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Charkhi Dadri News: आप अच्छा काम कर रहे हो प्रदीप, लगे रहो, जुटे रहो
Mon, 01 May 2023 12:32 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Mon, 01 May 2023 12:32 AM IST
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चरखी दादरी। झोझूकलां निवासी प्रदीप सांगवान को 30 अप्रैल का दिन सदा याद रहेगा। हिमाचल-प्रदेश में कचरा निस्तारण मुहिम चलाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मन की बात कार्यक्रम में प्रदीप सांगवान से 10 मिनट फोन पर बात कर उनका मनोबल बढ़ाया। पीएम ने प्रदीप से कहा कि आप अच्छा काम कर रहे हो। लगे रहो, जुटे रहो।
संवाददाता से बातचीत में प्रदीप सांगवान ने बताया कि 2020 में आयोजित मन की बात कार्यक्रम में भी उनकी मुहिम का पीएम ने जिक्र किया था, लेकिन उस दौरान पीएम से बात नहीं हुई थी। इस बार यह मौका मिला और पीएम के मनोबल बढ़ाने से वो बेहद गदगद हैं।
प्रदीप सांगवान ने बताया कि 2016 में उन्होंने हिमाचल-प्रदेश में कचरा निस्तारण का काम शुरू किया था। शुरुआत में काफी अड़चनें आईं, लेकिन हार नहीं मानी। 2020 के बाद राह आसान होती चली गई और अब तक उनकी संस्था हिलिंग हिमालय हिमाचल-प्रदेश में पांच एमआरएफ (मेटिरियल रिकवरी फेस्लिटी) सेंटर बना चुकी हैं। इन पांचों सेंटर में प्रतिदिन हिमाचल-प्रदेश के 15 गांवों का कचरा रिसाइकिल होता है और इसके बाद ग्राम पंचायत को आर्थिक फायदा होता है।
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- सेना में जाने का था सपना, प्रकृति से था विशेष लगाव
प्रदीप सांगवान ने बताया कि पिता सूरजभान की तरह वो भी सेना में एनडीए के जरिये जाना जाते थे। किन्हीं कारणों से ये सपना पूरा नहीं हो पााया। प्रदीप ने बताया कि उन्हें प्रकृति से बेहद लगाव है और इसके चलते उन्होंने हिमाचल-प्रदेश से कचरा निस्तारण की मुहिम शुरू की।
- हरियाणा में रहेगा अगला फोकस, एमआरएफ सेंटर की तैयारी
प्रदीप सांगवान का कहना है कि हिमाचल-प्रदेश के बाद उनका अब हरियाणा पर फोकस है। हरियाणा में भी इसी तर्ज पर संगठन काम करेगा। पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर इसकी शुरुआत पैतृक गांव झोझूकलां से होगी। इसके लिए घरों से डोर-टू-डोर कचरा उठान के लिए वाहनों की खरीद की जा चुकी है। अगस्त तक एमआरएफ सेंटर शुरू करने की योजना है और यह संगठन का प्रदेश में पहला प्रयास होगा।
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संवाददाता से बातचीत में प्रदीप सांगवान ने बताया कि 2020 में आयोजित मन की बात कार्यक्रम में भी उनकी मुहिम का पीएम ने जिक्र किया था, लेकिन उस दौरान पीएम से बात नहीं हुई थी। इस बार यह मौका मिला और पीएम के मनोबल बढ़ाने से वो बेहद गदगद हैं।
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प्रदीप सांगवान ने बताया कि 2016 में उन्होंने हिमाचल-प्रदेश में कचरा निस्तारण का काम शुरू किया था। शुरुआत में काफी अड़चनें आईं, लेकिन हार नहीं मानी। 2020 के बाद राह आसान होती चली गई और अब तक उनकी संस्था हिलिंग हिमालय हिमाचल-प्रदेश में पांच एमआरएफ (मेटिरियल रिकवरी फेस्लिटी) सेंटर बना चुकी हैं। इन पांचों सेंटर में प्रतिदिन हिमाचल-प्रदेश के 15 गांवों का कचरा रिसाइकिल होता है और इसके बाद ग्राम पंचायत को आर्थिक फायदा होता है।
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- सेना में जाने का था सपना, प्रकृति से था विशेष लगाव
प्रदीप सांगवान ने बताया कि पिता सूरजभान की तरह वो भी सेना में एनडीए के जरिये जाना जाते थे। किन्हीं कारणों से ये सपना पूरा नहीं हो पााया। प्रदीप ने बताया कि उन्हें प्रकृति से बेहद लगाव है और इसके चलते उन्होंने हिमाचल-प्रदेश से कचरा निस्तारण की मुहिम शुरू की।
- हरियाणा में रहेगा अगला फोकस, एमआरएफ सेंटर की तैयारी
प्रदीप सांगवान का कहना है कि हिमाचल-प्रदेश के बाद उनका अब हरियाणा पर फोकस है। हरियाणा में भी इसी तर्ज पर संगठन काम करेगा। पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर इसकी शुरुआत पैतृक गांव झोझूकलां से होगी। इसके लिए घरों से डोर-टू-डोर कचरा उठान के लिए वाहनों की खरीद की जा चुकी है। अगस्त तक एमआरएफ सेंटर शुरू करने की योजना है और यह संगठन का प्रदेश में पहला प्रयास होगा।