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Charkhi Dadri News: मंत्री ने श्रीकृष्ण गोसेवा सदन में भगत भैहराम रामदास सत्संग सभागार का किया उद्घाटन
Thu, 24 Sep 2026 12:13 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Thu, 24 Sep 2026 12:13 AM IST
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चरखी दादरी। दिल्ली-रोहतक बाइपास स्थित श्रीकृष्ण गोसेवा सदन में भगत भैहराम रामदास सत्संग सभागार का उद्घाटन किया गया। कैबिनेट मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने श्रीगणेश महाराज की पूजा कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इससे पूर्व श्रीकृष्ण गो सेवादल के प्रधान शिवकुमार गर्ग व महासचिव रामफल शर्मा ने मंत्री का को स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मान किया।
मंत्री डॉ. शर्मा ने श्रीकृष्ण गोशाला के लिए 11 लाख रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की। मंत्री ने कहा कि गाय की सेवा सनातन संस्कृति और आध्यात्मिक परंपरा का हिस्सा है। उन्होंने आश्वासन दिया कि गोशालाओं के विकास एवं आवश्यक कार्यों में किसी प्रकार की परेशानी नहीं आने दी जाएगी। डॉ. अरविंद शर्मा ने कहा कि गाय करुणा और ममता का स्वरूप हैं। गाय के शरीर में देवताओं का वास माना गया है।
गाय की सेवा धार्मिक कर्तव्य नहीं, बल्कि मानवता, करुणा और संस्कारों की सेवा भी है। उन्होंने कहा कि जिस स्थान पर निस्वार्थ भाव से गाय की सेवा होती है, वहां सकारात्मक ऊर्जा और आध्यात्मिक वातावरण स्वयं निर्मित होता है। इस अवसर पर डॉ. अनीता भारद्वाज, ईश्वर चंद्र गुप्ता, पूर्व प्रधान अग्रवाल सभा विष्णु गोयल, विष्णु एरन, चेतन पुरिया, तरसेम मित्तल, गौरीशंकर, संजय जयश्री, विजय गर्ग, महावीर सैनी आदि उपस्थित रहे।
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मंत्री डॉ. शर्मा ने श्रीकृष्ण गोशाला के लिए 11 लाख रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की। मंत्री ने कहा कि गाय की सेवा सनातन संस्कृति और आध्यात्मिक परंपरा का हिस्सा है। उन्होंने आश्वासन दिया कि गोशालाओं के विकास एवं आवश्यक कार्यों में किसी प्रकार की परेशानी नहीं आने दी जाएगी। डॉ. अरविंद शर्मा ने कहा कि गाय करुणा और ममता का स्वरूप हैं। गाय के शरीर में देवताओं का वास माना गया है।
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गाय की सेवा धार्मिक कर्तव्य नहीं, बल्कि मानवता, करुणा और संस्कारों की सेवा भी है। उन्होंने कहा कि जिस स्थान पर निस्वार्थ भाव से गाय की सेवा होती है, वहां सकारात्मक ऊर्जा और आध्यात्मिक वातावरण स्वयं निर्मित होता है। इस अवसर पर डॉ. अनीता भारद्वाज, ईश्वर चंद्र गुप्ता, पूर्व प्रधान अग्रवाल सभा विष्णु गोयल, विष्णु एरन, चेतन पुरिया, तरसेम मित्तल, गौरीशंकर, संजय जयश्री, विजय गर्ग, महावीर सैनी आदि उपस्थित रहे।
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