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समाज में महिलाओं को आज भी दोयम दर्जे का नागरिक समझा जाता है : कमलेश
Wed, 18 Jun 2025 11:25 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Wed, 18 Jun 2025 11:25 PM IST
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अनाज मंडी में आयोजित बैठक में भागीदारी करती महिलाएं।
बाढड़ा। कस्बे की जुई रोड स्थित अनाज मंडी में भवन निर्माण यूनियन की ओर से महिला श्रमिकों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में वक्ताओं ने निर्माण क्षेत्र में महिला मजदूरों के साथ हो रहे आर्थिक और मानसिक शोषण पर गहरी चिंता जताई। बैठक को संबोधित करते हुए राज्य उपप्रधान कमलेश ने कहा कि समाज में महिलाओं को आज भी दोयम दर्जे का नागरिक समझा जाता है। कई बार पुरुष श्रमिकों की तुलना में महिलाओं से अधिक कार्य करवा कर भी उन्हें कम दिहाड़ी दी जाती है, जो एक प्रकार का सामाजिक अन्याय है।
यूनियन के जिला संयोजक सुमेर सिंह ने कहा कि आज हर प्रकार के श्रमिकों का आर्थिक शोषण हो रहा है, लेकिन महिलाएं विशेष रूप से प्रभावित हैं। यूनियन के प्रदेश महासचिव कामरेड सुखबीर सिंह ने कहा कि निर्माण कार्यों में महिलाएं पुरुषों की तुलना में अधिक काम करती हैं, लेकिन उन्हें कम मजदूरी दी जाती है। इसके साथ ही उनके साथ व्यवहार भी उपेक्षित होता है।
कामरेड सुखबीर सिंह ने सरकार पर भी निशाना साधते हुए कहा कि कुछ ताकतें देश को मनु स्मृति के सिद्धांतों पर चलाना चाहती हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने श्रमिक कल्याण बोर्ड की योजनाओं से मजदूरों को वंचित कर दिया है। खासकर मजदूरों की बेटियों को मिलने वाली कई सरकारी सुविधाएं अब बंद कर दी गई हैं। बैठक में मीना बेरला, समीना, संतोष बाढ़ड़ा, सुशीला कारी, पिंकी धारणी, सीमा, मंजू बाढ़ड़ा, सोनी, खंड कोषाध्यक्ष रोशनलाल और राजेंद्र सिंह सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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यूनियन के जिला संयोजक सुमेर सिंह ने कहा कि आज हर प्रकार के श्रमिकों का आर्थिक शोषण हो रहा है, लेकिन महिलाएं विशेष रूप से प्रभावित हैं। यूनियन के प्रदेश महासचिव कामरेड सुखबीर सिंह ने कहा कि निर्माण कार्यों में महिलाएं पुरुषों की तुलना में अधिक काम करती हैं, लेकिन उन्हें कम मजदूरी दी जाती है। इसके साथ ही उनके साथ व्यवहार भी उपेक्षित होता है।
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कामरेड सुखबीर सिंह ने सरकार पर भी निशाना साधते हुए कहा कि कुछ ताकतें देश को मनु स्मृति के सिद्धांतों पर चलाना चाहती हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने श्रमिक कल्याण बोर्ड की योजनाओं से मजदूरों को वंचित कर दिया है। खासकर मजदूरों की बेटियों को मिलने वाली कई सरकारी सुविधाएं अब बंद कर दी गई हैं। बैठक में मीना बेरला, समीना, संतोष बाढ़ड़ा, सुशीला कारी, पिंकी धारणी, सीमा, मंजू बाढ़ड़ा, सोनी, खंड कोषाध्यक्ष रोशनलाल और राजेंद्र सिंह सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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