पानी के लिए अब अनिवार्य होगा मीटर

Faridabad Updated Mon, 05 Nov 2012 12:00 PM IST
फरीदाबाद। हाईकोर्ट द्वारा संज्ञान लेने के बाद राज्य सरकार के निर्देश पर नगर निगम ने हर किसी के लिए पानी मीटर लगवाना अनिवार्य कर दिया है। इसके लिए तीन माह का वक्त दिया गया है।
नगर निगम की टैक्स शाखा द्वारा पानी बिलों के साथ हाईकोर्ट के आदेश पर मीटर लगाना अनिवार्य करने की स्टैंप लगाकर लोगों को मीटर खरीदने के लिए आगाह किया जा रहा है। ताकि, लोग मीटर लगवाएं और पानी की फिजूलखर्ची रुके। वरना मीटर न लगवाने वालों के कनेक्शन पर संकट आ सकता है। जो लोग पानी का बिल अदा करते हैं उनमें से करीब 20 फीसदी लोगों के घरों पर ही मीटर लगे हैं।
पानी ज्यादा खारा होने के कारण मीटर तीन-चार माह में जाम होकर खराब हो जाते हैं। जिसकी वजह से लोग मीटर नहीं लगवाते हैं। निगम प्रशासन ने अनुमान लगाया है कि मीटर नहीं होने के कारण करीब 30 फीसदी पानी बर्बाद हो जाता है। ज्यादातर घरों में प्लॉट साइज और घर में टोटियों की संख्या के आधार पर पानी का बिल जाता है। जिसका दुष्परिणाम यह है कि लोगों का पानी के प्रयोग पर कोई अंकुश नहीं है। यही नहीं छोटे प्लॉट मालिकों को औसत बिल के रूप में ज्यादा रकम अदा करनी पड़ती है।

सेंसर वाले मीटर भी हैं बाजार में
नगर निगम के कार्यकारी अभियंता अनिल मेहता के मुताबिक अभी तक देश में पारंपरिक मीटर हैं जो पानी में फ्लोराइड होने के कारण तीन-चार माह में जाम हो जाते हैं। जिसकी वजह से आमतौर पर पानी की मीटरिंग नहीं है। लेकिन, नया मीटर सेंसरयुक्त है जो घर पर आ रही पानी की पाइप के ऊपर लगेगा, जिससे जाम नहीं होगा। इससे आपने पता चल जाएगा कि एक या छह माह में कितने लीटर पानी का प्रयोग किया।

कितनी अदा करनी पड़ेगी कीमत
-साधारण: 500-1500
-सेंसरयुक्त: 7000-8000 रुपये

फरीदाबाद का वर्तमान रेट: जहां लगे हैं मीटर
-पुराना फरीदाबाद, एनआईटी, बल्लभगढ़ एवं पक्की कॉलोनी : रिहायशी : 1.25 रुपये प्रति किलोलीटर (एक हजार लीटर)।
-हुडा से हैंडओवर सेक्टर एवं निजी कॉलोनाइजरों द्वारा विकसित कॉलोनी : 1-15 किलोलीटर के लिए 1.25 रुपये प्रति किलोलीटर, 30 किलोलीटर से अधिक पर 4 रुपये।
-कमर्शियल, औद्योगिक: 15 रुपये किलोलीटर।

बिना मीटर लगे क्षेत्रों में
-रिहायशी में 25 से लेकर 240 रुपये प्रतिमाह की फ्लैट दर।

सिर्फ ईमानदार उपभोक्ताओं पर बोझ
शहर में 2.5 लाख यूनिटों में से मुश्किल से सिर्फ सवा लाख लोग पानी का बिल अदा करते हैं। ऐसे में नगर निगम रेट बढ़ाने से लेकर मीटर लगाने तक का फरमान सिर्फ इन पर थोप देता है। जो मुफ्तखोर उपभोक्ता हैं उनकी मौज है। नगर निगम पर राजनीतिक ग्रहण के चलते ऐसे मुफ्तखोरों पर कार्रवाई नहीं हो पाती है।

‘शहर का पानी इतना खारा है कि उसमें मीटर ज्यादा दिन चलता नहीं। इसलिए पहले नगर निगम मीठे पानी की आपूर्ति करे, फिर मीटर लगाना सही होगा। या फिर नगर निगम लोगों के घरों पर खुद के खर्चे पर मीटर लगाए।’
-एडवोकेट एनके गर्ग, प्रधान, कंफेडरेशन ऑफ आरडब्ल्यूए।

Spotlight

Most Read

Kanpur

बाइकवालाें काे भी देना हाेगा टोल टैक्स, सरकार वसूलेगी 285 रुपये

अगर अाप बाइक पर बैठकर आगरा - लखनऊ एक्सप्रेस वे पर फर्राटा भरने की साेच रहे हैं ताे सरकार ने अापकी जेब काे भारी चपत लगाने की तैयारी कर ली है। आगरा - लखनऊ एक्सप्रेस वे पर चलने के लिए सभी वाहनों को टोल टैक्स अदा करना होगा।

16 जनवरी 2018

Related Videos

हरियाणा के उद्योग मंत्री ने प्रधानमंत्री राहत कोष के लिए इस तरह जुटाए 2.5 करोड़

हरियाणा के उद्योग मंत्री विपुल गोयल द्वारा फरीदाबाद स्थित सूरजकुंड के सिल्वर जुबली हॉल में उपहारों की प्रदर्शनी लगाई। उपहारों की इस प्रदर्शनी के जरिए पीएम राहत कोष के लिए 2.5 करोड़ की धन राशि जुटाई गई।

15 जनवरी 2018

आज का मुद्दा
View more polls
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper