{"_id":"62473d09310a3f51f449bee9","slug":"wheat-did-not-arrive-on-the-first-day-the-agency-returned-after-waiting-till-evening-charkhidadri-news-hsr628073417","type":"story","status":"publish","title_hn":"पहले दिन नहीं हुई गेहूं की आवक शाम तक इंतजार कर लौटी एजेंसी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पहले दिन नहीं हुई गेहूं की आवक शाम तक इंतजार कर लौटी एजेंसी
विज्ञापन
दादरी मंडी में लगी सरसों की ढेरी।
- फोटो : CharkhiDadri
चरखी दादरी। गेहूं की सरकारी खरीद शुक्रवार से शुरू हो गई है, लेकिन दादरी नई अनाज मंडी में कोई भी किसान गेहूं की उपज लेकर नहीं पहुंचा। खरीद एजेंसी टीम शाम पांच बजे तक किसानों का इंतजार करती रही और इसके बाद लौट गई। वहीं, दूसरी ओर शुक्रवार को सरसों बेचने के लिए 117 किसान मंडी पहुंचे और शाम पांच बजे तक इन किसानों से 2409 क्विंटल सरसों खरीदी गई। मंडी आढ़तियों के अनुसार किसान गेहूं के सरकारी समर्थन मूल्य से संतुष्ट नहीं हैं और इस सीजन में भी 500 रुपये का बोनस खाते में डालने की मांग कर रहे हैं।
सरकार की घोषणा अनुसार एक अप्रैल से जिले में गेहूं की खरीद शुरू हो गई, लेकिन जिले में किसी भी किसान ने गेहूं का एक दाना नहीं बेचा। जिले में आठ केंद्रों पर इस बार गेहूं की खरीद होनी हैं और इसके लिए दोनों खरीद एजेंसियों का शेड्यूल तय हो चुका है। इसके अनुसार वेयर हाउस एजेंसी की टीम शुक्रवार सुबह मंडी पहुंची। पहले दोपहर और फिर शाम तक टीम किसानों का गेहूं की पैदावार के साथ मंडी पहुंचने का इंतजार करती रही, लेकिन कोई किसान गेहूं बेचने नहीं पहुंचा।
दूसरी ओर दादरी मंडी में सरसों की आवक लगातार जारी है। शुक्रवार को मंडी में 2409 क्विंटल सरसों खरीदी गई। हालांकि किसानों ने अपनी सरसों प्राइवेट फर्म को बेची और उन्हें 6800 रुपये तक का प्रति क्विंटल भाव मिला। इस सीजन में अब तक मंडी में 38232 क्विंटल सरसों पहुंच चुकी है। पिछले चार दिनों की बात करें तो 100 से अधिक किसान प्रतिदिन सरसों लेकर पहुंच रहे हैं जबकि पहले यह संख्या 20 से 25 तक सीमित थी।
विज्ञापन
अधिकारियों ने दूर करवाई खामियां
खरीद सीजन शुरू होने के बाद भी मंडी परिसर में पेयजल, शौचालय और अन्य मूलभूत सुविधाएं मुहैया करवाने की तरफ अधिकारियों ने ध्यान नहीं दिया था। इन समस्याओं को अमर उजाला ने 26 मार्च के संस्करण में प्रमुखता से उठाया था। इस पर संज्ञान लेकर मार्केट कमेटी अधिकारियों ने मंडी परिसर में व्याप्त अनियमितताओं को दूर करवा दिया है, जिससे अब किसानों के साथ आढ़तियों को राहत मिलेगी।
ये है गेहूं खरीद का शेड्यूल
जिले में इस बार आठ केंद्रों पर गेहूं की खरीद होनी है। इनमें दादरी व बाढड़ा मंडी, बौंदकलां, छपार, झोझूकलां, बेरला, कादमा व बधवाना शामिल है। शेड्यूल अनुसार खरीद केंद्रों पर चार दिन गेहूं की खरीद हैफेड और दो दिन वेयर हाउस करेगी।
सरसों का रकबा 70 हजार तो गेहूं का 45 हजार हेक्टेयर
इस साल की गेहूं के मुकाबले सरसों का बिजाई रकबा करीब डेढ़ गुना अधिक है। इस साल 70 हजार हेक्टेयर भूमि पर सरसों की, जबकि 45 हजार हेक्टेयर भूमि पर गेहूं की बिजाई की गई है। पिछले साल की तुलना में सरसों का रकबा इस बार करीब 17 हजार एकड़ बढ़ा है, जबकि गेहूं का बिजाई रकबा करीब दो हजार हेक्टेयर घटा है।
गेहूं खरीद के लिए मंडी परिसर में सभी तैयारियां पूरी हैं। शुक्रवार को पहले दिन दादरी मंडी में गेहूं की आवक नहीं हुई, जबकि किसानों ने निजी फर्म को सरसों बेची। किसानों और आढ़तियों के लिए हमने मंडी में तमाम व्यवस्थाएं कर दी हैं। - बसंत कुमार, सचिव, मार्केट कमेटी
किसानों का गेहूं लेकर मंडी न पहुंचने का कारण 500 रुपये बोनस की मांग है। मंडी की अव्यवस्थाएं अब अधिकारियों ने दूर करवा दी है। शौचालय भी साफ हैं जबकि पानी की व्यवस्था भी हो गई है। - रामकुमार रिटोलिया, प्रधान, नई अनाज मंडी
विज्ञापन
सरकार की घोषणा अनुसार एक अप्रैल से जिले में गेहूं की खरीद शुरू हो गई, लेकिन जिले में किसी भी किसान ने गेहूं का एक दाना नहीं बेचा। जिले में आठ केंद्रों पर इस बार गेहूं की खरीद होनी हैं और इसके लिए दोनों खरीद एजेंसियों का शेड्यूल तय हो चुका है। इसके अनुसार वेयर हाउस एजेंसी की टीम शुक्रवार सुबह मंडी पहुंची। पहले दोपहर और फिर शाम तक टीम किसानों का गेहूं की पैदावार के साथ मंडी पहुंचने का इंतजार करती रही, लेकिन कोई किसान गेहूं बेचने नहीं पहुंचा।
विज्ञापन
दूसरी ओर दादरी मंडी में सरसों की आवक लगातार जारी है। शुक्रवार को मंडी में 2409 क्विंटल सरसों खरीदी गई। हालांकि किसानों ने अपनी सरसों प्राइवेट फर्म को बेची और उन्हें 6800 रुपये तक का प्रति क्विंटल भाव मिला। इस सीजन में अब तक मंडी में 38232 क्विंटल सरसों पहुंच चुकी है। पिछले चार दिनों की बात करें तो 100 से अधिक किसान प्रतिदिन सरसों लेकर पहुंच रहे हैं जबकि पहले यह संख्या 20 से 25 तक सीमित थी।
विज्ञापन
अधिकारियों ने दूर करवाई खामियां
खरीद सीजन शुरू होने के बाद भी मंडी परिसर में पेयजल, शौचालय और अन्य मूलभूत सुविधाएं मुहैया करवाने की तरफ अधिकारियों ने ध्यान नहीं दिया था। इन समस्याओं को अमर उजाला ने 26 मार्च के संस्करण में प्रमुखता से उठाया था। इस पर संज्ञान लेकर मार्केट कमेटी अधिकारियों ने मंडी परिसर में व्याप्त अनियमितताओं को दूर करवा दिया है, जिससे अब किसानों के साथ आढ़तियों को राहत मिलेगी।
ये है गेहूं खरीद का शेड्यूल
जिले में इस बार आठ केंद्रों पर गेहूं की खरीद होनी है। इनमें दादरी व बाढड़ा मंडी, बौंदकलां, छपार, झोझूकलां, बेरला, कादमा व बधवाना शामिल है। शेड्यूल अनुसार खरीद केंद्रों पर चार दिन गेहूं की खरीद हैफेड और दो दिन वेयर हाउस करेगी।
सरसों का रकबा 70 हजार तो गेहूं का 45 हजार हेक्टेयर
इस साल की गेहूं के मुकाबले सरसों का बिजाई रकबा करीब डेढ़ गुना अधिक है। इस साल 70 हजार हेक्टेयर भूमि पर सरसों की, जबकि 45 हजार हेक्टेयर भूमि पर गेहूं की बिजाई की गई है। पिछले साल की तुलना में सरसों का रकबा इस बार करीब 17 हजार एकड़ बढ़ा है, जबकि गेहूं का बिजाई रकबा करीब दो हजार हेक्टेयर घटा है।
गेहूं खरीद के लिए मंडी परिसर में सभी तैयारियां पूरी हैं। शुक्रवार को पहले दिन दादरी मंडी में गेहूं की आवक नहीं हुई, जबकि किसानों ने निजी फर्म को सरसों बेची। किसानों और आढ़तियों के लिए हमने मंडी में तमाम व्यवस्थाएं कर दी हैं। - बसंत कुमार, सचिव, मार्केट कमेटी
किसानों का गेहूं लेकर मंडी न पहुंचने का कारण 500 रुपये बोनस की मांग है। मंडी की अव्यवस्थाएं अब अधिकारियों ने दूर करवा दी है। शौचालय भी साफ हैं जबकि पानी की व्यवस्था भी हो गई है। - रामकुमार रिटोलिया, प्रधान, नई अनाज मंडी