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बारिश से पहले छत या घरों में रखीं अनुपयोगी वस्तुओं का समुचित निस्तारण आवश्यक : मनदीप कौर
Thu, 13 Jun 2024 11:41 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Thu, 13 Jun 2024 11:41 PM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। गर्मी के मौसम में मच्छरजनित रोग जैसे मलेरिया व डेंगू के संक्रमण का खतरा भी बढ़ जाता है। ऐसे में घर के अंदर और आसपास मच्छरों न पनपने पाए इसका विशेष ख्याल रखें। बारिश के मौसम से पहले छत या घरों के अंदर रखीं अनुपयोगी वस्तुओं का समुचित निस्तारण आवश्यक है।
उपायुक्त मनदीप कौर ने कहा कि आमजन को गर्मी के मौसम में मलेरिया, डेंगू आदि से सजग व सतर्क रहना होगा। सरकार द्वारा 30 जून तक मलेरिया रोधी माह मनाया जा रहा है। इस अभियान को सफल बनाने में स्वास्थ्य विभाग का अहम रोल रहेगा। स्वास्थ्य विभाग द्वारा मलेरिया व डेंगू की पुष्टि के लिए जांच की जाएगी। उन्होंने कहा कि ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में बुखार पीड़ित व्यक्तियों को चिह्नित करने की जिम्मेदारी आशा, एएनएम व आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की है। उन्होंने जन समुदाय से अपील की है कि मच्छरों से बचने के लिए पूरी आस्तीन के कपड़े पहनें और सोते समय मच्छरदानी का उपयोग करें। बुखार होने पर निकट के स्वास्थ्य केंद्र पर रक्त की जांच एवं उपचार कराएं। स्वयं से कोई दवा लेकर सेवन न करें।
मलेरिया के ये हैं लक्षण
चिकित्सकों के अनुसार मलेरिया में तेज बुखार से ठंड लगना, उल्टी-दस्त, तेज पसीना आना, शरीर का तापमान 100 डिग्री से ऊपर बढ़ जाना, सिरदर्द होना, शरीर में जलन मलेरिया के लक्षण हैं। मलेरिया से बचाव के लिए घर के आसपास पानी को एकत्रित न होने दें। सोते समय मच्छरदानी का इस्तेमाल करें। नीम के पत्ती का धुआं करें। बुखार होने पर तुरंत जांच कराएं, अगर जांच में मलेरिया पाया जाता है तो पूरे 14 दिन तक गोली खाएं।
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डेंगू के ये हैं लक्षण
डेंगू की शुरुआत तेज बुखार और सिरदर्द व पीठ में दर्द से होती है। शुरू के दिनों में शरीर के जोड़ों में दर्द होता है और आंखें लाल हो जाती हैं। डेंगू बुखार दो से चार दिनों तक होता है, उसके बाद शरीर का तापमान धीरे-धीरे अपने आप सामान्य होने लगता है। बुखार के साथ ही साथ शरीर में खून की कमी होने लगती है। डेंगू से बचने के लिए मच्छरों के प्रकोप से बचना चाहिए।
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चरखी दादरी। गर्मी के मौसम में मच्छरजनित रोग जैसे मलेरिया व डेंगू के संक्रमण का खतरा भी बढ़ जाता है। ऐसे में घर के अंदर और आसपास मच्छरों न पनपने पाए इसका विशेष ख्याल रखें। बारिश के मौसम से पहले छत या घरों के अंदर रखीं अनुपयोगी वस्तुओं का समुचित निस्तारण आवश्यक है।
उपायुक्त मनदीप कौर ने कहा कि आमजन को गर्मी के मौसम में मलेरिया, डेंगू आदि से सजग व सतर्क रहना होगा। सरकार द्वारा 30 जून तक मलेरिया रोधी माह मनाया जा रहा है। इस अभियान को सफल बनाने में स्वास्थ्य विभाग का अहम रोल रहेगा। स्वास्थ्य विभाग द्वारा मलेरिया व डेंगू की पुष्टि के लिए जांच की जाएगी। उन्होंने कहा कि ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में बुखार पीड़ित व्यक्तियों को चिह्नित करने की जिम्मेदारी आशा, एएनएम व आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की है। उन्होंने जन समुदाय से अपील की है कि मच्छरों से बचने के लिए पूरी आस्तीन के कपड़े पहनें और सोते समय मच्छरदानी का उपयोग करें। बुखार होने पर निकट के स्वास्थ्य केंद्र पर रक्त की जांच एवं उपचार कराएं। स्वयं से कोई दवा लेकर सेवन न करें।
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मलेरिया के ये हैं लक्षण
चिकित्सकों के अनुसार मलेरिया में तेज बुखार से ठंड लगना, उल्टी-दस्त, तेज पसीना आना, शरीर का तापमान 100 डिग्री से ऊपर बढ़ जाना, सिरदर्द होना, शरीर में जलन मलेरिया के लक्षण हैं। मलेरिया से बचाव के लिए घर के आसपास पानी को एकत्रित न होने दें। सोते समय मच्छरदानी का इस्तेमाल करें। नीम के पत्ती का धुआं करें। बुखार होने पर तुरंत जांच कराएं, अगर जांच में मलेरिया पाया जाता है तो पूरे 14 दिन तक गोली खाएं।
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डेंगू के ये हैं लक्षण
डेंगू की शुरुआत तेज बुखार और सिरदर्द व पीठ में दर्द से होती है। शुरू के दिनों में शरीर के जोड़ों में दर्द होता है और आंखें लाल हो जाती हैं। डेंगू बुखार दो से चार दिनों तक होता है, उसके बाद शरीर का तापमान धीरे-धीरे अपने आप सामान्य होने लगता है। बुखार के साथ ही साथ शरीर में खून की कमी होने लगती है। डेंगू से बचने के लिए मच्छरों के प्रकोप से बचना चाहिए।