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Charkhi Dadri News: मांगपत्र से 100 क्यूसेक कम मिला पानी, पेयजल के साथ सिंचाई का बनेगा संकट

Mon, 16 Oct 2023 12:18 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी Updated Mon, 16 Oct 2023 12:18 PM IST
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Water received 100 cusecs less than the demand letter, there will be a problem of irrigation along with drinking water.
चरखी दादरी। जिला में नहरी पानी के संकट की वजह से रबी सीजन की फसलों की बिजाई के लिए सिंचाई का संकट गहरा गया है। इस बार जिला को 100 क्यूसेक पानी कम मिला है जबकि मांगपत्र 850 क्यूसेक का भेजा गया था। ऐसे में सरसों व गेहूं की बिजाई के लिए किसानों को सिंचाई का पानी नहीं मिल पा रहा है। इतना ही नहीं जलघर व जोहड़ भी खाली पड़े हैं।
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बता दें कि इस बार मानसून सीजन के दगा देने से पेयजल संकट बढ़ा है। सिंचाई विभाग अधिकारियों का कहना है कि यमुना में पानी की मात्रा कम होने की वजह से पीछे से ही पानी कम मिल रहा है। जिला का कुल कृषि योग्य रकबा 1.20 लाख हेक्टेयर क्षेत्र है। किसान संगठनों ने प्रशासन व विभाग से नहरी पानी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध करवाने की मांग की है। इस बार मानसून सीजन में जिला में मात्र 352 एमएम बारिश हुई है जो सामान्य से 150 एमएम कम है। अगस्त व सितंबर माह सूखा रहने के कारण हालात खराब हुए हैं।
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गत आठ अक्तूबर को जिला की नहरों में पानी छोड़ा गया है। इस समय 750 क्यूसेक पानी नहरों में छोड़ रखा है। लोहारू कैनाल व कितलाना डिस्ट्रीब्यूटरी में पानी चल रहा है जबकि अन्य नहरों में पानी नहीं छोड़ा गया है। मेन बधवाना डिस्ट्रीब्यूटरी में पानी नहीं छोड़े जाने से करीब 20 गांवों के जलघरों में पानी नहीं पहुंच पा रहा है। इन गांवों में करीब 25 जोहड़ भी खाली पड़े हैं। दूसरी तरफ किसान भी सिंचाई के लिए भी पानी का इंतजार कर रहे हैं।
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- किसान बोले: बधवाना डिस्ट्रीब्यूटरी में पानी नहीं छोड़ने से खेत सूखे
किसान भीम सिंह, नरेश कुमार, रमेश कुमार, ढिल्लूराम व प्रताप सिंह का कहना है कि बधवाना डिस्ट्रीब्यूटरी में पानी नहीं छोड़ने से बिजाई के लिए सिंचाई का पानी नहीं मिल पा रहा है। उनके क्षेत्र के जलघरों में भी पानी नहीं है। ऐसे में पीने के पानी का भी संकट बढ़ गया है।
- 400 रुपपे प्रति टैंकर चुका रहे लोग
पेयजल संकट के चलते ग्रामीण क्षेत्र के लोग भी पेयजल के एक टैंकर के 400 लिए रुपये चुकाने को विवश हैं। बधवाना, जावा, चिड़िया, मौड़ी मकड़ानी आदि गांवों के ग्रामीणों का कहना है कि बधवाना नहर में 15 दिन में पानी छोड़ा जाना चाहिए। उनका कहना है कि इस बार पानी पहुंचा ही नहीं है।


सिंचाई विभाग को बधवाना नहर में पानी छोड़ना चाहिए ताकि किसान सिंचाई कर सरसों व गेहूं की बिजाई कर सकें। खेती नहरी पानी पर ज्यादा आश्रित है। जलघरों में भी पानी नहीं है। विभाग को बधवाना डिस्ट्रीब्यूटरी में पानी छोड़ना चाहिए। जन प्रतिनिधियों को किसान की आवाज उठानी चाहिए। लोहारू नहर में ज्यादा पानी छोड़ा जाता है। इस क्षेत्र के साथ भेदभाव किया जा रहा है। क्षेत्र में जमीनी पानी भी अब खारा होने लगा है।

-रामकुमार कादयान, अध्यक्ष, अन्नदाता किसान यूनियन


= पीछे हेड से ही पानी कम मात्रा में मिला है। 19 अक्तूबर को बधवाना डिस्ट्रीब्यूटरी में पानी छोड़ा जाएगा। इस समय कितलाना डिस्ट्रीब्यूटरी में पानी छोड़ कर रखा है। विभाग सभी जलघरों में पानी डालने का प्रयास कर रहा है। जिला को इस बार 750 क्यूसिक पानी मिला है।
-एक्सईएन सतेंद्र कुमार, सिंचाई विभाग
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