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जिले के प्रमुख गांव चरखी और इमलोटा बनेंगे आदर्श
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गांव चरखी का मुख्य द्वार।
- फोटो : CharkhiDadri
जिले में दो गांव आदर्श बनेंगे। इसके लिए दो करोड़ रुपये का बजट खर्च किया जाएगा। इन गांवों में दादरी के विधायक सोमबीर सांगवान का गांव चरखी और गांव इमलोटा शामिल हैं। दोनों जिले के बड़े गांव हैं। बता दें कि चरखी की आबादी करीब 13 हजार और इमलोटा की आबादी करीब 14 हजार है। इन गांवों में सड़क, दूषित पानी की निकासी व अन्य मूलभूत सुविधाएं मिल सकेंगी। जिले में 172 गांवों में 167 ग्राम पंचायतें हैं। खाप पंचायतों और राजनीतिक महत्व की दृष्टि से दोनों गांव विशेष महत्व रखते हैं।
पिछले सरकारों ने आदर्श गांव बनाने की पहल एवं परंपरा शुरू की थी। इसके तहत राज्य भर में काफी गांवों को चिह्नित कर आदर्श गांव का दर्जा दिया था। इन गांवों में सामान्य गांवों से बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाए जाने पर ध्यान दिया जाता है, ताकि शहरी तर्ज पर इन गांवों में मूलभूत सुविधाएं मिल सके। जिले के गांवों में खासकर दूषित पानी की निकासी की समस्या ज्यादा विकट है। इस वजह सेे गांवों में स्वच्छता की रिपोर्ट भी प्रभावित होती है। गलियां भी जल्दी जवाब दे जाती हैं। गलियों का बार- बार निर्माण करवाना पड़ता है। दूषित पानी निकासी के लिए पक्के नालों के निर्माण की भी जरूरत बनी हुई है।
जिले में 172 गांवों में 167 ग्राम पंचायतें हैं। जिले में इन गांवों को तीन ब्लॉक में बांट रखा है, जिनमें बाढड़ा, दादरी और बाैंद कलां ब्लॉक शामिल हैं। पंचायत विभाग ब्लॉक स्तर पर इन गांवों के विकास की परियोजनाएं तैयार करता है। गांव सरपंचों से प्रस्ताव मांगकर बजट की मंजूरी दी जाती है। अब जिले के गांव चरखी और दादरी- दिल्ली प्रमुख सड़क मार्ग पर स्थित जिले के अंतिम छोर पर बसे गांव इमलोटा को आदर्श गांव का दर्जा देने की पूरी तैयारी है। चरखी मौजूदा विधायक सोमबीर सांगवान का पैतृक गांव है। इस गांव की आबादी करीब 13 हजार है। इसी प्रकार गांव इमलोटा की आबादी भी करीब 14 हजार है। दोनों गांवों का खाप पंचायतों और राजनीतिक दृष्टि से विशेष महत्व है। इमलोटा सतगामा खाप का सबसे बड़ा गांव है। इसी प्रकार चरखी को सांगवान खाप का प्रमुख गांव माना जाता है।
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दो करोड़ रुपये का बजट खर्च होगा
विधायक सोमबीर सांगवान के प्रयासों से इन गांवों को आदर्श गांव का दर्जा दिए जाने की तैयारी है। इन गांवों के विकास पर दो करोड़ रुपये का बजट खर्च होगा। विधायक ने इन गांवों के विकास के लिए दो करोड़ का बजट मंजूर करवाया है। आने वाले कुछ समय में इन गांवों के आदर्श बनाने की प्रक्रिया पर तेजी से काम शुरू होने की उम्मीद है।
आदर्श गांव में होती हैं ये सुविधाएं
आदर्श गांव में पक्की सड़कें एवं गलियां, बिजली व पानी की उचित व्यवस्था, दूषित पानी निकासी की व्यवस्था, गलियों में लाइट की व्यवस्था, शिक्षा, मिनी पार्क, चिकित्सा सुविधाओं में विस्तार पर विशेष फोकस किया जाता है।
दादरी हलके के निर्दलीय विधायक, सोमबीर सांगवान ने कहा कि मैंने गांव चरखी और इमलोटा को आदर्श गांव बनवाने के लिए दो करोड़ का बजट मंजूर करवाया है। जल्द ही इन गांवों के आदर्श बनाने की प्रक्रिया पर काम शुरू हो जाएगा। इन गांवों में ग्रामीणों को सभी जरूरी मूलभूत सुविधाएं मिल सकेंगी।
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पिछले सरकारों ने आदर्श गांव बनाने की पहल एवं परंपरा शुरू की थी। इसके तहत राज्य भर में काफी गांवों को चिह्नित कर आदर्श गांव का दर्जा दिया था। इन गांवों में सामान्य गांवों से बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाए जाने पर ध्यान दिया जाता है, ताकि शहरी तर्ज पर इन गांवों में मूलभूत सुविधाएं मिल सके। जिले के गांवों में खासकर दूषित पानी की निकासी की समस्या ज्यादा विकट है। इस वजह सेे गांवों में स्वच्छता की रिपोर्ट भी प्रभावित होती है। गलियां भी जल्दी जवाब दे जाती हैं। गलियों का बार- बार निर्माण करवाना पड़ता है। दूषित पानी निकासी के लिए पक्के नालों के निर्माण की भी जरूरत बनी हुई है।
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जिले में 172 गांवों में 167 ग्राम पंचायतें हैं। जिले में इन गांवों को तीन ब्लॉक में बांट रखा है, जिनमें बाढड़ा, दादरी और बाैंद कलां ब्लॉक शामिल हैं। पंचायत विभाग ब्लॉक स्तर पर इन गांवों के विकास की परियोजनाएं तैयार करता है। गांव सरपंचों से प्रस्ताव मांगकर बजट की मंजूरी दी जाती है। अब जिले के गांव चरखी और दादरी- दिल्ली प्रमुख सड़क मार्ग पर स्थित जिले के अंतिम छोर पर बसे गांव इमलोटा को आदर्श गांव का दर्जा देने की पूरी तैयारी है। चरखी मौजूदा विधायक सोमबीर सांगवान का पैतृक गांव है। इस गांव की आबादी करीब 13 हजार है। इसी प्रकार गांव इमलोटा की आबादी भी करीब 14 हजार है। दोनों गांवों का खाप पंचायतों और राजनीतिक दृष्टि से विशेष महत्व है। इमलोटा सतगामा खाप का सबसे बड़ा गांव है। इसी प्रकार चरखी को सांगवान खाप का प्रमुख गांव माना जाता है।
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दो करोड़ रुपये का बजट खर्च होगा
विधायक सोमबीर सांगवान के प्रयासों से इन गांवों को आदर्श गांव का दर्जा दिए जाने की तैयारी है। इन गांवों के विकास पर दो करोड़ रुपये का बजट खर्च होगा। विधायक ने इन गांवों के विकास के लिए दो करोड़ का बजट मंजूर करवाया है। आने वाले कुछ समय में इन गांवों के आदर्श बनाने की प्रक्रिया पर तेजी से काम शुरू होने की उम्मीद है।
आदर्श गांव में होती हैं ये सुविधाएं
आदर्श गांव में पक्की सड़कें एवं गलियां, बिजली व पानी की उचित व्यवस्था, दूषित पानी निकासी की व्यवस्था, गलियों में लाइट की व्यवस्था, शिक्षा, मिनी पार्क, चिकित्सा सुविधाओं में विस्तार पर विशेष फोकस किया जाता है।
दादरी हलके के निर्दलीय विधायक, सोमबीर सांगवान ने कहा कि मैंने गांव चरखी और इमलोटा को आदर्श गांव बनवाने के लिए दो करोड़ का बजट मंजूर करवाया है। जल्द ही इन गांवों के आदर्श बनाने की प्रक्रिया पर काम शुरू हो जाएगा। इन गांवों में ग्रामीणों को सभी जरूरी मूलभूत सुविधाएं मिल सकेंगी।