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घोड़ियों ने किया डांस, दिखाए करतब
Faridabad
Updated Mon, 19 Nov 2012 12:00 PM IST
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फरीदाबाद। गांव नीमका के राजा जैत सिंह स्टेडियम में घोड़ी डांस प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इसमें फरीदाबाद, पलवल, सोहना व गुड़गांव से घोड़ियों को लाया गया। प्रतियोगिता में 56 घोड़ियों ने शिरकत की। इसमें कई युवकों ने घोड़ियों के साथ करतब दिखाए।
कई राउंड होने के बाद विजेता घोड़ियों के मालिकों को पुरस्कार वितरित किए गए। इसमें प्रथम आने वाले घोड़ी मालिक महेश नागर नीमका को एक फ्रिज प्रदान किया गया। द्वितीय आने वाली घोड़ी के मालिक सतीश नैनवाल को वाशिंग मशीन और तृतीय जगन कादरपुर को साइकिल दी गई। इस मौके पर मुख्य अतिथि के रूप में पीपल फॉर एनिमल के वाइस चेयरमैन मनधीर सिंह मान उपस्थित थे। उन्होंने कहा कि इस तरह की प्रतियोगिताएं हमारी पुरानी परंपरा को दर्शाती हैं। पुराने जमाने में राजा-महाराजाओं के मनोरंजन के लिए इस तरह के आयोजन हुआ करते थे। उस वक्त लोगों के पास मनोरंजन के लिए अन्य साधन नहीं थे। घोड़ी डांस से इस बात का भी पता चलता है कि लोगों का जानवरों से कितना प्रेम है। क्योंकि, जिस तरह से घोड़ी अपने मालिक के इशारों को समझतीं हैं। वह आदमी और जानवर के प्रेम को दर्शाता है। इस मौके पर नीमका गांव के सरपंच जगवीर नागर, सुनील नागर, सुरेंद्र नागर, अजीत सिंह, महेश नागर, धर्मपाल, करन नागर नवादा आदि मौजूद थे।
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कई राउंड होने के बाद विजेता घोड़ियों के मालिकों को पुरस्कार वितरित किए गए। इसमें प्रथम आने वाले घोड़ी मालिक महेश नागर नीमका को एक फ्रिज प्रदान किया गया। द्वितीय आने वाली घोड़ी के मालिक सतीश नैनवाल को वाशिंग मशीन और तृतीय जगन कादरपुर को साइकिल दी गई। इस मौके पर मुख्य अतिथि के रूप में पीपल फॉर एनिमल के वाइस चेयरमैन मनधीर सिंह मान उपस्थित थे। उन्होंने कहा कि इस तरह की प्रतियोगिताएं हमारी पुरानी परंपरा को दर्शाती हैं। पुराने जमाने में राजा-महाराजाओं के मनोरंजन के लिए इस तरह के आयोजन हुआ करते थे। उस वक्त लोगों के पास मनोरंजन के लिए अन्य साधन नहीं थे। घोड़ी डांस से इस बात का भी पता चलता है कि लोगों का जानवरों से कितना प्रेम है। क्योंकि, जिस तरह से घोड़ी अपने मालिक के इशारों को समझतीं हैं। वह आदमी और जानवर के प्रेम को दर्शाता है। इस मौके पर नीमका गांव के सरपंच जगवीर नागर, सुनील नागर, सुरेंद्र नागर, अजीत सिंह, महेश नागर, धर्मपाल, करन नागर नवादा आदि मौजूद थे।
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