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धरा पर अत्याचार और अन्याय बढ़ने पर अवतार लेते हैं प्रभु : आचार्य रेणू

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 27 Nov 2024 12:00 AM IST
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When atrocities and injustice increase on earth, God incarnates: Acharya Renu
शहर में आयोजित श्रीकृष्ण कथा में शामिल महिलाएं।
चरखी दादरी। नगर में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव की कथा का वाचन किया गया। आचार्य श्रीकृष्ण रेणू ने कहा कि जब-जब अत्याचार और अन्याय बढ़ता है, तब-तब प्रभु का अवतार होता है। प्रभु का अवतार अत्याचार को समाप्त करने और धर्म की स्थापना के लिए होता है।
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जब कंस ने सभी मर्यादाएं तोड़ दीं तो प्रभु श्रीकृष्ण का जन्म हुआ। इस दौरान विभिन्न झांकियां आकर्षण का केंद्र रही। इस दौरान वासुदेव जय भगवान मस्ताना व कृष्ण कन्हैया बने। कथा में भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का वर्णन किया गया।
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आचार्य श्रीकृष्ण रेणू ने विभिन्न प्रसंगों के माध्यम से श्रोताओं को भगवान के अद्भुत चरित्र का रसपान कराया। उन्होंने बताया कि प्रभु का जन्म भक्तों के उद्धार और पापियों के संहार के लिए होता है। भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के बाद पूतना वध, तृणावर्त वध जैसी बाल लीलाओं का वर्णन किया गया। इसके बाद गोवर्धन लीला का वर्णन हुआ, जिसमें आचार्य ने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण ने इंद्र की पूजा बंद करवाकर गिरीराज गोवर्धन की पूजा प्रारंभ कराई। इंद्र ने इसे अपना अपमान समझकर बृज में सात दिन तक लगातार वर्षा की। भगवान ने मात्र सात वर्ष की आयु में गोवर्धन पर्वत को अपनी छोटी उंगली पर उठा लिया और ब्रजवासियों को संरक्षण प्रदान किया। इसके बाद इंद्र ने भगवान से क्षमा मांगी।
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