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फतेहाबाद अनाज मंडी में मनेगी किसानों की दिवाली
फतेहाबाद/सुरेन्द्र असीजा
Updated Fri, 01 Nov 2013 10:00 PM IST
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सरकार किसान हितैषी और सरकारी अधिकारी बेपरवाह। हरियाणा के जिला फतेहाबाद मार्केट कमेटी के अधिकारियाें ने दिवाली में खलल से बचने के लिए अनाज मंडी के गेट पर ताला लगा दिया है।
मंडी में अभी 70 टन धान बिना बिक्री पड़ा है। इस बार सैकड़ों किसानों की दिवाली मंडी में ही मनेगी।
बता दें कि सरकारी छुट्टी होने के बावजूद खरीद एजेंसियों को धान की खरीद के मामले में कोई छुट्टी नहीं होती।
खरीद एजेंसियाें की रविवार को छोड़कर कोई छुट्टी नहीं होती। एक से 4 नवंबर तक सरकारी छुट्टियां हैं।
दूर-दराज से फसल से भरी ट्रैक्टर ट्राली लेकर पहुंचने वाले किसान मंडी के गेट पर ताला लगा देखकर बैरंग लौट रहे हैं।
मार्केट कमेटी के सचिव, खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के नियंत्रक और उपायुक्त के अलग-अलग बयानों से जाहिर होता है कि अधिकारी कितने गंभीर हैं।
एक को हरियाणा दिवस, दो को शनिवार, तीन को दिवाली और व चार नवंबर को विश्वकर्मा दिवस की छुट्टी है।
इन छुट्टियाें में मार्केट कमेटी के कर्मचारियाें को काम न करना पड़े, यह सोचकर मंडी के गेट पर ताला जड़ दिया, जबकि उन्हें कतई परवाह नहीं है कि किसानों का क्या होगा?
किसान छह महीने की कमाई का रिस्क लेकर खेताें में खुले आसमान के नीचे पड़े हैं। बारिश और दिवाली पर आगजनी जैसी घटना होने पर फसल का रिस्क किसान का अपना है।
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मालूम हो कि पिछली बार अब तक 6 लाख 50 हजार एमटी धान की आवक हुई थी। इस बार अभी तक 4 लाख 93 हजार 633 एमटी धान की आवक हुई है।
मंडी से बाहर खुलेआम बिक रहा धान
जिले के कुछ व्यापारियाें ने दबी जुबान बताया कि धान मंडियाें में तो नहीं आ रहा है, लेकिन मंडियाें के बाहर सरेआम खरीद हो रही है। मार्केट कमेटी की नाक के तले मार्केट फीस की चोरी हो रही है। सबसे खास बात यह है कि 5 दिन तक किसान धान की संभाल रखेगा। नुकसान के चलते किसान अपने ही आढ़ती के माध्यम से धान बेच रहा है और व्यापारी व मार्केट कमेटी के लोग धड़ल्ले से फीस की चोरी कर रहे हैं।
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मंडी में अभी 70 टन धान बिना बिक्री पड़ा है। इस बार सैकड़ों किसानों की दिवाली मंडी में ही मनेगी।
बता दें कि सरकारी छुट्टी होने के बावजूद खरीद एजेंसियों को धान की खरीद के मामले में कोई छुट्टी नहीं होती।
खरीद एजेंसियाें की रविवार को छोड़कर कोई छुट्टी नहीं होती। एक से 4 नवंबर तक सरकारी छुट्टियां हैं।
दूर-दराज से फसल से भरी ट्रैक्टर ट्राली लेकर पहुंचने वाले किसान मंडी के गेट पर ताला लगा देखकर बैरंग लौट रहे हैं।
मार्केट कमेटी के सचिव, खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के नियंत्रक और उपायुक्त के अलग-अलग बयानों से जाहिर होता है कि अधिकारी कितने गंभीर हैं।
एक को हरियाणा दिवस, दो को शनिवार, तीन को दिवाली और व चार नवंबर को विश्वकर्मा दिवस की छुट्टी है।
इन छुट्टियाें में मार्केट कमेटी के कर्मचारियाें को काम न करना पड़े, यह सोचकर मंडी के गेट पर ताला जड़ दिया, जबकि उन्हें कतई परवाह नहीं है कि किसानों का क्या होगा?
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किसान छह महीने की कमाई का रिस्क लेकर खेताें में खुले आसमान के नीचे पड़े हैं। बारिश और दिवाली पर आगजनी जैसी घटना होने पर फसल का रिस्क किसान का अपना है।
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मालूम हो कि पिछली बार अब तक 6 लाख 50 हजार एमटी धान की आवक हुई थी। इस बार अभी तक 4 लाख 93 हजार 633 एमटी धान की आवक हुई है।
मंडी से बाहर खुलेआम बिक रहा धान
जिले के कुछ व्यापारियाें ने दबी जुबान बताया कि धान मंडियाें में तो नहीं आ रहा है, लेकिन मंडियाें के बाहर सरेआम खरीद हो रही है। मार्केट कमेटी की नाक के तले मार्केट फीस की चोरी हो रही है। सबसे खास बात यह है कि 5 दिन तक किसान धान की संभाल रखेगा। नुकसान के चलते किसान अपने ही आढ़ती के माध्यम से धान बेच रहा है और व्यापारी व मार्केट कमेटी के लोग धड़ल्ले से फीस की चोरी कर रहे हैं।