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Charkhi Dadri News: सीसीआई फाटक अंडरपास में जलभराव बड़ी समस्या
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- बारिश ही नहीं, सामान्य दिनों में भी भरा रहता है पानी
- वार्ड-2 और गांधी नगर के लोगों को ज्यादा परेशानी
माई सिटी रिपोर्टर
चरखी दादरी। सीसीआई (सीमेंट कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया) फाटक पर रेलवे और लोक निर्माण विभाग ने वार्ड-2 और गांधी नगर एरिया को जोड़ने के लिए कई वर्ष पूर्व अंडरपास का निर्माण करवाया था। इसके बनने के बाद से इसमें जलभराव की समस्या बनी हुई है। बारिश के दिनों में तो यह समस्या रहती ही है, आम दिनों में भी यही हाल रहता है।
बारिश के दिनों में तो यह पूरी तरह से पानी से भर जाता है। उस दौरान इस अंडरपास से वाहन चालकों का तो दूर पैदल गुजरना भी मुश्किल हो जाता है। इस अंडरपास से दस हजार से ज्यादा लोग प्रभावित हैं। इसके पास दो स्कूल भी हैं। विद्यार्थी वार्ड-2 से पढ़ने के लिए आते हैं। बच्चों के साथ बुजुर्गों और दोपहिया वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
वार्ड पार्षद के प्रतिनिधि नरेंद्र दहिया ने बताया कि लोगों से जुड़ी से इस समस्या के बारे में वह कई बार विभिन्न स्तरों पर मांग उठा चुके हैं लेकिन इसका समाधान नहीं किया जा रहा है। 26 सितंबर को उन्होंने जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक में मंत्री श्याम सिंह राणा के समक्ष हाईवे पर बनी लाइट की समस्या के साथ ही अंडरपास का मुद्दा भी उठाया था।
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बुधवार को लोक निर्माण विभाग के एक्सईएन से की मुलाकात
अंडरपास में जलभराव की समस्या के बारे में पार्षद प्रतिनिधि नरेंद्र ने बुधवार को लोकनिर्माण विभाग के एक्सईएन गुरचरण से मुलाकात की। नरेंद्र के अनुसार, एक्सईएन ने इस कार्य के लिए बजट न होने का हवाला दिया है।
फोटो 34- शहर के एकमात्र अंडरपास में जमा मिट्टी, गंदगी और जलभराव। संवाद
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- वार्ड-2 और गांधी नगर के लोगों को ज्यादा परेशानी
माई सिटी रिपोर्टर
चरखी दादरी। सीसीआई (सीमेंट कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया) फाटक पर रेलवे और लोक निर्माण विभाग ने वार्ड-2 और गांधी नगर एरिया को जोड़ने के लिए कई वर्ष पूर्व अंडरपास का निर्माण करवाया था। इसके बनने के बाद से इसमें जलभराव की समस्या बनी हुई है। बारिश के दिनों में तो यह समस्या रहती ही है, आम दिनों में भी यही हाल रहता है।
बारिश के दिनों में तो यह पूरी तरह से पानी से भर जाता है। उस दौरान इस अंडरपास से वाहन चालकों का तो दूर पैदल गुजरना भी मुश्किल हो जाता है। इस अंडरपास से दस हजार से ज्यादा लोग प्रभावित हैं। इसके पास दो स्कूल भी हैं। विद्यार्थी वार्ड-2 से पढ़ने के लिए आते हैं। बच्चों के साथ बुजुर्गों और दोपहिया वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
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वार्ड पार्षद के प्रतिनिधि नरेंद्र दहिया ने बताया कि लोगों से जुड़ी से इस समस्या के बारे में वह कई बार विभिन्न स्तरों पर मांग उठा चुके हैं लेकिन इसका समाधान नहीं किया जा रहा है। 26 सितंबर को उन्होंने जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक में मंत्री श्याम सिंह राणा के समक्ष हाईवे पर बनी लाइट की समस्या के साथ ही अंडरपास का मुद्दा भी उठाया था।
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बुधवार को लोक निर्माण विभाग के एक्सईएन से की मुलाकात
अंडरपास में जलभराव की समस्या के बारे में पार्षद प्रतिनिधि नरेंद्र ने बुधवार को लोकनिर्माण विभाग के एक्सईएन गुरचरण से मुलाकात की। नरेंद्र के अनुसार, एक्सईएन ने इस कार्य के लिए बजट न होने का हवाला दिया है।
फोटो 34- शहर के एकमात्र अंडरपास में जमा मिट्टी, गंदगी और जलभराव। संवाद