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नप की खाली जगह तलाशेगी एजेंसी, विकसित करेगी आय के साधन
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फोटो 08 नगर परिषद कार्यालय भवन ।
- फोटो : CharkhiDadri
चरखी दादरी। सालों बाद शहरी निकाय निदेशालय को नगर निगमों, नगर परिषदों के अधीन खाली पड़ी अपनी जगह याद आई है। अब शहरी निकाय निदेशालय ने प्राइवेट एजेंसी के माध्यम से अपनी इस जगह की जांच कराने और जरूरत के अनुसार इसे आय के स्रोत के रूप में विकसित करने का निर्णय लिया है। हालांकि लगभग सभी जगह नगर निगम, नगर परिषद की अधिकतर खाली जगह पर अवैध कब्जों की भरमार है। वैसे तो यह कार्य म्यूनिसिपल एक्ट में नप अधिकारियों-कर्मचारियों का है, मगर कर्मचारियों की कमी और अन्य कार्यों की अधिकता के चलते इसे अब प्राइवेट एजेंसी के माध्यम से करवाने का निर्णय लिया गया है। लगभग सभी शहरों में नगर परिषद, नगर निगम की काफी जगह खाली पड़ी है। कुछ जगह नप की जगह में अन्य कार्यालय भी चल रहे है। शहर के तालाब, जोहड़, पार्क, अन्य खाली जगह नप के अधीन ही आती है।
नप अधिकारियों को भी नहीं पता, कहां-कहां है खाली जगह
शहरों में नप की खाली जगह कहां-कहां है, ये तो वर्तमान अधिकारियों, कर्मचारियों को भी नहीं पता। क्योंकि वर्षों से इसे संभाला ही नहीं गया और अधिकतर पुराने कर्मचारी सेवानिवृत्त हो चुके है। लगभग सभी जगह पार्षद भी नई पीढ़ी के है। ऐसे में अब पुराना रिकार्ड देख नगर निगम, परिषद की जगह तलाशना भी बड़ी चुनौती है।
अवैध कब्जों की भरमार
शहरों में ज्यादातर नप की जगह में अवैध मकान, दुकानें बनी है। नप ने अपनी जगह नहीं संभाली तो यहां अवैध रूप से लोगों ने कब्जे कर लिए हैं। नप की जगह तलाश उससे अवैध कब्जे हटवाना भी पड़ी चुनौती है।
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आय का बेहतर विकल्प बन सकती है खाली जगह
नगर परिषद के पास फिलहाल आय का कोई मुख्य साधन नहीं है। टैक्स पर ही निर्भरता है और टैक्स भी अधिकतर लोग नहीं भरते। ऐसे में नप की खाली जगह पर दुकानें, शॉपिंग कॉम्पलेक्स बनाकर या अन्य गतिविधियों के माध्यम से बेहतर विकल्प बनाया जा सकता है। ये खाली जगह आय का बेहतर स्रोत साबित हो सकती है।
बजट के अभाव में नहीं मिल रही तनख्वाह, नहीं हो रहा विकास
अक्सर नप का बजट बिगड़ा रहता है। इसका मुख्य कारण है आय के सीमित साधन। आय के पर्याप्त स्रोत नहीं होने के कारण नप कर्मचारियों को समय पर वेतन तक नहीं मिल रहा। बजट के अभाव में शहर के विकास कार्य भी रुके है। सरकार की ओर से विशेष घोषणा के तहत ही संबंधित कार्य के लिए बजट मिलता है।
कर्मचारियों का कार्य, करेगी एजेंसी
म्यूनिसिपल एक्ट के अनुसार, किसी भी नगर निगम, नगर परिषद के अधीन खाली जगह की सुरक्षा व्यवस्था, अवैध कब्जे हटवाना, नप की खाली जगह का बेहतर उपयोग, खाली जगह को आय के स्रोत के रूप में विकसित करने की योजना बनाने का कार्य नप अधिकारियों का ही होता है। मगर अब शहरी निकाय निदेशालय अधिकारियों ने इस कार्य के लिए एजेंसी हायर करने का निर्णय लिया है और एक कमेटी बनाई है। मुख्यालय के चीफ इंजीनियर, एग्जीक्यूटिव इंजीनियर, चीफ टाउन प्लानर आदि को शामिल किया गया है। जो एजेंसी हायर करने संबंधित प्रक्रिया पूरी करेगी।
वर्जन::::
नप की खाली जगह को बेहतर आय के स्रोत के रूप में विकसित करने का प्रावधान म्यूनिसिपल एक्ट में है। बेहतर है अगर मुख्यालय से ही इस तरह एजेंसी के माध्यम से सभी नगर परिषद की खाली जगह को आय के स्रोत के रूप में विकसित करने की संभावनाएं तलाशी जा रही है।
-प्रशांत परासर, सचिव, नगर परिषद चरखी दादरी
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नप अधिकारियों को भी नहीं पता, कहां-कहां है खाली जगह
शहरों में नप की खाली जगह कहां-कहां है, ये तो वर्तमान अधिकारियों, कर्मचारियों को भी नहीं पता। क्योंकि वर्षों से इसे संभाला ही नहीं गया और अधिकतर पुराने कर्मचारी सेवानिवृत्त हो चुके है। लगभग सभी जगह पार्षद भी नई पीढ़ी के है। ऐसे में अब पुराना रिकार्ड देख नगर निगम, परिषद की जगह तलाशना भी बड़ी चुनौती है।
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अवैध कब्जों की भरमार
शहरों में ज्यादातर नप की जगह में अवैध मकान, दुकानें बनी है। नप ने अपनी जगह नहीं संभाली तो यहां अवैध रूप से लोगों ने कब्जे कर लिए हैं। नप की जगह तलाश उससे अवैध कब्जे हटवाना भी पड़ी चुनौती है।
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आय का बेहतर विकल्प बन सकती है खाली जगह
नगर परिषद के पास फिलहाल आय का कोई मुख्य साधन नहीं है। टैक्स पर ही निर्भरता है और टैक्स भी अधिकतर लोग नहीं भरते। ऐसे में नप की खाली जगह पर दुकानें, शॉपिंग कॉम्पलेक्स बनाकर या अन्य गतिविधियों के माध्यम से बेहतर विकल्प बनाया जा सकता है। ये खाली जगह आय का बेहतर स्रोत साबित हो सकती है।
बजट के अभाव में नहीं मिल रही तनख्वाह, नहीं हो रहा विकास
अक्सर नप का बजट बिगड़ा रहता है। इसका मुख्य कारण है आय के सीमित साधन। आय के पर्याप्त स्रोत नहीं होने के कारण नप कर्मचारियों को समय पर वेतन तक नहीं मिल रहा। बजट के अभाव में शहर के विकास कार्य भी रुके है। सरकार की ओर से विशेष घोषणा के तहत ही संबंधित कार्य के लिए बजट मिलता है।
कर्मचारियों का कार्य, करेगी एजेंसी
म्यूनिसिपल एक्ट के अनुसार, किसी भी नगर निगम, नगर परिषद के अधीन खाली जगह की सुरक्षा व्यवस्था, अवैध कब्जे हटवाना, नप की खाली जगह का बेहतर उपयोग, खाली जगह को आय के स्रोत के रूप में विकसित करने की योजना बनाने का कार्य नप अधिकारियों का ही होता है। मगर अब शहरी निकाय निदेशालय अधिकारियों ने इस कार्य के लिए एजेंसी हायर करने का निर्णय लिया है और एक कमेटी बनाई है। मुख्यालय के चीफ इंजीनियर, एग्जीक्यूटिव इंजीनियर, चीफ टाउन प्लानर आदि को शामिल किया गया है। जो एजेंसी हायर करने संबंधित प्रक्रिया पूरी करेगी।
वर्जन::::
नप की खाली जगह को बेहतर आय के स्रोत के रूप में विकसित करने का प्रावधान म्यूनिसिपल एक्ट में है। बेहतर है अगर मुख्यालय से ही इस तरह एजेंसी के माध्यम से सभी नगर परिषद की खाली जगह को आय के स्रोत के रूप में विकसित करने की संभावनाएं तलाशी जा रही है।
-प्रशांत परासर, सचिव, नगर परिषद चरखी दादरी