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प्रधान के घर एकत्रित हुए 11 पार्षद, अब उपाध्यक्ष को हटाने की तैयारी
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नगर परिषद कार्यालय, फतेहाबाद ।
- फोटो : Fatehabad
फतेहाबाद। दो दिन पहले नगर परिषद अध्यक्ष दर्शन नागपाल को हटाने के लिए होटल दीप में डिनर बैठक में शामिल विरोधी पार्षदों में फूट पड़ गई है। इतना ही नहीं, नगर परिषद अध्यक्ष को हटाने की मुहिम का जवाब अब उपाध्यक्ष सुनीता रत्ति को उनके पद से हटाकर दिया जाएगा। इस संदर्भ में नगर परिषद अध्यक्ष दर्शन नागपाल के निवास पर शुक्रवार शाम पार्षदों की बैठक हुई। इसमें 11 पार्षद शामिल हुए और इसके अलावा तीन अन्य पार्षदों ने बैठक के दौरान स्पीकर फोन पर नप अध्यक्ष दर्शन नागपाल के साथ रहने की हामी भरी। सूत्रों की मानें तो बैठक में 8 पंजाबी व तीन दलित पार्षद शामिल थे।
सूत्रों के अनुसार शुक्रवार को हुई बैठक में पार्षद राकेश गंभीर, पिंकी ग्रोवर, अनीता कुक्कड़, ज्योति मेहता, नरेश बजाज, सुरेंद्र मिड्डा मुख्य रूप से शामिल थे। सूत्रों की मानें तो नगर परिषद अध्यक्ष दर्शन नागपाल के निवास पर हुई बैठक में इस बात पर सहमति बनी है कि सुनीता रत्ति को उपाध्यक्ष पद से हटाया जाएगा। उनकी जगह पर सामान्य वर्ग की किसी महिला को ये पद सौंपा जा सकता है। इसमें पिंकी ग्रोवर, ज्योति मेहता व अनीता कुक्कड़ का नाम सबसे ऊपर चल रहे हैं। नप अध्यक्ष दर्शन नागपाल प्रयास में हैं कि आने वाले एक-दो दिन में विरोधी गुट के दो-तीन पार्षद और तोड़ लें ताकि उपाध्यक्ष को हटाने लायक समर्थन जुटाया जा सके।
बीजेपी ने अनुसूचित जाति की महिला को सौंपा था उपाध्यक्ष पद
चार साल पहले नगर परिषद प्रधान पद पर दर्शन नागपाल को बिठाया गया था। उस दौरान आरक्षित सीटों से जीतकर आए छह पार्षदों ने एकराय करके अपना ग्रुप बना लिया था और बीजेपी के प्रधानपद के उम्मीदवार को समर्थन देने की एवज में उपाध्यक्ष पद मांगा था। जिसके बाद लॉटरी सुनीता रत्ति के नाम की निकली। अब विस चुनावों के बाद प्रदेश और शहर के हालात बदले हैं। ऐसे में बीजेपी हाईकमान अब इस मसले में कोई बहुत ज्यादा दखल देगा, ऐसी संभावना ना के बराबर मानी जा रही है।
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विधायक दुड़ाराम नप अध्यक्ष नागपाल को हटाकर पंजाबी वर्ग की नाराजगी नहीं लेंगे मोल
ये भी माना जा रहा है कि नवनिर्वाचित दुड़ाराम नगर परिषद के अध्यक्ष एवं क्षेत्र के दिग्गज पंजाबी नेता दर्शन नागपाल को हटाने का जोखिम नहीं लेंगे। दरअसल विस चुनावों में नागपाल उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर चले थे। दूसरा विस चुनावों में दुड़ाराम के विरोधियों ने दुड़ाराम पर पंजाबी समाज की टिकट कटवाने का आरोप लगाते हुए काफी उत्तेजित प्रदर्शन किए थे। इनके बावजूद दुड़ाराम शहर से जीतकर निकले थे। ऐसे में नगर परिषद की मौजूदा कमेटी के अंतिम दौर में वो पंजाबी समाज से आने वाले प्रधान को हटाने की जल्दबाजी में नहीं दिखते। हालांकि नागपाल के खिलाफ बगावत का झंडा बुलंद करने वाले दीपू टुटेजा व नेहा मित्तल दोनों को ही दुड़ाराम का करीबी माना जाता है।
इस बारे में बात करने पर नगर परिषद अध्यक्ष दर्शन नागपाल ने पार्षदों संग बैठक की बात तो मानी है, लेकिन फिलहाल कोई अन्य ब्यौरा देने से ये कहकर इंकार कर दिया है कि कुछ विकास परियोजनाओं पर बात हुई है, एक बारगी तैयारी पूरी हो जाए, फिर सबको बता देंगे।
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सूत्रों के अनुसार शुक्रवार को हुई बैठक में पार्षद राकेश गंभीर, पिंकी ग्रोवर, अनीता कुक्कड़, ज्योति मेहता, नरेश बजाज, सुरेंद्र मिड्डा मुख्य रूप से शामिल थे। सूत्रों की मानें तो नगर परिषद अध्यक्ष दर्शन नागपाल के निवास पर हुई बैठक में इस बात पर सहमति बनी है कि सुनीता रत्ति को उपाध्यक्ष पद से हटाया जाएगा। उनकी जगह पर सामान्य वर्ग की किसी महिला को ये पद सौंपा जा सकता है। इसमें पिंकी ग्रोवर, ज्योति मेहता व अनीता कुक्कड़ का नाम सबसे ऊपर चल रहे हैं। नप अध्यक्ष दर्शन नागपाल प्रयास में हैं कि आने वाले एक-दो दिन में विरोधी गुट के दो-तीन पार्षद और तोड़ लें ताकि उपाध्यक्ष को हटाने लायक समर्थन जुटाया जा सके।
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बीजेपी ने अनुसूचित जाति की महिला को सौंपा था उपाध्यक्ष पद
चार साल पहले नगर परिषद प्रधान पद पर दर्शन नागपाल को बिठाया गया था। उस दौरान आरक्षित सीटों से जीतकर आए छह पार्षदों ने एकराय करके अपना ग्रुप बना लिया था और बीजेपी के प्रधानपद के उम्मीदवार को समर्थन देने की एवज में उपाध्यक्ष पद मांगा था। जिसके बाद लॉटरी सुनीता रत्ति के नाम की निकली। अब विस चुनावों के बाद प्रदेश और शहर के हालात बदले हैं। ऐसे में बीजेपी हाईकमान अब इस मसले में कोई बहुत ज्यादा दखल देगा, ऐसी संभावना ना के बराबर मानी जा रही है।
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ये भी माना जा रहा है कि नवनिर्वाचित दुड़ाराम नगर परिषद के अध्यक्ष एवं क्षेत्र के दिग्गज पंजाबी नेता दर्शन नागपाल को हटाने का जोखिम नहीं लेंगे। दरअसल विस चुनावों में नागपाल उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर चले थे। दूसरा विस चुनावों में दुड़ाराम के विरोधियों ने दुड़ाराम पर पंजाबी समाज की टिकट कटवाने का आरोप लगाते हुए काफी उत्तेजित प्रदर्शन किए थे। इनके बावजूद दुड़ाराम शहर से जीतकर निकले थे। ऐसे में नगर परिषद की मौजूदा कमेटी के अंतिम दौर में वो पंजाबी समाज से आने वाले प्रधान को हटाने की जल्दबाजी में नहीं दिखते। हालांकि नागपाल के खिलाफ बगावत का झंडा बुलंद करने वाले दीपू टुटेजा व नेहा मित्तल दोनों को ही दुड़ाराम का करीबी माना जाता है।
इस बारे में बात करने पर नगर परिषद अध्यक्ष दर्शन नागपाल ने पार्षदों संग बैठक की बात तो मानी है, लेकिन फिलहाल कोई अन्य ब्यौरा देने से ये कहकर इंकार कर दिया है कि कुछ विकास परियोजनाओं पर बात हुई है, एक बारगी तैयारी पूरी हो जाए, फिर सबको बता देंगे।