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Charkhi Dadri News: 115 बसों के सहारे 35 हजार यात्रियों का सफर, पायदान पर लटक कर यात्रा को मजबूर यात्री
Sun, 20 Sep 2026 01:01 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Sun, 20 Sep 2026 01:01 AM IST
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बस के पायदान पर खड़ी हो सफर करती महिला यात्री।
- फोटो : 1
चरखी दादरी। रोडवेज डिपो में बसों की कमी का सीधा असर यात्रियों की परिवहन सुविधा पर पड़ रहा है। पर्याप्त बसें उपलब्ध न होने से यात्रियों को कई बार बसों के लिए लंबे समय तक बूथ पर इंतजार करना पड़ता है। बस पहुंचने पर अधिक भीड़ होने से कुछ यात्री पायदान पर खड़े होकर सफर करने को मजबूर हो जाते हैं। ऐसे में यात्रियों की परेशानी के साथ उनकी सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
वर्तमान में रोडवेज डिपो के बेड़े में मात्र 115 बसों का संचालन हो रहा है। इनमें 15 बसें किलोमीटर स्कीम के तहत चल रही हैं जबकि शेष बसों के माध्यम से डिपो की विभिन्न रूटों पर परिवहन सेवा संचालित की जा रही है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार डिपो से प्रतिदिन करीब 35 हजार यात्री बसों में सफर करते हैं।
यात्रियों की संख्या को देखते हुए उपलब्ध बसों की संख्या कम होने से कई रूटों पर यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ रही है। बसों की संख्या कम होने के कारण कई रूटों पर यात्रियों को अगली बस का इंतजार करना पड़ता है।
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पायदान पर मौत का सफर
बूथ पर यात्रियों की संख्या बढ़ती रहती है। जब बस पहुंचती है तो उसमें पहले से सवार यात्रियों के अलावा बूथ पर खड़े लोग भी सवार होने का प्रयास करते हैं। इससे बसों में क्षमता से अधिक भीड़ की स्थिति बन जाती है। भीड़ अधिक होने पर कुछ यात्रियों को दरवाजे और पायदान के आसपास खड़े होकर सफर करना पड़ता है।
डिपो नियमों के अनुरूप नहीं बसों की संख्या
रोडवेज बेड़े में बसों की वर्तमान संख्या डिपो के निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं बताई जा रही है। यात्रियों की संख्या के अनुपात में बसों की उपलब्धता कम होने के कारण मौजूदा बसों पर ही अधिक भार पड़ रहा है।
इसके चलते एक ओर यात्रियों को समय पर बस नहीं मिलती वहीं दूसरी ओर बस मिलने पर अत्यधिक भीड़ का सामना करना पड़ता है। रोडवेज बस सेवा शहर के अलावा ग्रामीण क्षेत्र के लोगों के लिए भी आवागमन का प्रमुख साधन है। जिले के विभिन्न गांवों से विद्यार्थी, कर्मचारी, व्यापारी और अन्य लोग रोजाना बसों से दादरी पहुंचते हैं।
35 हजार यात्रियों की जिम्मेदारी 115 बसों पर
विभागीय आंकड़ों के अनुसार प्रतिदिन करीब 35 हजार यात्री डिपो की बसों में सफर करते हैं। ऐसे में 115 बसों के बेड़े से इतनी बड़ी संख्या में यात्रियों को नियमित परिवहन सुविधा उपलब्ध कराना चुनौतीपूर्ण बना हुआ है।
यात्रियों की मांग के अनुसार बसों की संख्या बढ़ने से प्रतीक्षा समय कम होने के साथ बसों में भीड़ की स्थिति में भी सुधार हो सकता है। यात्रियों की मांग है कि डिपो में बसों की संख्या बढ़ाई जाए और यात्रियों की संख्या के अनुसार प्रमुख रूटों पर अतिरिक्त बसें चलाई जाएं। इससे लंबे इंतजार से राहत मिलने के साथ क्षमता से अधिक यात्रियों के सफर की स्थिति भी कम होगी।
वर्सन :
रोडवेज डिपो में बसों की कमी पूरी करने के लिए विभाग की ओर से मुख्यालय को अवगत करवाया गया है। वहीं हमने यात्रियों की सुविधा को देखते हुए 15 नई बसों की डिमांड भेजी गई है। नई बसे मिलने के बाद बेड़े में शामिल कर यात्रियों की सुविधा में लगा दिया जाएगा। - नवीन शर्मा, महाप्रबंधक, रोडवेज विभाग।
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वर्तमान में रोडवेज डिपो के बेड़े में मात्र 115 बसों का संचालन हो रहा है। इनमें 15 बसें किलोमीटर स्कीम के तहत चल रही हैं जबकि शेष बसों के माध्यम से डिपो की विभिन्न रूटों पर परिवहन सेवा संचालित की जा रही है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार डिपो से प्रतिदिन करीब 35 हजार यात्री बसों में सफर करते हैं।
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यात्रियों की संख्या को देखते हुए उपलब्ध बसों की संख्या कम होने से कई रूटों पर यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ रही है। बसों की संख्या कम होने के कारण कई रूटों पर यात्रियों को अगली बस का इंतजार करना पड़ता है।
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पायदान पर मौत का सफर
बूथ पर यात्रियों की संख्या बढ़ती रहती है। जब बस पहुंचती है तो उसमें पहले से सवार यात्रियों के अलावा बूथ पर खड़े लोग भी सवार होने का प्रयास करते हैं। इससे बसों में क्षमता से अधिक भीड़ की स्थिति बन जाती है। भीड़ अधिक होने पर कुछ यात्रियों को दरवाजे और पायदान के आसपास खड़े होकर सफर करना पड़ता है।
डिपो नियमों के अनुरूप नहीं बसों की संख्या
रोडवेज बेड़े में बसों की वर्तमान संख्या डिपो के निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं बताई जा रही है। यात्रियों की संख्या के अनुपात में बसों की उपलब्धता कम होने के कारण मौजूदा बसों पर ही अधिक भार पड़ रहा है।
इसके चलते एक ओर यात्रियों को समय पर बस नहीं मिलती वहीं दूसरी ओर बस मिलने पर अत्यधिक भीड़ का सामना करना पड़ता है। रोडवेज बस सेवा शहर के अलावा ग्रामीण क्षेत्र के लोगों के लिए भी आवागमन का प्रमुख साधन है। जिले के विभिन्न गांवों से विद्यार्थी, कर्मचारी, व्यापारी और अन्य लोग रोजाना बसों से दादरी पहुंचते हैं।
35 हजार यात्रियों की जिम्मेदारी 115 बसों पर
विभागीय आंकड़ों के अनुसार प्रतिदिन करीब 35 हजार यात्री डिपो की बसों में सफर करते हैं। ऐसे में 115 बसों के बेड़े से इतनी बड़ी संख्या में यात्रियों को नियमित परिवहन सुविधा उपलब्ध कराना चुनौतीपूर्ण बना हुआ है।
यात्रियों की मांग के अनुसार बसों की संख्या बढ़ने से प्रतीक्षा समय कम होने के साथ बसों में भीड़ की स्थिति में भी सुधार हो सकता है। यात्रियों की मांग है कि डिपो में बसों की संख्या बढ़ाई जाए और यात्रियों की संख्या के अनुसार प्रमुख रूटों पर अतिरिक्त बसें चलाई जाएं। इससे लंबे इंतजार से राहत मिलने के साथ क्षमता से अधिक यात्रियों के सफर की स्थिति भी कम होगी।
वर्सन :
रोडवेज डिपो में बसों की कमी पूरी करने के लिए विभाग की ओर से मुख्यालय को अवगत करवाया गया है। वहीं हमने यात्रियों की सुविधा को देखते हुए 15 नई बसों की डिमांड भेजी गई है। नई बसे मिलने के बाद बेड़े में शामिल कर यात्रियों की सुविधा में लगा दिया जाएगा। - नवीन शर्मा, महाप्रबंधक, रोडवेज विभाग।