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Charkhi Dadri News: 112 करोड़ की पेयजल परियोजना पर काम हुआ पूरा, 35 गांवों के डेढ़ लाख लोगों की अब नहरी पानी से बुझेगी प्यास...
Thu, 18 Jan 2024 12:32 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Thu, 18 Jan 2024 12:32 AM IST
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नीमड़-बडेसरा में बनाया गया हब जलघर। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। बाढड़ा उपमंडल के 35 गांवों के लिए शुरू की गई 112 करोड़ की पेयजल परियोजना पर काम पूरा हो गया है। जनस्वास्थ्य विभाग एक फरवरी से परियोजना के तहत बनाए गए हब जलघर, पांच इंटरमीडिएट पंपिंग सिस्टम और 38 बूस्टिंग स्टेशन को शुरू करने करने जा रहा है। इसके बाद इन 35 गांवों की करीब डेढ़ लाख की आबादी को पहली बार नहरी पानी मिलेगा।
करीब तीन साल पहले बाढड़ा उपमंडल के 35 गांवों में ट्यूबवेल से आपूर्ति के बजाय नहरी पानी पहुंचाने की योजना तैयार की गई थी। इसके बाद जनस्वास्थ्य विभाग ने पूरे प्रोजेक्ट का प्रारूप तैयार किया। सरकार की ओर से स्वीकृति मिलने के बाद एस्टीमेट तैयार किया गया। जगह का पेच फंस रहा जो काफी दिन बाद सुलझ पाया। इसक बाद इस परियोजना पर काम शुरू हो पाया था।
काम शुरू होने के बाद जनस्वास्थ्य विभाग ने इसमें तेजी लाई। इसका परिणाम है कि इस परियोजना पर काम पूरा हो गया है और विभाग ने पेयजल आपूर्ति से पहले सभी गांवों में ट्रायल शुरू कर दिया है। विभाग ने नीमड़-बडेसरा में हब जलघर बनाया है और वहां से नहरी पानी का उठान कर गांवों के घरों तक पहुंचाया जाएगा।
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ऐसे होगी गांवों में नहरी पेयजल आपूर्ति
विभाग ने नीमड़-बड़ेसरा में 25 एकड़ जमीन पर हब जलघर बनाया है। इसके अलावा अलग-अलग गांवों में पांच इंटरमीडिएट पंपिंग स्टेशन बनाए गए हैं। गांवों में 38 बूस्टिंग स्टेशन बनाने के साथ पेयजल लाइनें भी डाली गई हैं। हब जलघर में लोहारू नहर से पानी पहुंचेगा। इसके बाद पाइपलाइन के जरिये पानी इंटरमीडिएट पंपिंग स्टेशन में पहुंचाया जाएगा। यहां से पानी गांवों के बूस्टिंग स्टेशन में और फिर घरों तक पहुंचाया जाएगा।
परियोजना से जुड़े हैं ये गांव
परियोजना से बाढड़ा, भांडवा, बिलावल, चांदवास, धनासरी, हंसावास कलां, हंसावास खुर्द, हुई, जेवली, कांहड़ा, किष्कंधा, लाड, मांढी हरिया, मांढी केहर, मांढी पिरानू, नांधा, नीमड़-बड़ेसरा, रहड़ोदा, रहड़ोदी, बड़राई, गोपालवास, कुब्जानगर, माईकलां, नौरंगाबास जाटान, पिचोपा कलां, पिचोपा खुर्द, चांदवास, बिंद्रावन, ऊण, कादमा, डालावास, रामबास आदि गांव जुड़े हैं। किष्कंधा, जेवली, कुब्जानगर, कादमा और मांढी हरिया में इंटरमीडिएट पंपिंग स्टेशन बनेंगे।
परियोजना के महत्वपूर्ण पहलू
. 18 करोड़ लीटर क्षमता के टैंकों में नहरी पानी एकत्र किया जाएगा।
. पानी उपचारित संयंत्र में 90 लाख लीटर पानी प्रतिदिन हो सकेगा साफ।
. 125 मोटरों के जरिये किया जाएगा नहरी पानी का उठान।
. एक पार्क और 500 से ज्यादा पौध का ऑक्सीवन भी होगा तैयार।
गांवों को पेयजल संकट से निजात दिलाना बेहद जरूरी था। इसी के मद्देनजर ये योजना तैयार करवाई गई थी। परियोजना पर काम पूरा हो गया है और प्रयास रहेगा कि जल्द ही सभी गांवों में नहरी पानी की आपूर्ति शुरू करवा दी जाए। - नैना चौटाला, विधायक, बाढड़ा हलका
वर्जन:
112 करोड़ की परियोजना पर काम पूरा हो चुका है। अब गांवों में ट्रायल चल रहा है। योजना है कि एक फरवरी से बाढड़ा हलके के 35 गांवों में नहरी पानी की आपूर्ति शुरू कर दी जाए। - बृजेश जावला, जेई, जनस्वास्थ्य विभाग
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चरखी दादरी। बाढड़ा उपमंडल के 35 गांवों के लिए शुरू की गई 112 करोड़ की पेयजल परियोजना पर काम पूरा हो गया है। जनस्वास्थ्य विभाग एक फरवरी से परियोजना के तहत बनाए गए हब जलघर, पांच इंटरमीडिएट पंपिंग सिस्टम और 38 बूस्टिंग स्टेशन को शुरू करने करने जा रहा है। इसके बाद इन 35 गांवों की करीब डेढ़ लाख की आबादी को पहली बार नहरी पानी मिलेगा।
करीब तीन साल पहले बाढड़ा उपमंडल के 35 गांवों में ट्यूबवेल से आपूर्ति के बजाय नहरी पानी पहुंचाने की योजना तैयार की गई थी। इसके बाद जनस्वास्थ्य विभाग ने पूरे प्रोजेक्ट का प्रारूप तैयार किया। सरकार की ओर से स्वीकृति मिलने के बाद एस्टीमेट तैयार किया गया। जगह का पेच फंस रहा जो काफी दिन बाद सुलझ पाया। इसक बाद इस परियोजना पर काम शुरू हो पाया था।
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काम शुरू होने के बाद जनस्वास्थ्य विभाग ने इसमें तेजी लाई। इसका परिणाम है कि इस परियोजना पर काम पूरा हो गया है और विभाग ने पेयजल आपूर्ति से पहले सभी गांवों में ट्रायल शुरू कर दिया है। विभाग ने नीमड़-बडेसरा में हब जलघर बनाया है और वहां से नहरी पानी का उठान कर गांवों के घरों तक पहुंचाया जाएगा।
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ऐसे होगी गांवों में नहरी पेयजल आपूर्ति
विभाग ने नीमड़-बड़ेसरा में 25 एकड़ जमीन पर हब जलघर बनाया है। इसके अलावा अलग-अलग गांवों में पांच इंटरमीडिएट पंपिंग स्टेशन बनाए गए हैं। गांवों में 38 बूस्टिंग स्टेशन बनाने के साथ पेयजल लाइनें भी डाली गई हैं। हब जलघर में लोहारू नहर से पानी पहुंचेगा। इसके बाद पाइपलाइन के जरिये पानी इंटरमीडिएट पंपिंग स्टेशन में पहुंचाया जाएगा। यहां से पानी गांवों के बूस्टिंग स्टेशन में और फिर घरों तक पहुंचाया जाएगा।
परियोजना से जुड़े हैं ये गांव
परियोजना से बाढड़ा, भांडवा, बिलावल, चांदवास, धनासरी, हंसावास कलां, हंसावास खुर्द, हुई, जेवली, कांहड़ा, किष्कंधा, लाड, मांढी हरिया, मांढी केहर, मांढी पिरानू, नांधा, नीमड़-बड़ेसरा, रहड़ोदा, रहड़ोदी, बड़राई, गोपालवास, कुब्जानगर, माईकलां, नौरंगाबास जाटान, पिचोपा कलां, पिचोपा खुर्द, चांदवास, बिंद्रावन, ऊण, कादमा, डालावास, रामबास आदि गांव जुड़े हैं। किष्कंधा, जेवली, कुब्जानगर, कादमा और मांढी हरिया में इंटरमीडिएट पंपिंग स्टेशन बनेंगे।
परियोजना के महत्वपूर्ण पहलू
. 18 करोड़ लीटर क्षमता के टैंकों में नहरी पानी एकत्र किया जाएगा।
. पानी उपचारित संयंत्र में 90 लाख लीटर पानी प्रतिदिन हो सकेगा साफ।
. 125 मोटरों के जरिये किया जाएगा नहरी पानी का उठान।
. एक पार्क और 500 से ज्यादा पौध का ऑक्सीवन भी होगा तैयार।
गांवों को पेयजल संकट से निजात दिलाना बेहद जरूरी था। इसी के मद्देनजर ये योजना तैयार करवाई गई थी। परियोजना पर काम पूरा हो गया है और प्रयास रहेगा कि जल्द ही सभी गांवों में नहरी पानी की आपूर्ति शुरू करवा दी जाए। - नैना चौटाला, विधायक, बाढड़ा हलका
वर्जन:
112 करोड़ की परियोजना पर काम पूरा हो चुका है। अब गांवों में ट्रायल चल रहा है। योजना है कि एक फरवरी से बाढड़ा हलके के 35 गांवों में नहरी पानी की आपूर्ति शुरू कर दी जाए। - बृजेश जावला, जेई, जनस्वास्थ्य विभाग