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टोहाना में सबसे मजबूत दिख रहा दुष्यंत गुट, रतिया में फिलहाल बेअसर
Updated Thu, 29 Nov 2018 12:37 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
फतेहाबाद। जिले में दुष्यंत गुट की पूरी कमान टोहाना से पूर्व विधायक निशान सिंह को सौंपी गई है। बुधवार को बैठक में पहुंचे कार्यकर्ताओं व नेताओं पर नजर डालें तो साफ है कि पूरे फतेहाबाद जिले में टोहाना ही एकमात्र ऐसा हलका रहेगा जिसमें दुष्यंत गुट सबसे ताकतवर रहेगा। यहां पर पूर्व विधायक निशान सिंह के साथ साथ जिप चेयरमैन गीता नांगली के पति कृष्ण नांगली भी कद्दावर नेता माने जाते हैं। कृष्ण नांगली पहले बीजेपी में थे, लेकिन बराला के साथ मतभेदों के चलते दुष्यंत चौटाला में आस्था जताते हुए पिछले कुछ महीनों में इनेलो में शामिल हुए थे।
फतेहाबाद हलके में दुष्यंत गुट अपेक्षाकृत कमजोर रहेगा जबकि रतिया में फिलहाल इस गुट की कोई उपस्थिति नजर नहीं आ रही है। सूत्रों की मानें तो दुष्यंत गुट भी इस बात को समझ रहा है और इसी के चलते रतिया के विपक्षी नेताओं को पार्टी में लाने की कोशिशें दुष्यंत गुट द्वारा की जा सकती है। इस लिस्ट में कई पूर्व विधायक भी शामिल हो सकते हैं। अगर ऐसा नहीं होता तो फिलहाल रतिया में दुष्यंत गुट के पास कोई बड़ा चेहरा नजर नहीं आ रहा है। उधर, फतेहाबाद हलके में भी दुष्यंत गुट संभवत: युवा चेहरों पर ही दांव खेलने के मूड में है। फतेहाबाद से कुलजीत कुलडिय़ा व महिला जिलाध्यक्ष सरोज सांगा के निष्पक्ष रहने के फैसले ने भी इस गुट को बड़ा झटका दिया है।
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फतेहाबाद। जिले में दुष्यंत गुट की पूरी कमान टोहाना से पूर्व विधायक निशान सिंह को सौंपी गई है। बुधवार को बैठक में पहुंचे कार्यकर्ताओं व नेताओं पर नजर डालें तो साफ है कि पूरे फतेहाबाद जिले में टोहाना ही एकमात्र ऐसा हलका रहेगा जिसमें दुष्यंत गुट सबसे ताकतवर रहेगा। यहां पर पूर्व विधायक निशान सिंह के साथ साथ जिप चेयरमैन गीता नांगली के पति कृष्ण नांगली भी कद्दावर नेता माने जाते हैं। कृष्ण नांगली पहले बीजेपी में थे, लेकिन बराला के साथ मतभेदों के चलते दुष्यंत चौटाला में आस्था जताते हुए पिछले कुछ महीनों में इनेलो में शामिल हुए थे।
फतेहाबाद हलके में दुष्यंत गुट अपेक्षाकृत कमजोर रहेगा जबकि रतिया में फिलहाल इस गुट की कोई उपस्थिति नजर नहीं आ रही है। सूत्रों की मानें तो दुष्यंत गुट भी इस बात को समझ रहा है और इसी के चलते रतिया के विपक्षी नेताओं को पार्टी में लाने की कोशिशें दुष्यंत गुट द्वारा की जा सकती है। इस लिस्ट में कई पूर्व विधायक भी शामिल हो सकते हैं। अगर ऐसा नहीं होता तो फिलहाल रतिया में दुष्यंत गुट के पास कोई बड़ा चेहरा नजर नहीं आ रहा है। उधर, फतेहाबाद हलके में भी दुष्यंत गुट संभवत: युवा चेहरों पर ही दांव खेलने के मूड में है। फतेहाबाद से कुलजीत कुलडिय़ा व महिला जिलाध्यक्ष सरोज सांगा के निष्पक्ष रहने के फैसले ने भी इस गुट को बड़ा झटका दिया है।
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