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Earthquake in Haryana: राष्ट्रीय राजधानी से 57 किलोमीटर दूर झज्जर में कांपी धरती, तीव्रता रही 2.3
Tue, 25 Jul 2023 11:19 PM IST
भूपेंद्र सिंह
अमर उजाला डिजिटल, हरियाणा
अमर उजाला डिजिटल, हरियाणा
Published by: भूपेंद्र सिंह
Updated Tue, 25 Jul 2023 11:19 PM IST
सार
भूकंप के झटके सुबह 8:47 बजे महसूस किए गए। धरती के चार किलोमीटर की गहराई में हलचल दर्ज की गई है। नए साल की शुरुआत में भी रात 1:19 पर भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए थे। झज्जर का बेरी भूकंप का केंद्र रहा था।
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भूकंप का केंद्र दर्शाता लाल बिंदु।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
हरियाणा के झज्जर में मंगलवार सुबह एक बार फिर से भूकंप के कारण धरती कांपी है। रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 2.3 मैगनीट्यूड आंकी गई। भूकंप विज्ञान के राष्ट्रीय केंद्र की वेबसाइट के अनुसार भूकंप का केंद्रबिंदु राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र नई दिल्ली से 57 किलोमीटर दूर व झज्जर जिले से 16 किलोमीटर दूर डीगल गांव के पास रहा। यह गांव रोहतक और झज्जर के बीच पड़ता है और यह क्षेत्र भूकंपीय जोनिंग मैप के अनुसार जोन चार में आता है, जोकि भूकंप की दृष्टि से संवेदनशील है।
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नए साल की शुरुआत में ही हरियाणा और दिल्ली एनसीआर में रात 1:19 पर भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए थे। भूकंप विज्ञान के राष्ट्रीय केंद्र की वेबसाइट के अनुसार झज्जर का बेरी भूकंप का केंद्र रहा था। जिसकी रिक्टर स्केल पर तीव्रता 3.8 रही थी। भूकंप का केंद्र महेंद्रगढ़-देहरादून फॉल्ट लाइन के पास किया गया था। नए साल का जश्न मना रहे लोग भूकंप के झटके आने पर सहम गए और घरों से बाहर निकल आए थे।
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यह है भूकंप का कारण
देहरादून से महेंद्रगढ़ तक जमीन के नीचे एक फॉल्ट लाइन है। इसमें अनगिनत दरारें हैं। इन दिनों इन दरारों में गतिविधियां चल रही हैं। इसके तहत प्लेट मूवमेंट करती हैं। इसके आपस में हल्की सी टकराने पर ही कंपन पैदा होता है। यह कभी भी कहीं भी हो सकता है। इसी वजह से भूकंप के झटके महसूस होते हैं।
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भूकंप रोधी तकनीक से कम ऊंचाई वाले मकान बनाएं
ऐसे में क्षेत्र में लोगों को भूकंप रोधी पदार्थ से मकान बनाने चाहिए। लोगों को दो या तीन मंजिल से अधिक ऊंचे मकान नहीं बनाने चाहिए। मकान बनाने से पहले मिट्टी की जांच व भूकंप संबंधी अन्य बातों को जानना जरूरी है। मकान हल्के व मजबूत होने चाहिए।
जोन तीन और चार में आता है रोहतक और झज्जर
भूकंपीय जोनिंग मैप के अनुसार रोहतक-झज्जर जोन तीन और जोन चार में आता है। भारत में भूकंप को चार जोन में बांटा गया है। जिसमें जोन दो, तीन, चार और पांच शामिल है। इसको खतरों के हिसाब से आंका जाता है। जोन दो में सबसे कम खतरा और जोन पांच में सबसे अधिक खतरा होता है। मैप में जोन दो को आसमानी रंग, जोन तीन को पीला रंग, जोन चार को संतरी रंग और जोन पांच को लाल रंग दिया गया है। इसमें रोहतक जिले का दिल्ली साइड का क्षेत्र जोन चार व हिसार साइड का क्षेत्र जोन तीन में आता है।