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Fatehabad News: चिल्ली झील के सुंदरीकरण में 1 कनाल 8 मरले जगह बनी रुकावट
Tue, 01 Jul 2025 11:32 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Tue, 01 Jul 2025 11:32 PM IST
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फतेहाबाद में चिल्ली झील के सुंदरीकरण को लेकर निरीक्षण करते हुए अधिकारीस्त्रोत नगर परिषद
फतेहाबाद। चिल्ली झील को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के लिए बनाया गया प्रोजेक्ट 13 साल बाद भी सिरे नहीं चढ़ पाया है। कार्य में 1 कनाल 8 मरले जगह रुकावट बनी हुई है। यह जगह जिस व्यक्ति की है। वह देने के लिए तैयार नहीं है।
चिल्ली झील के सुंदरीकरण के लिए दो-दो मुख्यमंत्री घोषणा कर चुके हैं, बजट मिल चुका है लेकिन 10 करोड़ बहाने के बाद भी स्थिति जस की तस है। अब इस कार्य को सिरे चढ़ाने के लिए नगर परिषद और जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने मंगलवार को मौके का निरीक्षण किया। इस दौरान अधिकारियों ने सुंदरीकरण के काम में आ रही रुकावट की समीक्षा की।
इसमें सामने आया कि जवाहर चौक से चिल्ली झील की तरफ आ रहे रास्ते में 1 कनाल 8 मरले जगह किसी व्यक्ति की है। उक्त व्यक्ति जगह देने के लिए तैयार नहीं है। अधिकारियों ने बताया कि इस बारे में कोर्ट में मामला भी विचाराधीन है। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने फैसला लिया कि चिल्ली झील क्षेत्र की दोबारा से पैमाइश करवाई जाए।
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जिसमें स्थिति स्पष्ट हो पाएगी कि कितनी जगह पर कब्जा है और निजी व्यक्ति की जगह कितनी है। इसके चलते दूसरा विकल्प ये भी रखा गया कि कोर्ट के फैसले का इंतजार किया जाए। निरीक्षण के दौरान नगर परिषद के ईओ राजेंद्र सोनी, एमई नरेंद्र पंवार, जेई लोकेंद्र, जनस्वास्थ्य विभाग एसडीओ सतपाल रोज, जेई बलविंद्र सिंह, पटवारी और कानूनगो मौजूद रहे। अधिकारियों की माने तो निरीक्षण की रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को जाएगी।
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नगर परिषद ने पिछले साल तैयार करवाया था डिजाइन
चिल्ली झील के सुंदरीकरण के लिए नगर परिषद पिछले साल डिजाइन तैयार करवाया था। इस डिजाइन में बताया गया था कि किस तरह से झील का सुंदरीकरण होगा और फुटपाथ बनेंगे। कितने क्षेत्र में तालाब बनेगा, जिसमें पर्यटक किश्ती का आनंद ले पाएंगे। इस कार्य का एस्टीमेट भी तैयार हुआ, लेकिन जगह विवाद के चलते प्रोजेक्ट आगे नहीं बढ़ पाया।
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10 करोड़ रुपये जारी, डेढ़ करोड़ में हुई खोदाई
चिल्ली झील के सुंदरीकरण को लेकर तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल व इससे पहले भूपेंद्र सिंह हुडा घोषणा कर चुके हैं। इस कार्य के लिए 10 करोड़ रुपये का बजट भी जारी हुआ। नगर परिषद ने तालाब की खोदाई के लिए डेढ़ करोड़ रुपये सिंचाई विभाग को दिए। तालाब की खोदाई भी हुई लेकिन आगे कार्य नहीं चलने से अब यहां जलखुंबी उग चुकी हैं। चिल्ली झील में आने वाले बारिश के पानी की निकासी के लिए 8 करोड़ से रंगोई नाले तक पाइप लाइन डाली गई लेकिन यह भी कामयाब नहीं हो पाई।
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तीन विभागों की कमेटी बनी
चिल्ली झील सुंदरीकरण प्रोजेक्ट मुख्यमंत्री घोषणा में शामिल है। इसके सुंदरीकरण के लिए प्रशासन ने जनस्वास्थ्य विभाग, सिंचाई विभाग और नगर परिषद की कमेटी भी बनाई है। जगह के विवाद के चलते जनस्वास्थ्य विभाग प्लांट तक पाइप लाइन नहीं बिछा पा रहा है। करीब 300 गज में पाइप लाइन नहीं डाली गई है।
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चिल्ली झील के सुंदरीकण के लिए अधिकारियों ने मिलकर मंथन किया है। जगह के बारे में अड़चन है, इस वजह से काम शुरू नहीं हो पा रहा है। निरीक्षण की रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को दी जाएगी।
- नरेंद्र पंवार, एमई, नगर परिषद
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चिल्ली झील के सुंदरीकरण के लिए दो-दो मुख्यमंत्री घोषणा कर चुके हैं, बजट मिल चुका है लेकिन 10 करोड़ बहाने के बाद भी स्थिति जस की तस है। अब इस कार्य को सिरे चढ़ाने के लिए नगर परिषद और जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने मंगलवार को मौके का निरीक्षण किया। इस दौरान अधिकारियों ने सुंदरीकरण के काम में आ रही रुकावट की समीक्षा की।
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इसमें सामने आया कि जवाहर चौक से चिल्ली झील की तरफ आ रहे रास्ते में 1 कनाल 8 मरले जगह किसी व्यक्ति की है। उक्त व्यक्ति जगह देने के लिए तैयार नहीं है। अधिकारियों ने बताया कि इस बारे में कोर्ट में मामला भी विचाराधीन है। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने फैसला लिया कि चिल्ली झील क्षेत्र की दोबारा से पैमाइश करवाई जाए।
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जिसमें स्थिति स्पष्ट हो पाएगी कि कितनी जगह पर कब्जा है और निजी व्यक्ति की जगह कितनी है। इसके चलते दूसरा विकल्प ये भी रखा गया कि कोर्ट के फैसले का इंतजार किया जाए। निरीक्षण के दौरान नगर परिषद के ईओ राजेंद्र सोनी, एमई नरेंद्र पंवार, जेई लोकेंद्र, जनस्वास्थ्य विभाग एसडीओ सतपाल रोज, जेई बलविंद्र सिंह, पटवारी और कानूनगो मौजूद रहे। अधिकारियों की माने तो निरीक्षण की रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को जाएगी।
नगर परिषद ने पिछले साल तैयार करवाया था डिजाइन
चिल्ली झील के सुंदरीकरण के लिए नगर परिषद पिछले साल डिजाइन तैयार करवाया था। इस डिजाइन में बताया गया था कि किस तरह से झील का सुंदरीकरण होगा और फुटपाथ बनेंगे। कितने क्षेत्र में तालाब बनेगा, जिसमें पर्यटक किश्ती का आनंद ले पाएंगे। इस कार्य का एस्टीमेट भी तैयार हुआ, लेकिन जगह विवाद के चलते प्रोजेक्ट आगे नहीं बढ़ पाया।
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10 करोड़ रुपये जारी, डेढ़ करोड़ में हुई खोदाई
चिल्ली झील के सुंदरीकरण को लेकर तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल व इससे पहले भूपेंद्र सिंह हुडा घोषणा कर चुके हैं। इस कार्य के लिए 10 करोड़ रुपये का बजट भी जारी हुआ। नगर परिषद ने तालाब की खोदाई के लिए डेढ़ करोड़ रुपये सिंचाई विभाग को दिए। तालाब की खोदाई भी हुई लेकिन आगे कार्य नहीं चलने से अब यहां जलखुंबी उग चुकी हैं। चिल्ली झील में आने वाले बारिश के पानी की निकासी के लिए 8 करोड़ से रंगोई नाले तक पाइप लाइन डाली गई लेकिन यह भी कामयाब नहीं हो पाई।
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तीन विभागों की कमेटी बनी
चिल्ली झील सुंदरीकरण प्रोजेक्ट मुख्यमंत्री घोषणा में शामिल है। इसके सुंदरीकरण के लिए प्रशासन ने जनस्वास्थ्य विभाग, सिंचाई विभाग और नगर परिषद की कमेटी भी बनाई है। जगह के विवाद के चलते जनस्वास्थ्य विभाग प्लांट तक पाइप लाइन नहीं बिछा पा रहा है। करीब 300 गज में पाइप लाइन नहीं डाली गई है।
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चिल्ली झील के सुंदरीकण के लिए अधिकारियों ने मिलकर मंथन किया है। जगह के बारे में अड़चन है, इस वजह से काम शुरू नहीं हो पा रहा है। निरीक्षण की रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को दी जाएगी।
- नरेंद्र पंवार, एमई, नगर परिषद