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500 करोड़ रुपये में दौड़ेगा विकास का पहिया

Tue, 29 Oct 2013 11:12 PM IST
अमर उजाला, फरीदाबाद
अमर उजाला, फरीदाबाद Updated Tue, 29 Oct 2013 11:12 PM IST
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development works approved

भारी हंगामे के बीच मंगलवार को लगभग 500 करोड़ रुपये के विकास कार्यों की डीपीआर (डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट) नगर निगम सदन से पास हो गई।

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जिन क्षेत्रों के विकास कार्यों को इसमें शामिल नहीं किया गया है, उनकी एक अलग डीपीआर एक माह में बनाकर राज्य सरकार के जरिए केंद्र सरकार को भेजी जाएगी।

निगम सभागार में मंगलवार को आयोजित सदन की बैठक में पार्षदों ने इस बात पर नाराजगी जताई कि जवाहरलाल नेहरू नेशनल अर्बन रिनुअल मिशन-2 (जेएनएनयूआरएम) के तहत विकास कार्यों की जो डीपीआर बनाई गई उसमें अधिकारियों ने किसी पार्षद की राय नहीं ली।
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यहां तक कि मेयर, सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर तक को नहीं पूछा गया। राज्य सरकार ने भी अधिकारियों द्वारा भेजी गई इस डीपीआर को पास करके केंद्र को भेज दिया।
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सीनियर डिप्टी मेयर मुकेश शर्मा, पार्षद जगन डागर, योगेश ढींगड़ा और धर्मवीर खटाना आदि ने कहा कि भला हो केंद्र सरकार का जिसने इस पर आपत्ति लगाकर पहले सदन से पास करवाने के लिए वापस लौटा दिया।

सीनियर डिप्टी मेयर शर्मा ने कहा कि यदि एक से दस वार्ड तक के मुद्दे इसमें शामिल नहीं होंगे तो वे इसे पास नहीं होने देंगे। उधर, ओल्ड फरीदाबाद क्षेत्र के पार्षदों ओम प्रकाश रक्षवाल, अनिल शर्मा, अजय बैंसला व रोहित सिंगला ने उनके क्षेत्र के साथ विकास कार्यों में भेदभाव का आरोप लगाते हुए सदन से वाक आउट किया।

इसके बाद पार्षद जगन डागर ने बीच का रास्ता निकालते हुए कहा कि 500 करोड़ रुपये आने वाले हैं तो उसे आने दिया जाए। शेष क्षेत्रों के लिए अलग डीपीआर बनाकर भेजी जाए।

पाली-मोहब्बताबाद में नहीं बनेगा डंपिंग स्टेशन

पाली-मोहब्बताबाद गांव में अब शहर का कूड़ा फेंकने के लिए डंपिंग स्टेशन नहीं बनेगा। सदन की बैठक में पार्षदों के विरोध के बाद यह निर्णय लिया गया। निगम सभागार के बाहर प्रदर्शन कर रहे अरावली बचाओ संघर्ष समिति के पदाधिकारियों को तीनों मेयरों और पार्षदों ने सदन के निर्णय के बारे में जानकारी दी। निगम अधिकारियों ने 50 एकड़ क्षेत्र में 54 करोड़ रुपये की लागत से डंपिंग स्टेशन बनाने की तैयारी की थी। बैठक शुरू होते ही सीनियर डिप्टी मेयर मुकेश शर्मा ने कहा कि शहर का कचरा गांवों में हरगिज नहीं जाएगा। इसके बाद पार्षद जगन डागर ने कहा कि डंपिंग स्टेशन पाली-मोहब्बताबाद में नहीं बल्कि रोहतक में बनना चाहिए। लगता है कि सरकार ने गांवों का वातावरण बिगाड़ने का ठेका ले लिया है। सदन ने सर्वसम्मति से डंपिंग स्टेशन के लिए कोई और जगह तलाशने का प्रस्ताव पारित किया। डंपिंग साइट के खिलाफ 20 गांवों के लोग एकजुट हो गए थे।


मुख्य अभियंता, अधीक्षण अभियंता को रिलीव करने का प्रस्ताव पास
मुख्य अभियंता बीएस सिंगरोहा व अधीक्षण अभियंता सीआर बिश्नोई को बैठक में बिना बताए मौजूद न रहने पर सदन ने कड़ी आपत्ति जताई। पार्षद योगेश ढींगड़ा, जगन डागर, धर्मवीर खटाना और धीरेंद्र प्रताप आदि ने मेयर अशोक अरोड़ा को कहा कि इन अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए। पार्षदों ने ध्वनिमत से अधिकारियों के इस रवैये को सदन का अपमान मानते हुए उन्हें फरीदाबाद से रिलीव करने का प्रस्ताव पास किया। यह दोनों अधिकारी गुड़गांव नगर निगम और फरीदाबाद दोनों को देखते हैं।

अब सदन की कार्यवाही की होगी वीडियो रिकार्डिंग
सदन की बैठक में बोला कुछ जाता है और कार्रवाही रिपोर्ट में लिखा कुछ जाता है। ऐसे में पार्षदों और अधिकारियों में विवाद होता है। बार-बार मेयर को निशाना बनाया जाता है। ऐसे में पार्षद योगेश ढींगड़ा के सवाल पर सदन ने अगली बार से कार्रवाही की वीडियो रिकार्डिंग करवाने का निर्णय लिया।


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