फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Charkhi Dadri News ›   water problam in cdadri

जलघरों के टैंक खाली, जल संकट गहराया

Sun, 09 May 2021 11:43 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sun, 09 May 2021 11:43 PM IST
विज्ञापन
water problam  in cdadri
जिले की साढ़े पांच लाख की आबादी को इस समय पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है। जिले के सभी 58 जलघरों के टैंक खाली हो चुके हैं। इस समय शहर और गांवों में ट्यूबवेल का पानी सप्लाई किया जा रहा है जिसे लोग किसी काम में इस्तेमाल नहीं कर सकते हैं। वहीं, सिंचाई विभाग के पास अभी नहरों में पानी आने की स्पष्ट सूचना नहीं है और इसके चलते अभी कितने दिन और लोगों को पेयजल संकट झेलना पड़ेगा, कहना मुश्किल है।
विज्ञापन

इस बार नहरों में पानी की टर्न 24 दिन कर दिए जाने पर जिले के जलघरों में अब पानी खत्म हो गया है। शहर के दोनों जलघरों के छह वाटर स्टोरेज टैंक खाली हो चुके हैं। ग्रामीण क्षेत्रों के जलघरों की भी यही स्थिति है। गर्मी में पेयजल को लेकर अब हालात खराब होने लगे हैं। लॉकडाउन में घरों में पानी की खपत भी ज्यादा हो रही है। शहरवासी इस समय पानी के टैंकर खरीदने को विवश हैं।
विज्ञापन

पिछली टर्न में सात अप्रैल को जिले की मेन लोहारू कैनाल और बधवाना डिस्टीब्यूटरी में पानी छोड़ा गया था। इसके बाद 20 अप्रैल को पानी बंद हुआ था। इस दौरान में 850 क्यूसेक पानी मिला था। उस दौरान फसल की कटाई चलने के कारण खेतों में पानी की जरूरत नहीं थी। इस वजह से जलघरों में पर्याप्त मात्रा में पानी डाला जा सका था, लेकिन जिले में 15 दिन में 900 क्यूसेक पानी की खपत है। इस बार नहरों में पानी की टर्न 15 की बजाय 24 दिन की है।
विज्ञापन
विज्ञापन

शहर में आपूर्ति के लिए दस ट्यूबवेलों का सहारा ले रहा विभाग
इस समय शहर के मेन चंपापुरी और रामनगर जलघर के टैंक खाली हो चुके हैं। हालांकि विभाग अब सीधे ट्यूबवेल का पानी घरों में सप्लाई कर रहा है। इसका टीडीएस काफी अधिक है और लोग इसे पीने या रसोईघर में उपयोग नहीं कर सकते हैं। इस समय विभाग शहर में दस ट्यूबवेलों के जरिये आपूर्ति कर रहा है।
कम भंडारण क्षमता के चलते बन रहा पेयजल संकट
शहर में पानी की स्टोरेज क्षमता कम है और इस वजह से समय- समय पर पानी का संकट बना रहता है। शहर के लिए कम से कम एक माह की स्टोरेज क्षमता होनी चाहिए, तब जाकर पानी की किल्लत दूर हो सकती है। विभाग ने पेयजल स्टोरेज क्षमता बढ़ानेे के लिए दो नए वाटर टैंक निर्माण के लिए एस्टीमेट फाइल हेड ऑफिस भेजी थी, लेकिन उस पर भी ऑब्जेक्शन लगा हुआ है।

जिला की नहरों में 14 मई को पानी छोड़े जाने की उम्मीद है। जैसे ही पानी पहुंचता है। सबसे पहले जलघरों में पानी डाला जाएगा। गर्मी में लोग पानी की एक-एक बूंद बचाएं। पानी की बर्बादी नहीं होनी चाहिए।
राहुल छिल्लर, एसडीओ, सिंचाई विभाग
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed