की आवक महज 35 क्विंटल
Updated Mon, 02 Apr 2018 12:36 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
भूना।
अनाज मंडी भूना में सरसों की खरीद के लिए किसान भले ही 15 दिनों से सरकार व खरीद एजेंसियों पर दबाव बनाने का प्रयास कर रहे हों, किंतु हैफेड द्वारा खरीद के पहले दिन महज 35 क्विंटल ही सरसों खरीदा गया है। अधिकारियों ने ढेरियों में नमी बताकर सरसों खरीद की औपचारिक्ता पूरी की है। हैफेड के प्रबंधक दलीप सिंह ने बताया कि नियमों के अनुसार सरसों की खरीद की जा रही है। सोमवार को अनाज मंडी व खरीद केंद्रों पर सरसों की खरीद जारी रहेगी। उधर पिछले 15 दिनों ने अनाज मंडी में सरसों बेचने के लिए लगातार डेरा जमाए बैठे किसानों में भारी रोष है। किसान संघर्ष समिति के प्रधान करनैल सिंह व चांदी राम कड़वासरा ने कहा कि सरकार सरसों की खरीद पर अनाप शनाप नियम लागू करके किसानों का शोषण कर रही है। उन्होंने कहा कि किसान अपनी फसल बेचने के लिए दर-दर की ठोकरें खा रहे हैं और उन्हें आधार कार्ड, जमीन से संबधित दस्तावेज व अन्य कागजात पेश करके ही फसल बेचने पर मजबूर है। जबकि व्यापारियों को किसानों की फसल लूटने की खुली छूट दी हुई है।
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भूना।
अनाज मंडी भूना में सरसों की खरीद के लिए किसान भले ही 15 दिनों से सरकार व खरीद एजेंसियों पर दबाव बनाने का प्रयास कर रहे हों, किंतु हैफेड द्वारा खरीद के पहले दिन महज 35 क्विंटल ही सरसों खरीदा गया है। अधिकारियों ने ढेरियों में नमी बताकर सरसों खरीद की औपचारिक्ता पूरी की है। हैफेड के प्रबंधक दलीप सिंह ने बताया कि नियमों के अनुसार सरसों की खरीद की जा रही है। सोमवार को अनाज मंडी व खरीद केंद्रों पर सरसों की खरीद जारी रहेगी। उधर पिछले 15 दिनों ने अनाज मंडी में सरसों बेचने के लिए लगातार डेरा जमाए बैठे किसानों में भारी रोष है। किसान संघर्ष समिति के प्रधान करनैल सिंह व चांदी राम कड़वासरा ने कहा कि सरकार सरसों की खरीद पर अनाप शनाप नियम लागू करके किसानों का शोषण कर रही है। उन्होंने कहा कि किसान अपनी फसल बेचने के लिए दर-दर की ठोकरें खा रहे हैं और उन्हें आधार कार्ड, जमीन से संबधित दस्तावेज व अन्य कागजात पेश करके ही फसल बेचने पर मजबूर है। जबकि व्यापारियों को किसानों की फसल लूटने की खुली छूट दी हुई है।