रोहतक किसान महापंचायत: राकेश टिकैत ने कुंडली बॉर्डर हत्याकांड को बताया गलत, कहा-कानून को अपना काम करना चाहिए
रोहतक में महापंचायत प्रदेशभर से यहां किसान पहुंचे। किसान नेता राकेश टिकैत और गुरनाम सिंह चढ़ूनी समेत दादरी के विधायक सोमवीर सांगवान भी आए। किसानों की ओर से यह महापंचायत मकड़ौली टोल प्लाजा पर की गई।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
रोहतक में शनिवार को किसान महापंचायत के मौके पर किसान नेता राकेश टिकैत, गुरनाम सिंह चढ़ूनी, कांता आल्ड़िया और चरखी दादरी के विधायक सोमवार सांगवान समेत किसान मोर्चा के कई पदाधिकारी पहुंचे। गुरनाम सिंह चढ़ूनी और राकेश टिकैत ने हाथ मिलाना तो दूर एक दूसरे की तरफ देखा तक नहीं।
वहीं किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा कि कुंडली बॉर्डर पर हुई एक व्यक्ति की हत्या गलत है। कानून को अपना काम करना चाहिए। टिकैत शनिवार को रोहतक में मकड़ौली टोल पर हुई किसान महापंचायत के बाद मीडिया के सवालों का जवाब दे रहे थे।
पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता के सवाल पर टाल-मटोल करते हुए टिकैत ने कहा कि पंजाब के लोग व संयुक्त किसान मोर्चा ही इस संबंध में कुछ निर्णय ले सकता है। उन्होंने कहा कि घटनाक्रम से किसान आंदोलन का कोई संबंध नहीं है। यह व्यक्तिगत तौर पर की गई हिंसा है। अगर कोई पत्थर भी फेंकता है तो उसकी जिम्मेदारी उसी की है, यह तो हत्या का मामला है।
वहीं, इससे पहले चर्चा थी कि राकेश टिकैत नहीं आएंगे। लेकिन वे पहुंच गए। महापंचायत के लिए मकडौ़ली टोल प्लाजा पर आधे किलोमीटर से ज्यादा लंबा टेंट लगाया गया। वाहनों के लिए रोहतक-गोहाना मार्ग बंद कर दिया गया। पुलिस ने जारी एडवाइजरी में वाहन मालिकों को सलाह दी कि वे गोहाना रूट का प्रयोग न करें।
हम बर्दाश्त कर रहे हैं, एक सीमा होती है बर्दाश्त करने की सरकार हमें कमजोर ना समझे : चढूनी
रोहतक में हुई किसान महापंचायत के दौरान गुरनाम सिंह चढूनी ने कहा कि 'सरकार ये सोचती होगी कि ये डरते हुए बैठे हैं, इसलिए आगे नहीं बढ़ते, सब कुछ करना जानते हैं 26 जनवरी को देख लिया होगा, 26 जनवरी को देख लिया होगा हम शांति बनाए रखना चाहते हैं और ये हमें लठ मारते हैं हम बर्दाश्त कर रहे हैं। एक सीमा होती है बर्दाश्त करने की। सैंकड़ों लोगों के सिर फोड़ दिए हड्डियां तोड़ दी, हरियाणा सरकार ने। कई सो केस लगाए। हरियाणा सरकार का सीएम कहता है लठ उठा लो, ये संयोग नहीं.. और उसी दिन उतर प्रदेश में किसानों को कुचल दिया जाता है सरकारी गुंडों के द्वारा, अचानक नहीं है, ये सैकड़ों-सैकड़ों गुंडे इकट्ठे होकर हमारे पर हमले करते हैं। चेतावनी दे देना चाहते हैं सरकार को जिस दिन लठ हमने उठा लिया ना उस दिन तुम्हारा कुत्ता भी गली में नहीं घुसेगा। हमारे सब्र का इम्तिहान ना लें। लेकिन हम फिर भी अपने भाइयों को समझा देना चाहते हैं, हमने हाथ नहीं उठाना। हमने हाथ नहीं उठाना है, सरकार मारेगी, लठ मारेगी, डंडे मारेगी, जेलों में भी ले जाएगी, जाएंगे, जुल्म सहेंगे सरकार का, हर जुल्म सहेंगे। हर जुल्म सहेंगे। हमने हाथ नहीं उठाना है, अगर हमने हाथ उठा लिया तो ये कहीं जाति में फसाएंगे, कहीं धर्म में फसाएंगे और आम जनमानस हमारे विरुद्ध हो जाएगा। इसलिए हमें सभी जुल्म सहते हुए आंदोलन लड़ना है। लेकिन सरकार इतना कमजोर भी न समझ ले, अगर ये किसान बिगड़ेंगे ना तो प्रधानमंत्री की कोठी घेर लेंगे जाके।'
#WATCH | Tolerance has a limit....don't test our patience...however I want to say to our brothers that we should not opt for violence... Govt still has time to solve this issue: Bhartiya Kisan Union (Haryana) chief Gurnam Singh Chaduni at Kisan Mahapanchayat, in Rohtak pic.twitter.com/1fPMzW2rbR
— ANI (@ANI) October 16, 2021
मंच पर एकता का प्रदर्शन करते किसान नेता।
पुलिस द्वारा भारी वाहनों के लिए निर्धारित किए गए रूट
1. चंडीगढ़, पानीपत से रोहतक जाने व आने के लिए
चंडीगढ़, करनाल, पानीपत से रोहतक आने वाले वाहन पानीपत से कुंडली, केएमपी, आसौदा, सांपला होते हुए रोहतक पहुंचें। इसी प्रकार रोहतक से पानीपत जाने वाले वाहन रोहतक से सांपला, आसौदा, केएमपी, कुंडली होते हुए रूट निर्धारित किए गए।
यह भी पढ़ें-Kundli Border Murder Case: गहरे घाव व अत्यधिक रक्तस्राव से सुबह पांच बजे के करीब हुई मौत, शरीर पर मिले 22 घाव, कुंडली क्षेत्र बना छावनी
2. चंडीगढ़, पानीपत से झज्जर, रेवाड़ी जाने व आने के लिए
चंडीगढ़, करनाल, पानीपत से झज्जर व रेवाड़ी की तरफ आने वाले वाहन पानीपत से कुंडली, केएमपी होते हुए झज्जर व रेवाड़ी जा सके। इसके अलावा पानीपत से सोनीपत, खरखौदा, सांपला होते हुए झज्जर, रेवाड़ी पहुंचे। इसी प्रकार झज्जर, रेवाड़ी की तरफ से पानीपत, चंडीगढ़ की तरफ जाने वाले वाहन केएमपी का प्रयोग करते हुए या झज्जर से सांपला, खरखौदा, सोनीपत होते हुए अपने-अपने गंतव्य तक पहुंचे।
3. गोहाना से रोहतक जाने व आने के लिए
गोहाना से रोहतक आने वाले वाहन गोहाना से खरखौदा होते हुए या गोहाना से लाखनमाजरा होते हुए रोहतक आने रूट निर्धारित किए गए। इसी प्रकार रोहतक से गोहाना जाने वाले वाहन रोहतक से लाखनमाजरा या खरखौदा होते हुए पहुंचे।
यह भी पढ़ें-सोनीपत: कुंडली बॉर्डर पर टेंट में आग से सामान और बाइक जली
4. गोहाना से महम जाने व आने के लिए
गोहाना से महम आने वाले वाहन गोहाना से लाखनमाजरा होते हुए पहुंचे। इसी प्रकार महम से गोहाना जाने वाले वाहन लाखनमाजरा होते हुए अपने गंतव्य तक पहुंचे।
5. गोहाना से सांपला जाने व आने के लिए
गोहाना से सांपला आने वाले वाहन गोहाना से खरखौदा होते हुए आए। इसी प्रकार सांपला से गोहाना जाने वाले वाहन सांपला से खरखौदा होते हुए आ सके।
6. झज्जर से गोहाना जाने व आने के लिए
झज्जर से गोहाना जाने वाले वाहन झज्जर से सांपला, खरखौदा होते हुए पहुंचे। इसी प्रकार गोहान से झज्जर की तरफ आने वाले वाहन गोहाना से खरखौदा, सांपला होते हुए पहुंचे।
यह भी पढ़ें-नारनौल: खाद के लिए मारामारी, बिक्री केंद्र के बाहर सुबह चार बजे ही लग गई किसानों की लंबी कतार
7. भिवानी से पानीपत जाने व आने के लिए
भिवानी से पानीपत जाने वाले वाहन भिवानी से महम, लाखनमाजरा, गोहाना होते हुए आए। इसी प्रकार पानीपत से भिवानी आने वाले वाहन पानीपत से गोहाना, लाखनमाजरा, महम होते हुए पहुंचे।
8. दादरी, कलानौर से पानीपत जाने व आने के लिए
दादरी, कलानौर से पानीपत जाने वाले वाहन कलानौर से महम, लाखनमाजरा, गोहाना होते हुए आ सके। इसी प्रकार पानीपत से दादरी, कलानौर आने वाले वाहन पानीपत से गोहाना, लाखनमाजरा, महम होते हुए कलानौर, दादरी पहुंचे।
महापंचायत में उमड़ी भीड़। फोटो अमर उजाला