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Charkhi Dadri News: मनोरोगियों के लिए नहीं वार्ड, सामान्य में किए जा रहे भर्ती
Sun, 19 Jan 2025 01:05 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Sun, 19 Jan 2025 01:05 AM IST
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मनोरोग विशेषज्ञ के पास उपचार कराने पहुंचा मरीज।
चरखी दादरी। नागरिक अस्पताल में मनोरोगियों के लिए वार्ड की व्यवस्था नहीं है। इसके चलते इन मरीजों को सामान्य वार्डाें में ही भर्ती करना पड़ रहा है। नियमानुसार इन रोगियों के लिए अलग से वार्ड होना चाहिए जबकि वहां स्टाफ भी इसी विभाग का तैनात होना चाहिए। वहीं, स्थानीय अधिकारियों का कहना है कि मातृ-शिशु अस्पताल में मनोरोग वार्ड तैयार किया जा रहा है। इसके अलावा वहां नशा मुक्ति केंद्र भी बनाया जाएगा।
बता दें कि नागरिक अस्पताल में करीब डेढ़ माह पहले ही डॉ. राममेहर की मनोरोग विशेषज्ञ के तौर पर नियुक्ति हुई है। नियुक्ति होते ही मनाेरोग विभाग ने ओपीडी चालू कर दी थी। शुरुआती सप्ताह जहां प्रतिदिन छह से सात मरीज पहुंचे तो अब डेढ़ माह के अंदर इन रोगियों की संख्या 25 का आंकड़ा पार कर गई। बढ़ती ओपीडी के मद्देनजर मनोरोग विभाग ने भी संसाधन जुटाने की कवायद शुरू कर दी है। इसके अलावा मनोरोग वार्ड की व्यवस्था भी की जा रही है।
दरअसल, नागरिक अस्पताल में मनोरोगियों के उपचार की सुविधा तो शुरू हो गई है, लेकिन अब तक इस रोग से ग्रस्त मरीजों के लिए अलग से वार्ड नहीं बनाया गया है। मजबूरीवश स्टाफ सामान्य वार्डाें में ही मनोरोगियों को भर्ती कर काम चला रहा है। हालांकि स्थानीय अधिकारियों का कहना है कि यह वैकल्पिक व्यवस्था कुछ दिनों के लिए ही है। मातृ-शिशु अस्पताल में नशा मुक्ति केंद्र और मनोरोगियों का वार्ड भी बनाया जा रहा है। जल्द ही दोनों सुविधाएं शुरू कर दी जाएंगी। इसके बाद समस्या नहीं रहेगी।
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तनाव, बेचैनी व नशे की लत से ग्रस्त मरीज ज्यादा
डॉ. राममेहर और डॉ. प्रवेश ने बताया कि मनोरोगों का उपचार कराने फिलहाल प्रतिदिन करीब 25 मरीज पहुंच रहे हैं। इनमें तनाव, बेचैनी और नशा की लत से ग्रस्त केस ज्यादा हैं। मरीज की काउंसिलिंग कर उपचार शुरू किया जाता है। कुछ केस ऐसे होते हैं जिन्हें भर्ती करने की जरूरत पड़ती है और उनकी निगरानी रखी जाती है। फिलहाल तीन मरीजों को सामान्य वार्डाें में भर्ती किया गया है।
नशा मुक्ति केंद्र के लिए मांगा ये स्टाफ
पद - संख्या
साइकेट्रिस्ट-1
प्रशिक्षित मेडिकल ऑफिसर-1
मेडिकल ऑफिसर-1
काउंसलर-1
स्टाफ नर्स-4
सुरक्षा कर्मी-1
मातृ-शिशु अस्पताल में नशा मुक्ति केंद्र बनाया जा रहा है। वहीं मनोरोगियों के लिए भी वार्ड की व्यवस्था की जाएगी। जरूरी दवाओं और स्टाफ की डिमांड भी मुख्यालय भेजी जा चुकी है। प्रयास है कि जल्द से जल्द नशा मुक्ति केंद्र और मनोरोगियों को वार्ड सुविधा मुहैया करवा दी जाए।
डॉ. प्रवेश, मनोरोग विभाग, नागरिक अस्पताल
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बता दें कि नागरिक अस्पताल में करीब डेढ़ माह पहले ही डॉ. राममेहर की मनोरोग विशेषज्ञ के तौर पर नियुक्ति हुई है। नियुक्ति होते ही मनाेरोग विभाग ने ओपीडी चालू कर दी थी। शुरुआती सप्ताह जहां प्रतिदिन छह से सात मरीज पहुंचे तो अब डेढ़ माह के अंदर इन रोगियों की संख्या 25 का आंकड़ा पार कर गई। बढ़ती ओपीडी के मद्देनजर मनोरोग विभाग ने भी संसाधन जुटाने की कवायद शुरू कर दी है। इसके अलावा मनोरोग वार्ड की व्यवस्था भी की जा रही है।
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दरअसल, नागरिक अस्पताल में मनोरोगियों के उपचार की सुविधा तो शुरू हो गई है, लेकिन अब तक इस रोग से ग्रस्त मरीजों के लिए अलग से वार्ड नहीं बनाया गया है। मजबूरीवश स्टाफ सामान्य वार्डाें में ही मनोरोगियों को भर्ती कर काम चला रहा है। हालांकि स्थानीय अधिकारियों का कहना है कि यह वैकल्पिक व्यवस्था कुछ दिनों के लिए ही है। मातृ-शिशु अस्पताल में नशा मुक्ति केंद्र और मनोरोगियों का वार्ड भी बनाया जा रहा है। जल्द ही दोनों सुविधाएं शुरू कर दी जाएंगी। इसके बाद समस्या नहीं रहेगी।
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तनाव, बेचैनी व नशे की लत से ग्रस्त मरीज ज्यादा
डॉ. राममेहर और डॉ. प्रवेश ने बताया कि मनोरोगों का उपचार कराने फिलहाल प्रतिदिन करीब 25 मरीज पहुंच रहे हैं। इनमें तनाव, बेचैनी और नशा की लत से ग्रस्त केस ज्यादा हैं। मरीज की काउंसिलिंग कर उपचार शुरू किया जाता है। कुछ केस ऐसे होते हैं जिन्हें भर्ती करने की जरूरत पड़ती है और उनकी निगरानी रखी जाती है। फिलहाल तीन मरीजों को सामान्य वार्डाें में भर्ती किया गया है।
नशा मुक्ति केंद्र के लिए मांगा ये स्टाफ
पद - संख्या
साइकेट्रिस्ट-1
प्रशिक्षित मेडिकल ऑफिसर-1
मेडिकल ऑफिसर-1
काउंसलर-1
स्टाफ नर्स-4
सुरक्षा कर्मी-1
मातृ-शिशु अस्पताल में नशा मुक्ति केंद्र बनाया जा रहा है। वहीं मनोरोगियों के लिए भी वार्ड की व्यवस्था की जाएगी। जरूरी दवाओं और स्टाफ की डिमांड भी मुख्यालय भेजी जा चुकी है। प्रयास है कि जल्द से जल्द नशा मुक्ति केंद्र और मनोरोगियों को वार्ड सुविधा मुहैया करवा दी जाए।
डॉ. प्रवेश, मनोरोग विभाग, नागरिक अस्पताल