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शहर के दोनों जलघरों में बनाए जाएंगे दो वाटर टैंक, प्रस्ताव भेजा मुख्यालय
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शहर के मुख्य चंपापुरी जलघर का वाटर टैंक।
- फोटो : CharkhiDadri
शहर की पेयजल आपूर्ति में सुधार के लिए दोनों जलघर में दो नए वाटर टैंक बनाए जाएंगे। दोनों वाटर टैंक की क्षमता 650- 650 लाख लीटर होगी। जनस्वास्थ्य विभाग ने पेयजल भंडारण क्षमता 1300 लाख लीटर बढ़ाने का प्रस्ताव तैयार कर मंजूरी के लिए मुख्यालय भेज दिया है। मंजूरी मिलने के बाद शहर की पेयजल समस्या का स्थायी समाधान हो जाएगा। नई योजना सिरे चढ़ने के बाद शहर में एक दिन छोड़कर आपूर्ति की बजाय प्रतिदिन पेयजल सप्लाई होगी।
जिला बनने के बाद चरखी दादरी में हर साल पानी की खपत लगातार बढ़ती जा रही है। इस समय पानी की भंडारण क्षमता मुश्किल से 15 दिन की है, जबकि नहरों में आमतौर पर पानी 24 दिन या कई बार तो एक माह में पहुंचता है। जिसकी वजह से समय- समय पर शहर में पानी की किल्लत हो जाती है। गर्मियों में तो खुद विभाग को पानी के टैंकर लगवाकर पानी की सप्लाई करवानी पड़ती है। लोगों को भी पानी के टैंकर खरीदने पड़ते हैं। इस समस्या के समाधान लिए विभाग ने दोनों जलघरों के मौजूदा वाटर टैंकों के डिजाइन और उनमें पानी की स्टोरेज क्षमता का आकलन कर लिया है। इस आकलन के आधार पर विभाग शहर के दोनों जलघरों में दो नए वाटर टैंक बनाएगा। 1300 लाख लीटर पानी की क्षमता बढ़ने पर विभाग प्रतिदिन शहर में आपूर्ति कर देगा जबकि इस समय एक दिन छोड़कर पानी की सप्लाई की जा रही है।
शहर में पांच हजार से ज्यादा लोग कैंपर खरीद चला रहे काम
शहर में इस समय करीब 20 से ज्यादा आरओ केंद्र हैं । जहां पानी को फिल्टर कर शहर के बाजारों व घरों में सप्लाई किया जाता है। वाहनों के जरिये सुबह ही आरओ सप्लायर पानी की सप्लाई शुरू कर देते हैं। ऐसे में बाजारों में हर दुकान पर आरओ के पानी की कैन दुकानदार रखवाने को विवश हैं। करीब पांच हजार कैंपर आरओ केंद्र संचालकों द्वारा शहर में रखे जा रहे हैं।
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2700 लाख लीटर है मौजूदा भंडारण क्षमता
इस समय शहर में दो जलघर है। मेन चंपापुरी जलघर की पेयजल क्षमता 2450 लाख लीटर व दूसरे रामनगर जलघर की क्षमता 1250 लाख लीटर है। ऐसे में शहर की कुल पेयजल क्षमता 3700 लाख लीटर है। विभाग ने अब इसे बढ़ाकर पांच हजार लाख लीटर करने की योजना तैयार की है।
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48 घंटे में 48 मिनट भी नहीं हो पा रही जलापूर्ति
इस समय 48 घंटे में मात्र 40 मिनट पेयजल उपभोक्ताओं को पानी मिल रहा है। कई बार बिजली नहीं होने पर आपूर्ति हो ही नहीं पाती। इस स्थिति में लोगों की घरेलू आवश्यकता भी पूरी नहीं हो पाती। ज्यादातर क्षेत्रों के लोग 450 रुपये में पानी के टैंकर खरीदकर काम चला रहे हैं।
फाइल को हेड ऑफिस हमने भेज रखा है और वहां से जल्द ही मंजूरी मिलने की उम्मीद है। शहर में दो नए वाटर टैंक बनाए जाएंगे। इससे शहर में प्रतिदिन पानी की सप्लाई हो सकेगी। इससे पानी की इतनी किल्लत नहीं रहेगी।
- सुरेश कुमार, एसडीओ, जनस्वास्थ्य विभाग
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जिला बनने के बाद चरखी दादरी में हर साल पानी की खपत लगातार बढ़ती जा रही है। इस समय पानी की भंडारण क्षमता मुश्किल से 15 दिन की है, जबकि नहरों में आमतौर पर पानी 24 दिन या कई बार तो एक माह में पहुंचता है। जिसकी वजह से समय- समय पर शहर में पानी की किल्लत हो जाती है। गर्मियों में तो खुद विभाग को पानी के टैंकर लगवाकर पानी की सप्लाई करवानी पड़ती है। लोगों को भी पानी के टैंकर खरीदने पड़ते हैं। इस समस्या के समाधान लिए विभाग ने दोनों जलघरों के मौजूदा वाटर टैंकों के डिजाइन और उनमें पानी की स्टोरेज क्षमता का आकलन कर लिया है। इस आकलन के आधार पर विभाग शहर के दोनों जलघरों में दो नए वाटर टैंक बनाएगा। 1300 लाख लीटर पानी की क्षमता बढ़ने पर विभाग प्रतिदिन शहर में आपूर्ति कर देगा जबकि इस समय एक दिन छोड़कर पानी की सप्लाई की जा रही है।
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शहर में पांच हजार से ज्यादा लोग कैंपर खरीद चला रहे काम
शहर में इस समय करीब 20 से ज्यादा आरओ केंद्र हैं । जहां पानी को फिल्टर कर शहर के बाजारों व घरों में सप्लाई किया जाता है। वाहनों के जरिये सुबह ही आरओ सप्लायर पानी की सप्लाई शुरू कर देते हैं। ऐसे में बाजारों में हर दुकान पर आरओ के पानी की कैन दुकानदार रखवाने को विवश हैं। करीब पांच हजार कैंपर आरओ केंद्र संचालकों द्वारा शहर में रखे जा रहे हैं।
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2700 लाख लीटर है मौजूदा भंडारण क्षमता
इस समय शहर में दो जलघर है। मेन चंपापुरी जलघर की पेयजल क्षमता 2450 लाख लीटर व दूसरे रामनगर जलघर की क्षमता 1250 लाख लीटर है। ऐसे में शहर की कुल पेयजल क्षमता 3700 लाख लीटर है। विभाग ने अब इसे बढ़ाकर पांच हजार लाख लीटर करने की योजना तैयार की है।
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48 घंटे में 48 मिनट भी नहीं हो पा रही जलापूर्ति
इस समय 48 घंटे में मात्र 40 मिनट पेयजल उपभोक्ताओं को पानी मिल रहा है। कई बार बिजली नहीं होने पर आपूर्ति हो ही नहीं पाती। इस स्थिति में लोगों की घरेलू आवश्यकता भी पूरी नहीं हो पाती। ज्यादातर क्षेत्रों के लोग 450 रुपये में पानी के टैंकर खरीदकर काम चला रहे हैं।
फाइल को हेड ऑफिस हमने भेज रखा है और वहां से जल्द ही मंजूरी मिलने की उम्मीद है। शहर में दो नए वाटर टैंक बनाए जाएंगे। इससे शहर में प्रतिदिन पानी की सप्लाई हो सकेगी। इससे पानी की इतनी किल्लत नहीं रहेगी।
- सुरेश कुमार, एसडीओ, जनस्वास्थ्य विभाग