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विनेश की स्वर्ण जीत से बलाली में जश्न का माहौल
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चरखी दादरी।
बर्मिंघम में चल रहे कॉमनवेल्थ गेम्स में जिले के गांव बलाली की ओलंपियन पहलवान विनेश फौगाट के स्वर्ण पदक जीतने से गांव में जश्न का माहौल है। फाइनल मुकाबले में विनेश ने श्रीलंका की पहलवान को हराया और कॉमनवेल्थ में लगातार तीसरा स्वर्ण पदक अपने नाम किया। इसके साथ ही विनेश का पिछले तीन कॉमनवेल्थ गेम्स से विजयी अभियान जारी है।
विनेश के भाई हरविंद्र ने बताया कि टोक्यो ओलंपिक में हार के बाद विनेश का मनोबल टूट गया था। अब कॉमनवेल्थ गेम्स में स्वर्ण पदक जीतने के बाद विनेश का मनोबल बढ़ा है। हरविंद्र ने बताया कि सन 2019 के बाद विनेश को बड़ी प्रतियोगिता में अब राष्ट्रमंडल खेलों में ही पदक मिला है। ओलंपिक खेलों में हार के बाद विनेश पर मनोवैज्ञानिक दबाव बढ़ गया था। अब स्वर्ण पदक जीतकर विनेश ने कुश्ती खेल में नए सिरे से वापसी की है जो भविष्य के लिए सुनहरा साबित होगी। स्वर्ण पदक जीतने से अगले ओलंपिक खेलों के लिए भी राह और आसान हो सकेंगी। इस जीत से उसका हौसला और बढ़ा है।
-- विनेश ने वर्ल्ड चैंपियनशिप की पदक विजेता को दी पटखनी
विनेश ने अपने राउंड लीग मैच में कनाडा की पहलवान सामांता स्टीवा से बाइ फॉल से मैच जीता। कनाडा की यह पहलवान वर्ल्ड चैंपियनशिप में ब्रॉज मेडल विजेता रही है। यह भी विनेश के लिए एक उपलब्धि मानी जा रही है। विनेश का सेमीफाइनल मुकाबला नाइजीरिया की पहलवान के साथ हुआ। इस मैच में विनेश ने 6-0 के स्कोर से जीत दर्ज फाइनल में प्रवेश किया।
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विनेश का मैच द्रोणाचार्य अवार्डी महावीर ने भी देखा
विनेश के कुश्ती मुकाबले द्रोणाचार्य अवॉर्डी महावीर पहलवान ने भी टीवी पर देखे। विनेश ने महावीर द्वारा सिखाया गया दांव बगलबूड इन मैचों में बखूूबी इस्तेमाल किया और विपक्षी पहलवान पर दांव लगाकर स्कोर हासिल करने में कामयाबी हासिल की। विनेश बगलबूड दांव को तकरीबन हर मैच में इस्तेमाल करती रही है। इस दांव के जरिये विरोधी पहलवान को बाइ फॉल करने की कोशिश की जाती है।
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बर्मिंघम में चल रहे कॉमनवेल्थ गेम्स में जिले के गांव बलाली की ओलंपियन पहलवान विनेश फौगाट के स्वर्ण पदक जीतने से गांव में जश्न का माहौल है। फाइनल मुकाबले में विनेश ने श्रीलंका की पहलवान को हराया और कॉमनवेल्थ में लगातार तीसरा स्वर्ण पदक अपने नाम किया। इसके साथ ही विनेश का पिछले तीन कॉमनवेल्थ गेम्स से विजयी अभियान जारी है।
विनेश के भाई हरविंद्र ने बताया कि टोक्यो ओलंपिक में हार के बाद विनेश का मनोबल टूट गया था। अब कॉमनवेल्थ गेम्स में स्वर्ण पदक जीतने के बाद विनेश का मनोबल बढ़ा है। हरविंद्र ने बताया कि सन 2019 के बाद विनेश को बड़ी प्रतियोगिता में अब राष्ट्रमंडल खेलों में ही पदक मिला है। ओलंपिक खेलों में हार के बाद विनेश पर मनोवैज्ञानिक दबाव बढ़ गया था। अब स्वर्ण पदक जीतकर विनेश ने कुश्ती खेल में नए सिरे से वापसी की है जो भविष्य के लिए सुनहरा साबित होगी। स्वर्ण पदक जीतने से अगले ओलंपिक खेलों के लिए भी राह और आसान हो सकेंगी। इस जीत से उसका हौसला और बढ़ा है।
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-- विनेश ने वर्ल्ड चैंपियनशिप की पदक विजेता को दी पटखनी
विनेश ने अपने राउंड लीग मैच में कनाडा की पहलवान सामांता स्टीवा से बाइ फॉल से मैच जीता। कनाडा की यह पहलवान वर्ल्ड चैंपियनशिप में ब्रॉज मेडल विजेता रही है। यह भी विनेश के लिए एक उपलब्धि मानी जा रही है। विनेश का सेमीफाइनल मुकाबला नाइजीरिया की पहलवान के साथ हुआ। इस मैच में विनेश ने 6-0 के स्कोर से जीत दर्ज फाइनल में प्रवेश किया।
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विनेश का मैच द्रोणाचार्य अवार्डी महावीर ने भी देखा
विनेश के कुश्ती मुकाबले द्रोणाचार्य अवॉर्डी महावीर पहलवान ने भी टीवी पर देखे। विनेश ने महावीर द्वारा सिखाया गया दांव बगलबूड इन मैचों में बखूूबी इस्तेमाल किया और विपक्षी पहलवान पर दांव लगाकर स्कोर हासिल करने में कामयाबी हासिल की। विनेश बगलबूड दांव को तकरीबन हर मैच में इस्तेमाल करती रही है। इस दांव के जरिये विरोधी पहलवान को बाइ फॉल करने की कोशिश की जाती है।