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पटाखे न जलाने को किया जागरूक
Faridabad
Updated Tue, 13 Nov 2012 12:00 PM IST
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फरीदाबाद। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने दीपावली पर स्कूली बच्चाें को पटाखे न चलाने के लिए जागरूक किया। बोर्ड के अधिकारियाें ने पटाखाें से होने वाले दुष्परिणामाें के बारे में भी बताया।
बोर्ड के अनुसार, पिछले एक सप्ताह में जिले के सरकारी स्कूलाें में पटाखे न फोड़ने के खिलाफ अभियान चलाया गया। सोमवार को ओल्ड फरीदाबाद स्थित सरकारी स्कूलों में भी दीवाली पर प्रदूषण को नियंत्रण में रखने के लिए जागरूक किया गया। बोर्ड के वैज्ञानिक जीबी शर्मा ने बताया कि पटाखाें के कारण न सिर्फ ध्वनि प्रदूषण व वायु प्रदूषण होता है, बल्कि सांस की बीमारियां जैसे ब्रोकाइटिस व अस्थमा जैसे रोग भी हो जाते हैं। उन्हाेंने बताया कि रिपोर्ट के अनुसार दिवाली के समय प्रदूषण का स्तर 6 से 10 गुणा तक बढ़ जाता है। बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी संजीव बुद्धिराजा ने बताया कि दिवाली को ध्यान में रखते हुए बोर्ड की तरफ से गाइडलाइन जारी की गई है। इसमे पटाखे फोड़ने के लिए शाम को छह बजे से रात दस बजे तक का समय निर्धारित किया गया है। इसके अलावा अस्पतालाें, शिक्षण संस्थान, धार्मिक स्थलों के निकट कम से कम 100 मीटर के क्षेत्र में किसी भी समय पटाखों का प्रयोग नहीं किया जाएगा।
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बोर्ड के अनुसार, पिछले एक सप्ताह में जिले के सरकारी स्कूलाें में पटाखे न फोड़ने के खिलाफ अभियान चलाया गया। सोमवार को ओल्ड फरीदाबाद स्थित सरकारी स्कूलों में भी दीवाली पर प्रदूषण को नियंत्रण में रखने के लिए जागरूक किया गया। बोर्ड के वैज्ञानिक जीबी शर्मा ने बताया कि पटाखाें के कारण न सिर्फ ध्वनि प्रदूषण व वायु प्रदूषण होता है, बल्कि सांस की बीमारियां जैसे ब्रोकाइटिस व अस्थमा जैसे रोग भी हो जाते हैं। उन्हाेंने बताया कि रिपोर्ट के अनुसार दिवाली के समय प्रदूषण का स्तर 6 से 10 गुणा तक बढ़ जाता है। बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी संजीव बुद्धिराजा ने बताया कि दिवाली को ध्यान में रखते हुए बोर्ड की तरफ से गाइडलाइन जारी की गई है। इसमे पटाखे फोड़ने के लिए शाम को छह बजे से रात दस बजे तक का समय निर्धारित किया गया है। इसके अलावा अस्पतालाें, शिक्षण संस्थान, धार्मिक स्थलों के निकट कम से कम 100 मीटर के क्षेत्र में किसी भी समय पटाखों का प्रयोग नहीं किया जाएगा।
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