फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Charkhi Dadri News ›   Wait for gate pass; government procurement of pearl millet stalled again

Charkhi Dadri News: गेट पास के लिए करना पड़ा इंतजार बाजरे की सरकारी खरीद फिर अटकी

Sat, 03 Oct 2026 12:58 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी Updated Sat, 03 Oct 2026 12:58 AM IST
विज्ञापन
Wait for gate pass; government procurement of pearl millet stalled again
अनाज मंडी में बाजरा से भरी ट्रैक्टर ट्रॉली खाली करते श्रमिक।  - फोटो : 1
चरखी दादरी। गांधी जयंती के अवकाश के बावजूद शुक्रवार को फसल बेचने के लिए अनाज मंडी किसानों की भीड़ रही। सुबह ही किसान पहुंचने शुरू हो गए थे लेकिन अवकाश की वजह से गेट पास नहीं काटे जा रहे थे। किसानों की भीड़ तो ने गेट पास काटने की मांग उठाई।
विज्ञापन

किसानों की मांग पर मार्केट कमेटी अधिकारियों ने सुबह करीब सवा 11 बजे गेट पास काटने की प्रक्रिया शुरू की। इसके बाद मंडी के बाहर किसानों की भीड़ लग गई। दूसरी ओर मंडी में लगातार दूसरे दिन भी बाजरे की सरकारी खरीद शुरू नहीं हो सकी। इससे मंडी के टिन शेड समेत कई स्थानों पर बाजरे की ढेरियां दिखाई दीं।
विज्ञापन

किसानों और आढ़तियों को आशंका है कि यदि सरकारी खरीद दो दिन और शुरू नहीं हुई तो मंडी में फसल रखने के लिए जगह का संकट खड़ा हो सकता है। किसानों को उम्मीद थी कि शुक्रवार से बाजरे की सरकारी खरीद शुरू हो जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

सुबह से ही किसान ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में फसल लेकर मंडी पहुंचने लगे। किसानों की मांग के बाद मार्केट कमेटी की ओर से सवा 11 बजे गेट पास काटने की प्रक्रिया शुरू की गई। हालांकि सरकारी खरीद शुरू नहीं होने के कारण किसानों को फसल बेचने के लिए इंतजार करना पड़ा। मंडी में पहले से पहुंची बाजरे की फसल के ढेर बढ़ते जा रहे हैं।
मंडी में फसल की तुलाई भी आढ़तियों और किसानों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है। मंडी में करीब 10 वर्ष पहले स्थापित धर्मकांटे पर प्रतिदिन लगभग 7 हजार टन भार का दबाव पड़ रहा है। आढ़तियों के अनुसार इतनी अधिक मात्रा में फसल की तुलाई होने के कारण मंडी के धर्मकांटे से समय पर वजन नहीं हो पा रहा।
इस कारण कई आढ़तियों को किसानों की फसल का वजन बाहरी कांटों पर करवाना पड़ा। इससे किसानों को अपनी फसल की तुलाई के लिए मंडी से बाहर जाना पड़ा और उन्हें अतिरिक्त समय तथा परेशानी का सामना करना पड़ा।

किसानों का कहना है कि मंडी में आवक बढ़ने के दौरान तुलाई की पर्याप्त व्यवस्था होना जरूरी है, ताकि फसल लेकर आने वाले किसानों को अनावश्यक इंतजार न करना पड़े।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed